हनुमानगढ़

मदन अरोड़ा.सड़क सुरक्षा जीवित रहने के लिए जरूरी बुनियादी कौशल है. सड़क और परिवहन आज जीवन का अभिन्न अंग बन चुके हैं. हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में सड़क उपयोगकर्ता है. वर्तमान परिवहन प्रणाली ने दूरियों को अवश्य कम किया है, लेकिन दूसरी ओर इसने मानव जीवन के जोखिम को भी बढ़ा दिया है. हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोगों की जान चली जाती है और लाखों लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं. भारत में हर वर्ष करीब दो लाख लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं, जो पूरी दुनिया में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली कुल मौतों का लगभग 13 प्रतिशत है. अधिकांश दुर्घटनाओं में चालक की भूमिका प्रमुख होती है या फिर सड़क उपयोगकर्ताओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी के कारण हादसे होते हैं. इसीलिए सड़क सुरक्षा शिक्षा, जीवित रहने के लिए किसी भी अन्य बुनियादी कौशल की तरह ही आवश्यक है. चालकों को यह समझने की जरूरत है कि गाड़ी चलाते समय केवल उनकी ही नहीं, बल्कि दूसरों की जान भी उतनी ही अनमोल होती है. राज्यसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं, जिनमें औसतन 1 लाख 80 हजार लोगों की जान चली जाती है. इनमें से 66 प्रतिशत मौतें 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की होती हैं. यदि राजस्थान की बात करें, तो यहाँ हर साल 24 से 25 हजार सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 11 से 12 हजार लोगों की मौत हो जाती है. इनमें जान गंवाने वालों में युवा वर्ग प्रमुख है. हादसों के प्रमुख कारण तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और कुछ हद तक खराब सड़कें हैं. आँकड़ों के अनुसार 83 प्रतिशत हादसे ओवरस्पीड, जबकि 11 प्रतिशत हादसे नशे, खतरनाक और लापरवाह ड्राइविंग के कारण होते हैं. राजमार्गों पर कई ब्लैक स्पॉट हैं, जहाँ बार-बार दुर्घटनाएँ होती हैं. इन हादसों में पैदल यात्री और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, जो कुल मृतकों और घायलों का आधे से अधिक हिस्सा हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सड़क हादसों पर चिंता व्यक्त करते हुए वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग को जानलेवा बताया है.उन्होंने तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने को हादसों का मुख्य कारण बताया. वहीं हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भी तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों को खतरनाक मानते हुए निर्देश दिए हैं कि पैदल यात्री या मवेशी दिखाई देने पर वाहन की गति तुरंत धीमी की जाए. सरकार के प्रयास और ज़रूरी सुधार वर्तमान सरकारी पहल मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के माध्यम से सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कानून बनाए हैं. तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग के मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण रद्द किए जाने का प्रावधान किया गया है. सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, जो हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा और शराब पीकर वाहन न चलाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं. तकनीकी स्तर पर V2V (Vehicle to Vehicle) तकनीक लाने की योजना है, जिससे वाहन आपस में संवाद कर सकेंगे और कोहरे जैसी परिस्थितियों में दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा.सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत सड़क सुरक्षा परिषद, सड़क सुरक्षा कोष और स्कूल पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा शिक्षा को शामिल किया गया है. और क्या किया जाना चाहिए कठोर कानून और प्रभावी प्रवर्तन, शहरी क्षेत्रों में गति सीमा का सख्ती से पालन, आवासीय और स्कूल क्षेत्रों में विशेष नियंत्रण, जगह-जगह जेब्रा लाइन, बेहतर बुनियादी ढाँचा, पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ और साइकिल चालकों के लिए अलग लेन बनाई जानी चाहिए. शराब पीकर वाहन चलाने पर रोक के लिए राजमार्गों पर शराब बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है. समय-समय पर वाहनों का निरीक्षण हो और अधिक चालान होने पर नियमानुसार लाइसेंस व पंजीकरण रद्द किए जाएँ. पांच दृष्टिकोण : सड़क सुरक्षा पर 5 सशक्त आवाज़ें *अनिल चिंदा ( यातायात पुलिस निरीक्षक, हनुमानगढ़)- हनुमानगढ़ के यातायात पुलिस निरीक्षक अनिल चिंदा पूरी शिद्दत और संवेदनशिलता के साथ लोगों को जागरूक करने में लगे हैं. वे चालान भी करते हैं और चालकों को नसीहत भी देते हैं. स्कूलों में जाकर बच्चों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी दे,उन्हें अपने परिजनों और अपने आसपास के अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने के लिए प्रेरित करते हैं. नाबालिग़ किशोरों को सख्त हिदायत देते हैं कि वाहन न चलाएं, क्योंकि यह अपराध है और इससे उन्हें वाहन देने के लिए उनके अभिभावक भी इस अपराध के लिए जिम्मेदार माने जाएंगे.यातायात पुलिस निरीक्षक चालकों को समझाते हैं कि तेज गति यानी जीवन की क्षति. गाड़ी चलाते समय ध्यान रखें कि आपका और दूसरों का जीवन अनमोल है.दुर्घटना से देर भली. गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें. शराब पीकर गाड़ी न चलाएं. यातायात नियमों का पालन करें. अनिल चिंदा दिन भर अपनी टीम के साथ सड़क हादसों से कैसे बचा जाए, इसके लिए लोगों को समझाइस कर अतिक्रमणों को हटवाते हैं. रिडकोर और पी डबल्यू डी वालों से मिल जरूरत के हिसाब से जेब्रा लाइन, स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप्स बनवाते हैं. अनिल चिंदा कहते हैं - दूसरों की जान बचा कर हम अपनी जान को भी बचाएं. जाने वाला चला जाता है लेकिन जो पीछे रह जाता है, उस पर दुखों और तकलीफों का पहाड़ टूट जाता है. इसलिए गाड़ी चलाते समय खुद भी बचें और दूसरों को भी बचाएं.ध्यान रहे कि सड़क सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं जीवन बचाने वाला व्यवहार है.सड़क सुरक्षा से हादसे कम होते हैं और मानव जीवन सुरक्षित रहता है. इसलिए यातायात नियमों का पालन अवश्य करें. *एडवोकेट सुरेन्द्र दादरी ( पूर्व जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस, हनुमानगढ़)- एडवोकेट सुरेन्द्र दादरी के अनुसार सड़क सुरक्षा, मतलब सड़क पर सुरक्षित रहना. जिसके लिए ट्रैफ़िक नियमों का पालन (सिग्नल, स्पीड लिमिट), हेलमेट/सीट बेल्ट पहनना, गाड़ी चलाते समय फोन से बचना और पैदल चलते समय फुटपाथ/जेब्रा लाईन का उपयोग करना जरूरी है. इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं से बचना और जीवन की रक्षा करना है. क्योंकि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी.. और सड़क सुरक्षा, जीवन की रक्षा. सड़क सुरक्षा एक जिम्मेदारी है, जो हर व्यक्ति को अपनानी चाहिए. ताकि सड़कों पर हर कोई सुरक्षित रह सके. *वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज डोडा- अनुज डोडा कहते हैं कि भारत में सड़क सुरक्षा एक बहुत गंभीर सामाजिक मुद्दा है, क्योंकि हर साल सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग घायल होते हैं या अपनी जान गंवाते हैं। इसीलिए सरकार ने 2019 में मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम (Motor Vehicles (Amendment) Act, 2019) लागू किया, ताकि सड़क सुरक्षा सुधारी जा सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके.सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए हम सभी को कुछ ज़रूरी बातों का पालन करना चाहिए: मूल सुरक्षित व्यवहार * अपनी गति सीमा में वाहन चलाएँ – तेज गति दुर्घटना का मुख्य कारण होती है. * दूसरों को रास्ता दें, खासकर एम्बुलेंस, पुलिस और फायर सर्विस जैसे आपात वाहन को, पैदल चलने वालों और मवेशियों को भी पहले निकलने दें. * मोबाइल फोन का उपयोग न करें चलते समय यह ध्यान भटकाता है और हादसे का कारण बनता है. * ट्रैफिक सिग्नल, निशान और संकेतों का पालन करें. * हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें – यह घायल होने का जोखिम काफी घटाता है और हेलमेट न पहनने व सीट बेल्ट न बाँधने पर जुर्माना लग सकता है. * शराब या नशे की स्थिति में वाहन न चलाएँ. यह जानलेवा साबित हो सकता है. * नाबालिग़ द्वारा वाहन चलाना एवं नाबालिग़ को वाहन देना, अपराध है. इससे बचें. * तेज गति, नशे में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल, अपराध है. अलग अलग मामलों में 5000 से 10000 रूपये तक जुर्माना और लाइसेंस भी रद्द हो सकता है. * वैध दस्तावेज साथ रखें, बिना लाइसेंस के ड्राइविंग न करें.अन्यथा भारी जुर्माना देना पड़ सकता है. इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करना आपकी और दूसरों की जान बचा सकता है. सड़क सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं, जीवन बचाने वाला व्यवहार है. *वरिष्ठ सर्जन डॉ. निशांत बत्रा : तेज रफ्तार, नशा और मोबाइल—जान के दुश्मन वरिष्ठ सर्जन डॉ. निशांत बत्रा का कहना है कि सड़क हादसे आज एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुके हैं. एक सर्जन के रूप में वे रोज़ ऐसे मरीज देखते हैं, जो तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग का शिकार होते हैं. उनके अनुसार तेज गति में टक्कर होने पर शरीर पर पड़ने वाला आघात इतना तीव्र होता है कि सिर, रीढ़ और अंदरूनी अंगों को अपूरणीय क्षति पहुँचती है. कई मामलों में मरीज को अस्पताल पहुँचाने के बाद भी बचा पाना संभव नहीं हो पाता. डॉ. बत्रा बताते हैं कि नशे की हालत में वाहन चलाने से चालक की प्रतिक्रिया क्षमता लगभग समाप्त हो जाती है. ब्रेक लगाने में देरी और दूरी का गलत आकलन हादसे को न्योता देता है. वहीं वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग कुछ सेकंड के लिए भी ध्यान भटकाता है, जो कई जिंदगियों को तबाह कर देता है.अस्पताल में आने वाले कई मरीजों की एक ही गलती होती है—चलती गाड़ी में मोबाइल का इस्तेमाल. वे स्पष्ट करते हैं कि हेलमेट और सीट बेल्ट का सही उपयोग जीवन और मृत्यु के बीच अंतर तय करता है. डॉ. निशांत बत्रा का संदेश साफ है—तेज रफ्तार समय नहीं बचाती, नशा समझ छीन लेता है और मोबाइल ध्यान भटका देता है। इनसे दूरी ही सुरक्षित जीवन की गारंटी है. * वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम बंसल - प्रेम बंसल,राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर चिंतित हैं. उनके अनुसार राजस्थान में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं. जिसमें सैंकड़ो जाने जा रही हैं. हनुमानगढ़ क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है. यहां सड़क हादसों की संख्या अत्याधिक बढ़ गई है जो कि चिंताजनक है. वाहनों की संख्या भी प्रतिदिन बढ़ रही है और उसी तेजी से बढ़ रही है हादसों की संख्या. हमारे चारों ओर लगभग हाईवे जैसी चौड़ी सड़कें हैं. चौड़ी सड़कें आरामदायक और गड्ढा रहित हैं. इस हिसाब से यहां हादसे नहीं होने चाहिए. लेकिन अंधाधुंध गति से चलते वाहनों की वजह से ये सड़कें क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान नहीं, अभिशाप बन गई हैं. हर साल दर्जनों नौजवान काल का ग्रास बन रहे हैं. दर्जनों लोग अपाहिज हो रहे हैं. जो कि चिंतनीय है. वाहनों की गति सीमा पर कोई नियंत्रण नहीं. अधिकांश वाहन अनफिट हैं व अधिकांश लोगों के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है. परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार के कारण लाइसेंस भी आसानी से उपलब्ध हैं. चाहे चालक वाहन भी न चलाना जानता हो. जो कि अत्यंत घातक है. परिवहन विभाग और पुलिस कई बार अवैध नाके लगा लेते हैं. जिससे भी कई हादसे होते हैं. वाहन चालक वाहन रोकते समय आधा सड़क पर ही रोक देते हैं. जिससे तेज गति से आ रहे वाहन भिड़ जाते हैं. यातायात पुलिस केवल ड्राइविंग लाइसेंस ही चैक कर ले तो छोटे वाहनों की बड़ी भीड़ सड़क से हट जाएगी. हमारे यहां यातायात पुलिस इसके लिए काफ़ी प्रयासरत रहती है. शेष क्षेत्रों की पुलिस इनका अनुसरण कर ले तो हादसों में कमी आ सकती है.सड़क सुरक्षा अमूल्य मानव जीवन को बचाने के लिए जरूरी है. निष्कर्ष सड़क सुरक्षा कोई औपचारिक नियम नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा का संकल्प है. हादसे कम करने के लिए सरकार, प्रशासन और आमजन—तीनों की जिम्मेदारी समान है। याद रखें— सड़क सुरक्षा से ही जीवन सुरक्षित रहता है.
मदन अरोड़ा.राजस्थान के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा मेडिकल स्टोर के नए लाइसेंस और लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दुकान का व्यावसायिक पट्टा अनिवार्य किए जाने का हालिया आदेश प्रदेश भर में दवा विक्रेताओं के लिए गंभीर चिंता और आक्रोश का कारण बन गया है। बिना ज़मीनी हकीकत और दूरगामी परिणामों पर विचार किए लागू किया गया यह फैसला न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि दवा आपूर्ति जैसी अत्यंत संवेदनशील और जीवन रक्षक व्यवस्था को भी संकट में डालने वाला प्रतीत होता है। ऐसे में दवा विक्रेताओं का विरोध स्वाभाविक ही नहीं, बल्कि आवश्यक भी कहा जा सकता है। इस निर्णय का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह है कि इससे प्रदेश के लगभग 35 हजार मौजूदा मेडिकल स्टोर सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही, दवा व्यवसाय में नए लोगों के प्रवेश के रास्ते भी लगभग बंद हो जाएंगे। राजस्थान की सामाजिक और भौगोलिक संरचना को देखें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि अधिकांश मेडिकल स्टोर मोहल्लों, आवासीय क्षेत्रों, गांवों और छोटे कस्बों में ही संचालित होते हैं। इन इलाकों में न तो व्यावसायिक पट्टों का प्रचलन है और न ही भवन मालिक व्यावसायिक कन्वर्जन कराने में रुचि दिखाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर है। गांवों में व्यावसायिक क्षेत्र नाममात्र के होते हैं। ऐसे में यदि व्यवसायिक पट्टे को दवा लाइसेंस की अनिवार्य शर्त बना दिया गया, तो न तो वहां नए मेडिकल स्टोर खुल पाएंगे और न ही वर्षों से संचालित स्टोर अपना अस्तित्व बनाए रख सकेंगे। इसका सीधा असर आमजन पर पड़ेगा, जिन्हें रोजमर्रा की दवाइयों के लिए दूर-दराज भटकना पड़ेगा। विभाग यह तर्क दे सकता है कि इस फैसले से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी, लेकिन वास्तविकता इसके ठीक उलट हो सकती है। वर्तमान में प्रदेश में हर साल करीब एक हजार नए मेडिकल स्टोर खुलते हैं। नए नियम लागू होने के बाद इनमें से बमुश्किल दस प्रतिशत, यानी करीब सौ स्टोर ही खुल पाएंगे। इससे न केवल राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं होगी, बल्कि मेडिकल स्टोर बंद होने की स्थिति में सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा, लाइसेंस प्रक्रिया में जटिलता बढ़ने से भ्रष्टाचार की आशंकाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं कारणों से हनुमानगढ़ जिले के दवा विक्रेताओं ने इस तुगलकी फैसले के खिलाफ संगठित होकर विरोध का बिगुल फूंक दिया है। जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम सेतिया के नेतृत्व में 8 जनवरी को दवा विक्रेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नए दवा लाइसेंस, लाइसेंस नवीनीकरण और पुराने लाइसेंस की समीक्षा के दौरान व्यवसायिक उपयोग कन्वर्जन को अनिवार्य किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। दवा विक्रेताओं ने बताया कि 29 दिसंबर को आयुक्तालय द्वारा जारी निर्देश में नए दवा लाइसेंस, नवीनीकरण एवं पुराने लाइसेंस की समीक्षा के समय व्यवसायिक उपयोग कन्वर्जन की शर्त लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय प्रदेश भर में संचालित दवा व्यवसाय पर गंभीर, अव्यावहारिक और दूरगामी नकारात्मक प्रभाव डालेगा। पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम सेतिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान के अधिकांश कस्बों और शहरों में दवा दुकानें कृषि अथवा आवासीय भूमि पर वर्षों से संचालित हैं। इन दुकानों के भूभाग सड़क या मुख्य मार्ग पर खुलते हैं और यही उनकी व्यवहारिकता का आधार है। यदि दवा लाइसेंस के लिए व्यावसायिक कन्वर्जन को अनिवार्य कर दिया गया, तो प्रदेश की बड़ी संख्या में दवा दुकानें बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दवा कोई सामान्य व्यापारिक वस्तु नहीं, बल्कि जीवन रक्षक और आवश्यक वस्तु है। ऐसे में दवा व्यवसाय पर अतिरिक्त और अव्यावहारिक शर्तें थोपना जनहित के बिल्कुल विपरीत है। केमिस्टों ने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो दवा आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इसका सीधा और गंभीर असर आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान इंद्र सिंह राठौर, जितेश गोयल, जय कृष्ण चावला, सतीश कटारिया, नरेंद्र मिढ़ा, मांगी लाल, बलराज सिंह, राय साहेब आहूजा, राजेश गुप्ता, अमित मिगलानी, अंकित अरोड़ा, मोनू नागपाल, महबूब खान, विनोद कुक्कड़, साहिल गर्ग, विपन तनेजा और वीरेंद्र सिड़ाना सहित बड़ी संख्या में दवा विक्रेता मौजूद रहे। चिकित्सा क्षेत्र से भी इस फैसले को अव्यावहारिक बताया जा रहा है। सर्जन डॉ. निशांत बत्रा के अनुसार, मेडिकल स्टोर के नए लाइसेंस और नवीनीकरण के लिए दुकान का व्यवसायिक पट्टा अनिवार्य करना कानूनी दृष्टि से भले ही सही प्रतीत होता हो, लेकिन व्यावहारिक रूप से यह बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि 70 से 80 प्रतिशत मेडिकल स्टोर आवासीय इलाकों में खुले हुए हैं और ये स्टोर गरीब व मध्यम वर्ग की आबादी की मेडिकल जरूरतों को पूरा करते हैं। नए भवन विनियमों में सरकार ने आवासीय क्षेत्रों में डॉक्टर, वकील और इंजीनियर को अपनी प्रैक्टिस की अनुमति दी है। इसी तरह मेडिकल स्टोर को भी इस निर्णय में छूट दी जानी चाहिए, जिससे आमजन का हित सुरक्षित रह सके। डॉ. बत्रा ने यह भी कहा कि यदि इस निर्णय के पीछे सरकार की मंशा नशे पर लगाम लगाने की है, तो इसका समाधान व्यवसायिक पट्टा अनिवार्य करना नहीं है। इसके लिए दवाओं की बिक्री और खरीद से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन और प्रभावी मॉनिटरिंग की आवश्यकता है। दवा विक्रेता जय कृष्ण चावला ने भी नियमों में संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, व्यवसायिक कन्वर्जन के आधार पर ड्रग लाइसेंस जारी करने के नियम से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में नए लाइसेंस जारी होना लगभग असंभव हो जाएगा, क्योंकि गांवों में व्यावसायिक क्षेत्र ही नहीं हैं। शहरी इलाकों में भी जो मेडिकल स्टोर आवासीय क्षेत्रों में खुले हुए हैं, उनमें यदि कभी संविधान परिवर्तन या स्थान परिवर्तन करना पड़ा, तो वे नए नियमों को पूरा नहीं कर पाएंगे और अंततः दुकान बंद करने की नौबत आ जाएगी। इसका नतीजा यह होगा कि लोगों को दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि यह फैसला कहीं न कहीं बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने या केवल राजस्व बढ़ाने की मंशा से लिया गया है। यदि ऐसा नहीं है, तो सरकार को इस नियम को वापस लेना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां व्यावसायिक पट्टा उपलब्ध नहीं है, वहां आवासीय क्षेत्र में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया जा सकता है, ताकि इस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोग बेरोजगार न हों। कुल मिलाकर, यह फैसला न तो जनहित में है और न ही व्यवहारिक वास्तविकताओं के अनुरूप। दवा जैसी जीवन रक्षक सेवा को कठोर प्रशासनिक शर्तों में जकड़ना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकता है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जनभावना, विरोध और व्यावहारिक तर्कों को देखते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे और दवा विक्रेताओं तथा आमजन को राहत देने वाले आदेश जारी करेंगे।
12 जनवरी को कर्मचारियों की जयपुर में महारैली हनुमानगढ़। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जिला महासमिति हनुमानगढ़ की जिला अध्यक्ष चंद्रभान ज्याणी के नेतृत्व में हनुमानगढ़ टाउन स्थित पंचायत समिति सहित विभिन्न राजकीय कार्यालयों में 12 जनवरी 2026 की चेतावनी महारैली हेतु कर्मचारियों के बीच संपर्क अभियान चलाया। जिलाध्यक्ष ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की संवादहीनता और संवेदनहीनता के चलते महासंघ सात संकल्प को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हुआ है। कर्मचारी अपने आक्रोश का इजहार 12 जनवरी को जयपुर की सड़कों पर करेंगे। सात संकल्पों की सिद्धि तक महासंघ संघर्ष करेगा। इसके लिए राजस्थान के गांव गांव ढाणी ढाणी में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। महारैली में कर्मचारियों के साथ साथ आम जनता की भी भागीदारी रहेगी। जिला मंत्री राम निवास ने कर्मचारियों के समक्ष महासंघ के संकल्प दोहराते हुए कहा कि सरकार जनता व कर्मचारियों के बीच खाई पैदा कर रही है। कर्मचारियों को उनके मूल कार्य को करने से वंचित किया जा रहा है। ग्राम विकास अधिकारी नरेश कुमार ने कहा कि कर्मचारियों पर लगातार अलग अलग तरह के काम थोपे जा रहे हैं। पिछले कई महीनों से कर्मचारी बिना किसी अवकाश के मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान सहित अलग-अलग शिविरों में अपनी उपस्थिति देने के कारण सरकार से निराश हैं। उन्होंने निराशा एवं संवादहीनता की स्थिति को तोड़ने के लिए 12 जनवरी को बड़ी संख्या में जयपुर पहुंचने की अपील की। सम्पर्क अभियान में इंद्रजीत शर्मा जिला अध्यक्ष मंत्रालयिक कर्मचारी संध व ग्राम विकास अधिकारी नरेश कुमार ने भी सम्बोधित किया इस अवसर पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी अमरजीत सिंह, राजकुमार बंसल, जयप्रकाश पारीक, छोटेलाल, आनंदकुमार, रजनीश कुमार श्री अशोक शर्मा व अन्य अधिकारियों - कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रमुख मांगें (सात संकल्प): पदोन्नति विसंगति दूर करना और 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष की सेवा पर चयनित वेतनमान लागू करना। वेतन विसंगति दूर कर केंद्र के समान वेतनमान स्वीकृत करवाना। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की सुरक्षा सुनिश्चित करना। संविदा एवं मानदेय कर्मियों का नियमितीकरण। पारदर्शी स्थानांतरण नीति और तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करवाना। सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाना। कर्मचारियों के मान-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा सुनिश्चित करना।
हनुमानगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती पहचान और रोकथाम के लिए 'प्रारंभिक कैंसर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविरोंÓ का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत बुधवार को सीएचसी संगरिया में शिविर आयोजित कर आमजन को लाभान्वित किया गया। शिविर में 111 लोगों ने 274 प्रकार की जांचें करवाई गई। अब गुरुवार 8 जनवरी को उपजिला अस्पताल नोहर एवं एवं 9 जनवरी को उपजिला अस्पताल भादरा में मोबाइल कैंसर निदान वैन द्वारा जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि बुधवार 7 जनवरी को सीएचसी संगरिया में प्रारंभिक कैंसर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। मोबाइल कैंसर निदान वैन ने शिविर में 111 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। कैम्प में जिला अस्पताल के डॉ. प्रेम कुमार, शिविर प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर निहारिका, नर्सिंग ऑफिसर लोचन स्वामी, रेडियोग्राफर हिमानी कटारिया, वैन आपरेटर राजेन्द्र बिश्नोई, एनसीडी ऑपरेटर संदीप, डाटा हैल्पर सुनील उपस्थित रहे। डॉ. शर्मा ने बताया कि आज शिविर में 111 रोगियों की 274 प्रकार की जांच की गई, जिसमें ईएनटी के 12, एक्स-रे के 9, मैमोग्राफी के 16, जनरल जांच के 111, पीबीई के 98, पीएस-पीवी के 14, वीआईए की 14 जांच की जांच की गई। 8 मरीजों को इलाज के लिए उच्च संस्थान पर रैफर किया गया। डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से अपील की कि यदि कैंसर की पहचान पहले चरण में हो जाए, तो इसका उपचार पूरी तरह संभव है। अक्सर देरी से जांच होने के कारण मामले गंभीर हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने घर के नजदीक ही स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। जिलेवासियों से अपील है कि इन शिविरों में पहुंचकर जांच अवश्य करवाएं। विशेषकर वे लोग जिन्हें लंबे समय से कोई गांठ, न भरने वाला घाव या शरीर में असामान्य परिवर्तन महसूस हो रहा हो, वे अनिवार्य रूप से अपनी जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि शिविरों में आने वाले नागरिकों की कैंसर विशेषज्ञों और प्रशिक्षित मेडिकल टीम द्वारा शुरुआती जांच की जा रही है। संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर मरीजों को आगे के उपचार और जांच के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों को खान-पान, जीवनशैली और नशामुक्त रहने के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि कैंसर के जोखिम को कम किया जा सके। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि 8 जनवरी को उपजिला अस्पताल नोहर एवं एवं 9 जनवरी को उपजिला अस्पताल भादरा में मोबाइल कैंसर निदान वैन द्वारा जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मदन अरोड़ा.सोमवार सुबह हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पूरे प्रशासनिक तंत्र में अफरा-तफरी मच गई. जैसे ही कर्मचारी, अधिकारी और वकील कलेक्ट्रेट पहुँचे, उन्हें तुरंत परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए. एहतियातन न केवल कलेक्ट्रेट, बल्कि उससे सटे न्यायालय परिसर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भी खाली करवाया गया. प्रवेश द्वारों पर पुलिस तैनात कर दी गई और सघन जांच शुरू की गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर से एटीएस की टीम भी बुलाई गई.एहतियातन दो 108 एम्बुलेंस को भी मौके पर बुला लिया गया. इस पूरी कवायद का असर केवल सरकारी कामकाज तक सीमित नहीं रहा. दूर-दराज़ से आए फरियादी, जिनकी उम्मीदें प्रशासनिक दहलीज से जुड़ी थीं, बिना काम कराए लौटने को मजबूर हुए. कर्मचारी और अधिकारी मानसिक दबाव में आ गए. एक अनजान ई-मेल ने कुछ घंटों के लिए पूरे जिले की प्रशासनिक धड़कन रोक दी. यह आशंका लगभग सभी के मन में थी कि यह धमकी किसी शरारती तत्व की हरकत हो सकती है. व्यवहारिक सच्चाई यही है कि जो वास्तव में बम से हमला करने की नीयत रखते हैं, वे शायद ही कभी पूर्व चेतावनी देते हैं. लेकिन समस्या यह है कि प्रशासन और पुलिस के पास “अनदेखी” का विकल्प नहीं होता. यदि ऐसी धमकी को हल्के में लिया जाए और दुर्भाग्यवश वह सच साबित हो जाए, तो इसकी जवाबदेही तय करना असंभव हो जाएगा. इसलिए एहतियात ही एकमात्र रास्ता है, भले ही वह असुविधाजनक क्यों न हो. दरअसल, यह कोई एक शहर या एक घटना की समस्या नहीं रह गई है. देशभर में आए दिन स्कूलों, अदालतों, हवाई अड्डों और सरकारी दफ्तरों को इस तरह की धमकियाँ मिल रही हैं. चिंता की बात यह है कि ऐसी हरकतों के पीछे अक्सर यह भरोसा छिपा होता है कि कानून का डर बहुत ज्यादा नहीं है. कानूनी स्थिति क्या कहती है? वर्तमान में ऐसी धमकियों पर भारतीय न्याय संहिता (पूर्व आईपीसी) की धाराएँ लागू होती हैं, जैसे— * आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएँ, * लोक शांति भंग करने और अफवाह फैलाने से संबंधित प्रावधान, * और आईटी माध्यम से धमकी देने पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई. लेकिन व्यवहार में ये प्रावधान या तो जमानती हैं, या फिर सज़ा इतनी कठोर नहीं कि वह निवारक प्रभाव पैदा कर सके. नतीजा यह है कि शरारती तत्व बार-बार ऐसी धमकियाँ देने का दुस्साहस करते हैं. अब समय आ गया है कि ऐसी झूठी बम धमकियों को साधारण शरारत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर हमला मानकर देखा जाए. जरूरत एक ऐसे कठोर कानून की है, जिसमें— * बिना शर्त गिरफ्तारी, * कड़ी सज़ा और भारी जुर्माना, * और डिजिटल ट्रैकिंग की तेज़ प्रक्रिया हो. ऐसा कानून सिर्फ धमकी देने वाले को नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसा सोचने वालों को भी सौ बार सोचने पर मजबूर करेगा. हनुमानगढ़ की घटना एक चेतावनी है—दहशत फैलाने के लिए अब हथियार नहीं, एक ई-मेल ही काफी है. इस दहशत से निपटने के लिए सिर्फ सतर्क प्रशासन नहीं, कठोर और प्रभावी कानून भी उतना ही जरूरी है.
मदन अरोड़ा.राजस्थान की राजनीति में वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव एक निर्णायक मोड़ लेकर आया. लंबे समय तक राज्य की राजनीति दो बड़े चेहरों-अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे-के इर्द-गिर्द घूमती रही थी. लेकिन 2023 में भाजपा ने एक ऐसा चेहरा चुना, जिसकी न तो बड़े पैमाने पर मीडिया में चर्चा थी और न ही जनता के बीच पारंपरिक लोकप्रियता, वो चेहरा थे भजनलाल शर्मा. एक साधारण परिवार से आने वाले, संगठन में गहरी पकड़ वाले और विचारधारा के प्रति कटिबद्ध भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की तरफ से एक संकेत था कि पार्टी राजस्थान में “नई पीढ़ी का नेतृत्व” और “शांत-ईमानदार प्रशासन” की नई परंपरा स्थापित करना चाहती है. अब जब इस सरकार के दो वर्ष पूरे होने को हैं, तब यह सवाल स्वाभाविक है- क्या भजनलाल सरकार राजस्थान को वह दिशा दे पाई है जिसकी अपेक्षा जनता ने की थी? और यह भी- क्या भाजपा के संगठन और कार्यकर्ताओं में इस नेतृत्व के समर्थन और विश्वास का स्तर वही है, जैसा दो वर्ष पहले था? प्रस्तुत है दो वर्षों का गहन विश्लेषण -उपलब्धियाँ, कमियाँ, जनता की धारणा, संगठन की स्थिति, सत्ता-संगठन में तालमेल, और आने वाली चुनौतियाँ. शासन और नेतृत्व शैली: शांत, संयमी, लेकिन क्या पर्याप्त? भजनलाल शर्मा की नेतृत्व शैली उनके पूर्ववर्ती अशोक गहलोत से बिल्कुल भिन्न है. गहलोत जहाँ प्रशासन में गहरी पकड़, अनुभवी रणनीति और त्वरित निर्णय लेने के लिए जाने जाते थे, वहीं भजनलाल “संगठन मूल्यों, टीमवर्क और शांत स्वभाव” के आधार पर नेतृत्व करते हैं..मुख्यमंत्री के इन गुणों से सरकार की स्थिरता है. लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से यह भी उतना ही सच है कि ईमानदारी नेतृत्व का आधार है, पर राजस्थान जैसा राज्य केवल ईमानदारी से नहीं चल सकता. यहां निर्णायक नेतृत्व, त्वरित निर्णय और राजनीतिक प्रतिबंधन भी उतना ही आवश्यक है. सकारात्मक पक्ष * मुख्यमंत्री की छवि “ईमानदार, सरल और संयमी” नेता की बनी. * मीडिया विवादों से दूरी, और अनावश्यक बयानबाज़ी से परहेज़. * प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन और शांत माहौल .नकारात्मक पक्ष प्रशासनिक पकड़ कमजोर त्वरित निर्णय लेने में कमजोर राजनीतिक प्रबंधन की कमजोरी कार्यकर्ताओं और जनता में भाजपा शासन का अहसास कराने में विफल एक कुशल और कठोर प्रशासक की छवि बनाने में विफल जनता के दृष्टिकोण से बहुत से लोगों की राय यह है कि- “सीएम भ्रष्ट नहीं, शांत हैं, पर तेज़ी और राजनीतिक पकड़ थोड़ी कम महसूस होती है.” नेतृत्व की यह शैली विश्वसनीयता तो बढ़ाती है, लेकिन राजनीतिक प्रतिस्पर्धा वाले राज्य में गति भी उतनी ही ज़रूरी है. भ्रष्टाचार पर जीरो-टॉलरेंस: नीयत स्पष्ट, लेकिन प्रणाली जटिल दो वर्षों में सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ी नीयत दिखाई. ए सी बी ने कई बड़े ट्रैप ऑपरेशन किए-पटवारी, जेईएन, इंजीनियर, नर्सिंग कर्मचारी, नगरपालिका अधिकारी तक रंगे हाथों पकड़े गए. एक विधायक को भी धरा गया. सरकार के कदम * विभागीय फाइल सिस्टम का डिजिटलीकरण. * संदेहास्पद ठेकों की समीक्षा. * लोकसेवा वितरण में समयबद्धता का प्रयास. * खनन, नगर निकाय, जैसे भ्रष्ट क्षेत्रों में निगरानी.इससे ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार पर कुछ नकेल कसी. लेकिन कमियाँ भी स्पष्ट * थाने और तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार अभी भी सबसे बड़ा मुद्दा है. * कुछ विभाग—खासकर नगर निगम, खनन और राजस्व-अभी भी प्रणालीगत भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हुए. * जनता का सीधा अनुभव यह है कि “रफ्तार कम हुई है, पर प्रणाली अभी भी दुरुस्त नहीं.” * भ्रष्ट जनप्रतिनधियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाए मिल रहे संरक्षण मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस पर सवाल खड़े करता है.बयानबाजी कम धरातल पर अधिक कार्रवाई की जरूरत. लेकिन यह लड़ाई लंबी है और इसके लिए संरचनागत सुधारों की आवश्यकता है. कानून-व्यवस्था: सुधार के संकेत, लेकिन चुनौतियाँ बरकरार गहलोत सरकार के अंतिम वर्षों में बढ़ते गैंगवार, पेपर लीक और साइबर अपराधों ने राज्य को चिंतित कर दिया था. भजनलाल सरकार ने आते ही इस क्षेत्र पर जोर दिया. उपलब्धियाँ * कई बड़े गैंगों के खिलाफ कार्रवाई. * संगठित अपराध पर अलग-अलग जिलों में सख्ती. * साइबर पुलिस स्टेशन का विस्तार. * पेपर लीक रोकने के लिए नए सुरक्षा प्रावधान. चुनौतियाँ * सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स, हथियार और तस्करी अभी भी बड़ी समस्या. * साइबर अपराध में तेजी से हो रहा विस्तार. * कुछ जिलों में गैंग आधारित अपराध अभी भी चिंता पैदा करते हैं. कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, पर इसे “उत्कृष्ट” नहीं कहा जा सकता. बेरोजगारी-सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा राजस्थान की सबसे गंभीर समस्या बेरोजगारी है. युवा वर्ग गहलोत सरकार में पेपर लीक और भर्ती देरी से परेशान था, और भाजपा ने इसे मुद्दा बनाकर सत्ता पाई. भजनलाल सरकार ने भर्ती प्रक्रियाएँ शुरू कीं, लेकिन- युवाओं की शिकायतें * कई भर्तियाँ समय पर पूरी नहीं हो पा रहीं. * परीक्षा प्रणाली पर युवाओं का भरोसा अभी पूरी तरह बहाल नहीं. * निजी सेक्टर में रोजगार अवसर सीमित. * औद्योगिक विकास की गति धीमी होने से नौकरी सृजन कम. युवा मानते हैं कि सरकार की नीयत ठीक है, लेकिन परिणाम उतने तेज़ नहीं. बुनियादी ढांचा: केंद्र की मदद से बड़ी प्रगति सड़क और रेल परियोजनाएँ भजनलाल सरकार की सबसे मजबूत उपलब्धियों में शामिल हैं. सड़क विकास * राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति. * बीकानेर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जयपुर क्षेत्रों में नई सड़कें एवं हाईवे विस्तार. * दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पुल और बाईपास का निर्माण. रेल कनेक्टिविटी * नई लाइनों और डबलिंग परियोजनाओं पर तेजी. * केंद्र-राज्य समन्वय से कई लंबे समय से लंबित काम शुरू. शहरी ढांचा * जलापूर्ति योजनाओं में सुधार. * स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को गति. * बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण पर काम. इंफ्रास्ट्रक्चर मोर्चे पर सरकार को “अच्छा” से “बहुत अच्छा” कहा जा सकता है. शिक्षा और स्वास्थ्य: विस्तार, लेकिन गुणवत्ता की चुनौती शिक्षा क्षेत्र * कई नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा. * स्कूलों में क्लस्टर मॉडल का विस्तार. * कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को भरने के प्रयास. स्वास्थ्य क्षेत्र * जिला अस्पतालों का अपग्रेडेशन. * मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार. * दवाइयों की उपलब्धता में वृद्धि. लेकिन गुणवत्ता और विशेषज्ञ संसाधनों की कमी अभी भी बड़ी समस्या है- विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सरकार की चुनौती बनी हुई है. किसानों की स्थिति: राहत तो मिली, लेकिन समाधान नहीं सरकार के प्रयास * सिंचाई परियोजनाओं पर काम और नहरी क्षेत्रों में सुधार. पर अपेक्षित नहीं * बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण. * कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की पहल. परंतु किसान अभी भी परेशान * महंगाई बढ़ी है. * फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा. * डीजल-पानी-बिजली के खर्च में वृद्धि * कृषि उत्पादन लागत बढ़ने से किसानों की आय पर असर. किसानों के लिए सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं माने जा रहे. सरकार में सिंचाई और इससे जुड़ी परियोजनाओं की समझ रखने वाला कोई चेहरा नहीं. मौजूदा सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत समस्याओं को समझ उनके समाधान में नाकाम. भाजपा के पास एक अनुभवी, सिंचाई और सिंचाई परियोजनाओं की बारीकी से समझ रखने वाला एक बड़ा चेहरा पूर्व सिंचाई मंत्री डॉक्टर राम प्रताप के रूप में हैं. उनकी सिंचाई की हर नब्ज पर पकड़ है. पर उनकी अनदेखी की जा रही है. राजस्थान में सिंचाई एक बड़ा मुद्दा है. प्रदेश में किसान किसी भी सरकार को बदलने की ताकत रखते हैं. ऐसे में सिंचाई को लेकर सरकार की उपेक्षा उसके लिए बड़ी समस्या बन सकती है. उद्योग और निवेश: नीतिगत प्रगति, पर धरातल पर धीमी रफ्तार सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए- * सिंगल विंडो सिस्टम, * नई औद्योगिक नीति, * सेक्टर-विशेष क्लस्टर, जैसे कदम उठाए हैं. लेकिन राजस्थान अब भी गुजरात और महाराष्ट्र की बराबरी नहीं कर पा रहा. रुकावटें * भूमि आवंटन में देरी * बिजली टैरिफ की जटिलताएँ * लॉजिस्टिक लागत अधिक * कौशलयुक्त कार्यबल की कमी राजस्थान में औद्योगिक विकास की आधारशिला मौजूद है, लेकिन विस्तार की गति और तेजी मांगती है. महिला सुरक्षा और कल्याण राजस्थान में महिला सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा है. भजनलाल सरकार ने- * फास्ट ट्रैक कोर्ट * वन स्टॉप सेंटर * हेल्पलाइन * मिशन शक्ति कार्यक्रम जैसे उपाय लागू किए हैं. परंतु… जनता की धारणा यह है कि-“सुरक्षा में सुधार हुआ है, लेकिन भय खत्म नहीं हुआ.” मुख्य चुनौती व्यवहारिक और सामाजिक स्तर की है. सामाजिक सद्भाव और राजनीति राजस्थान की विविध सामाजिक संरचना में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना सरकारों के लिए चुनौती रहा है. सरकार के कदम * अवैध कब्जों पर कार्रवाई. * धार्मिक स्थानों के अवैध विस्तार पर जांच. * कानून-व्यवस्था को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखने का प्रयास. * धर्मातंरण विरोधी कानून जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया * कुछ लोग इसे “कानून का राज” मानते हैं, * जबकि विपक्ष इसे “सिलेक्टिव टार्गेटिंग” बताता है. यह विषय अभी भी राजनीतिक तौर पर संवेदनशील है. सरकार और संगठन में तालमेल भजनलाल का संगठन में सम्मान है, लेकिन- आंतरिक चुनौतियाँ * टिकट वितरण को लेकर असंतोष. * कुछ मंत्रियों की कार्यशैली पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी. * संगठन-सरकार समन्वय में कमी. कार्यकर्ताओं में यह भावना भी दिखाई देती है कि -“सरकार में गियर बढ़ाने की जरूरत है.”कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे. इसलिए उनमें काफी निराशा और नाराजगी है. अब आगे जनता की अपेक्षाएँ भजनलाल सरकार से जनता को अब- 1. तेज़ और दृश्यमान विकास कंक्रीट परिणाम दिखें, कागजी योजनाएँ नहीं. 2. बेरोजगारी पर निर्णायक सुधार भर्ती कैलेंडर और निजी क्षेत्र में निवेश. 3. कस्बों-गाँवों की अर्थव्यवस्था मजबूत करना स्थानीय रोजगार, कृषि उद्योग, ग्रामीण ढांचा. 4. पारदर्शी और तेज़ प्रशासन थाने-तहसील स्तर की भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था. 5. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा अपराध रोकने के लिए मजबूत तंत्र. 6. किसान-केंद्रित नीतियाँ उचित एम एस पी, सिंचाई, मंडी सुधार. 7.भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम. बयानबाजी कम, कार्रवाई ज्यादा 8.भ्रष्टाचार के आरोपी विधायकों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई. दो वर्षों का मूल्यांकन बताता है कि भजनलाल सरकार- * ईमानदार * शांत * स्थिर * भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट नीयत वाली * इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने वाली सरकार है. लेकिन- * बेरोजगारी * महंगाई * ग्रामीण अर्थव्यवस्था * प्रशासनिक सुस्ती * संगठन-सरकार का तालमेल * इंडस्ट्रियल ग्रोथ जैसे गंभीर मोर्चों पर “तेजी और दृढ़ता” की आवश्यकता है. यदि सरकार अगले तीन वर्षों में गति बढ़ाती है, तो भजनलाल शर्मा राजस्थान की राजनीति में एक मजबूत, सादगीपूर्ण और ईमानदार मुख्यमंत्री के रूप में स्थायी छाप छोड़ सकते हैं. अन्यथा जनता का धैर्य उसी गति से समाप्त भी हो सकता है जिस गति से उम्मीदें पैदा हुई थी.
एसआईआर पर विपक्ष की बेचैनी राजनीतिक है या वोट बैंक की कंपकपी! मदन अरोड़ा.भारत की राजनीति में वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण ( एस आई आर ) इन दिनों सबसे बड़ा सियासी तूफान बन चुका है. विपक्ष के प्रमुख चेहरे—राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव लगातार आरोपों, धरनों, रैलियों और “वोट कटने” के नैरेटिव में उलझे हुए हैं. मगर असली सवाल यही है कि शुद्ध वोटर लिस्ट से डर लगता क्यों है? क्यों राहुल गांधी, जो देशभर में चुनाव दर चुनाव हारते जा रहे हैं, इस अभियान को “वोट चोरी की साजिश” बता रहे हैं? और क्यों ममता बनर्जी जैसे नेता, जो कभी घुसपैठियों के खिलाफ आवाज उठाती थीं, आज एसआईआर का सबसे मुखर विरोध कर रही हैं? लोकतंत्र की पारदर्शिता बढ़ाने वाली इस प्रक्रिया को लेकर जिस तरह का राजनीतिक विलाप हो रहा है, उससे यह तो साफ है कि मामला महज तकनीति चुनौती का नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति के बुनियादी संरचना में सेंध लगने का है. एक ओर राहुल गांधी इसे वोट चोरी का नया नारा बना कर अपने नेतृत्व पर उठते सवालों को ढंकने  की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर ममता बनर्जी इस भय में हैं कि मृत वोटर, डुप्लीकेट वोटर और फर्जी दस्तावेजों से बने घुसपैठियों के वोट उनकी सत्ता की जमीन खिसका सकते हैं. एस आई आर को लेकर दोनों की आवाजें अलग-अलग हैं. लेकिन दर्द का कारण एक ही है, वोटर लिस्ट शुद्ध होने पर उनका राजनीतिक गणित गड़बड़ा जायेगा. राहुल गांधी का भय: राजनीति नहीं, नेतृत्व संकट राहुल गांधी के सामने असल समस्या उनके वोटरों की नहीं, बल्कि उनकी खुद की विश्वसनीयता की है. लगातार चुनावी पराजयों ने उनकी रणनीति, नेतृत्व क्षमता और समझदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पार्टी के भीतर भी यह चर्चा तेज है कि वे जनता के असली मुद्दों को छोड़कर बार-बार मोदी, अडानी और अंबानी को चुनावी मुद्दा बनाते हैं और जनता हर बार इसे खारिज कर देती है. बिहार चुनाव इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है.न वोट चोरी वाला नैरेटिव चला, न एसआईआर विरोध का अभियान. आरोपों के बावजूद न तो एक भी वोटर शिकायत लेकर आगे आया और न विपक्ष के पास कोई सबूत था. इसके बावजूद राहुल गांधी देशभर में एसआईआर के खिलाफ रैली और प्रदर्शन करवा रहे हैं. दरअसल, वे अपनी विफलताओं का ठीकरा चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर फोड़कर यह संदेश बनाना चाहते हैं कि— “हम तो जीत रहे थे, पर मोदी-चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोट काटकर हमें हराया गया.” यह राजनीति नहीं, अपनी ही साख बचाने की जद्दोजहद है. ममता बनर्जी की घबराहट: वोट बैंक फिसलने का डर ममता बनर्जी की घबराहट राहुल गांधी से बिल्कुल अलग है.अगर राहुल गांधी का संकट “छवि” है, तो ममता बनर्जी का संकट “वोट बैंक” है. बंगाल में पिछले 20 सालों में सीमावर्ती जिलों में मतदाताओं की संख्या 40–50% तक बढ़ी, जबकि अन्य जिलों में यह वृद्धि मात्र 6% है। यह बढ़ोतरी किसी प्राकृतिक जनसंख्या बढ़ोतरी से मेल नहीं खाती. यही कारण है कि एसआईआर के बाद असंख्य अवैध घुसपैठिए खुद बता रहे हैं कि— * वे बांग्लादेश से आए * टीएमसी नेताओं ने आधार और वोटर आईडी बनवाए * चुनावों में टीएमसी को वोट दिया * अब उनके पास एसआईआर में मांगे गए दस्तावेज नहीं हैं ये बयान ही ममता की बेचैनी का सबसे बड़ा कारण हैं। शुद्धिकरण होते ही: * मृत वोटरों के वोट * डुप्लीकेट वोट * पलायन कर चुके लोगों के नाम * फर्जी दस्तावेज पर बने घुसपैठियों के नाम. सब हट जाएंगे. माना जा रहा है कि बंगाल में ऐसे करीब एक करोड़ वोटर एसआईआर के बाद प्रभावित हो सकते है. यह ममता के लिए राजनीतिक भूचाल से कम नहीं. इसीलिए वे सुप्रीम कोर्ट से लेकर सड़कों तक “एसआईआर रोकने” की मांग कर रही हैं. लेकिन कोर्ट ने साफ कहा— “वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है, इसे रोका नहीं जा सकता”. बिहार में भी यही दहशत फैलाई गई. पर न कोई शिकायतकर्ता आगे आया और न ही कोई प्रभावित वोटर. इसके बाद ममता और ज्यादा आक्रामक हो गईं.कभी “भारत हिला देंगे” की धमकी, कभी बीएलओ की आत्महत्या के झूठे आरोप, कभी अपने संगठनों को एसआईआर में शामिल करने की अजीब मांग. लेकिन जनता क्या सोचती है? ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहती है विपक्ष का नैरेटिव यह बनाने की कोशिश कर रहा है कि एसआईआर भाजपा का हथियार है. लेकिन जमीन पर तस्वीर अलग है। न्यूज़ 24 के रिपोर्टर राजीव रंजन की कैराना (सपा गढ़) से की गई रिपोर्ट विपक्ष के विलाप से पूरी तरह से उलट है. रिपोर्टर राजीव रंजन ने मुस्लिम मतदाताओं से पूछा -एस आई आर से डर लग रहा है. जवाब आया -डर कैसा. जिनके पास दस्तावेज हैं, उन्हें किस बात का डर. फर्जी मतदाताओं की छंटनी होनी चाहिए. मुस्लिम वोटरों ने साफ कहा: * “एसआईआर होना चाहिए, इससे फर्जी वोट हटेंगे।” * “दस्तावेज सही हैं तो डर कैसा?” * “बीएलओ हमारे ही बीच के लोग हैं.वे किसी का वोट क्यों काटेंगे.”वे किसी पार्टी का एजेंडा क्यों चलाएंगे.वोटर लिस्ट के कचरे की सफाई जरूरी है. * युवा मुस्लिम वोटर मोहम्मद अख़लाक ने स्पष्ट कहा -कटेंगे तो उन्हीं के कटेंगे, जिनके दस्तावेज नहीं हैं या जो फार्म भरने की जहमत नहीं उठाएंगे. यही कारण है कि अखिलेश यादव ने भी अपना विरोध वापस लेकर कैमरे के सामने अपना फार्म भर दिया और लोगों से फार्म भरने की अपील की. आज सपा के मुस्लिम विधायकों और कार्यकर्ताओं ने साइकलों पर  एस आई आर, पी डी ए  प्रहरियों के बोर्ड लगाकर लोगों को फार्म भरवा रहे हैं. यह सब देखकर भी ममता और राहुल गांधी विपक्षी रोड-शो बना रहे हैं.वे अपने-अपने राजनीतिक कैलकुलेशन में अभी भी अटके हुए हैं. फर्जीवाड़े का सिस्टम ढह रहा है—यही असली दर्द है पश्चिम बंगाल में जो घटनाएँ सामने आ रही हैं, वे बताती हैं कि एसआईआर से छेड़छाड़ कैसे रोक दी गई है: * एक मृत व्यक्ति के कागज़ पर घुसपैठिये को पकड़ लिया गया * 10–10 वोटर फॉर्म में एक ही एपिक नंबर * ससुर को पिता दिखा कर दस्तावेज तैयार * मृत वोटरों के नामों पर खेल * बीएलओ पर दबाव डालकर फर्जी एंट्री करवाने के प्रयास * बी एल ओ का पारिश्रमिक रोका जा रहा है * डेटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध नहीं करवाये जा रहे हैं ताकि एस आई आर की प्रक्रिया धीमी की जाए. उधर चुनाव आयोग हुआ सख्त- पश्चिम बंगाल की स्थिति कितनी खराब हो चुकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चुनाव आयोग ने पुलिस को सभी बीएलओ को सुरक्षा देने के साथ ही मुख्य चुनाव अधिकारी की पुख्ता सुरक्षा करने के साथ उनका कार्यालय किसी सुरक्षित क्षेत्र में शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं. साथ ही ममता सरकार की हरकतों और प्रक्रिया पर निगरानी के लिए पूर्व आई ए एस सुब्रत गुप्ता को स्पेशल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है. जिन्होंने समीक्षा बैठकें शुरू कर दी हैं. यह चुनावी प्रक्रिया में अभूतपूर्व स्थिति है. भाजपा ने खोला दोहरा मोर्चा - भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत कर आरोप लगाए कि 88 लाख मृत लोगों के नाम बंगाल की वोटर लिस्ट में हैं. पलायन कर चुके लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं. घुसपैठियों के गलत रिश्तेदारी दिखा कर दस्तावेज दिए जा रहे हैं.और टी एम सी. अधिकारियों पर दबाव बना कर फर्जी नाम जुड़वा रही है. एस आई आर में उनके हटने से टीएमसी की पूरी गणित बदल जाएगी. भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लगाई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित कर रही हैं और लोगों को एस आई आर के खिलाफ भड़का रही हैं. अंतिम चोट—आधार कार्ड की सफाई यू आई डी ए आई ने करीब 6 करोड़ मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया शुरू की है. अब तक दो करोड़ आधार कार्ड डीएक्टिवेट किये जा चुके हैं.जिनमें सबसे ज्यादा बंगाल के हैं. इन्हीं आधारों का इस्तेमाल फर्जी वोट बनाने में किया जा रहा था. यह कदम ममता सरकार के लिए दोहरी मार है. एसआईआर किसी पार्टी का प्रोजेक्ट नहीं—संवैधानिक प्रक्रिया है. इसका उद्देश्य केवल यही है कि, * जो भारतीय नागरिक है, वही वोटर लिस्ट में रहे * फर्जी वोट, मृत वोट और अवैध तरीके से बने वोट हटें इसी सच्चाई से विपक्ष डरा हुआ है. क्योंकि वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण सबसे बड़ा झटका उन्हीं को लगने वाला है जो फर्जी वोट बैंक की राजनीति पर टिकी सरकारें चला सत्ता सुख भोगते आ रहे हैं. राहुल गांधी इसे अपनी विफलताओं का ढाल बनाना चाहते हैं और ममता बनर्जी इसका राजनीतिक अस्तित्व बचाने का आखिरी प्रयास. परंतु जनता—हिंदू हो या मुस्लिम,एसआईआर को साफ-सुथरे लोकतंत्र की आवश्यकता मान रही है. यही बात विपक्ष को सबसे ज्यादा डरा रही है.
दसवीं, बारहवीं, स्नातक एवं आईटीआई पास युवाओं के लिए सुनहरा अवसर हनुमानगढ़, 25 नवम्बर। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग, राजस्थान (रोजगार विभाग) द्वारा एक दिवसीय रोजगार सहायता शिविर का आयोजन 27 नवम्बर, 2025 को किया जा रहा है। यह शिविर सामुदायिक भवन, सिविल लाइन, वार्ड संख्या 01, जिला परिषद के पीछे, हनुमानगढ़ जंक्शन में प्रातः 10:00 बजे से शुरू होगा। जिला रोजगार अधिकारी श्री विनोद गोदारा ने बताया कि इस रोजगार शिविर में रोजगार एवं स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाएं भाग लेंगी, जिनमें मुख्य रूप से— मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनियाँ, श्री श्याम बायो पावर कम्पनी, फर्टिलाइज़र कम्पनियाँ, इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियाँ, आरएसएलडीसी (राजस्थान स्किल एंड लिवलीहुड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) आदि शामिल हैं। शिविर में निजी क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा 10वीं, 12वीं उत्तीर्ण, स्नातक पास एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न पदों पर किया जाएगा। उपलब्ध संभावित पदों में— मशीन ऑपरेटर, फील्ड ट्रेनी, सेल्स मैनेजर, बैंक ऑफिस असिस्टेंट एवं अन्य तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पद शामिल हैं। रोजगार विभाग ने जिले के सभी योग्य अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में उपस्थित होकर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएँ।
हनुमानगढ़, 25 नवम्बर। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम— 2026 के तहत जिले में मतदाता जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में वॉकथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उप जिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) श्री उम्मेदी लाल मीना द्वारा हरी झंडी दिखाकर की गई। एडीएम श्री मीना ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक मतदाता की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोग मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करें। मतदाता बीएलओ से संपर्क कर अपना विवरण अपडेट कर सकते हैं अथवा voter.eci.gov.in पोर्टल पर परिगणना प्रपत्र ऑनलाइन भर सकते हैं। वॉकथॉन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (फोर्ट), हनुमानगढ़ टाउन से प्रारंभ होकर मुख्य मार्गों से होते हुए सेंट्रल पार्क में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में ट्रैफिक इंचार्ज श्री अनिल चिदा व उनकी टीम का पूर्ण सहयोग रहा। स्काउट-गाइड और एनसीसी कैडेट्स ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। समापन सत्र में तहसीलदार हनुमानगढ़ श्रेक हरीश सहारण ने एसआईआर—2026 की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक संख्या में ऑनलाइन व ऑफलाइन परिगणना प्रपत्र भरने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी नागरिक इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें। कार्यक्रम में सीबीईओ श्री काशीराम, एसीबीईओ श्री दीपक मिढ्ढा, स्काउट गाइड प्रतिनिधि श्री मुंशीराम, श्री संजीव कुमार, श्री सुभाष गोदारा, तथा जिला निर्वाचन कार्यालय के प्रतिनिधि मौजूद रहें।
मदन अरोड़ा.अयोध्या आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर 22 फुट लम्बे और 11 फुट चौड़े केसरिया ध्वजा की स्थापना कर मंदिर निर्माण के पूर्ण होने की औपचारिक घोषणा कर दी. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भारत के सांस्कृतिक मानस में गहरे अंकित एक भावनात्मक संकल्प की सिद्धि का दिन था. ध्वजा स्थापना—अधिष्ठान से पूर्णता तक की यात्रा का अंतिम पड़ाव मंदिर निर्माण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ती रही है, और शिखर पर ध्वजा चढ़ाना हिंदू परंपरा में पूर्णता, विजय और शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है. आज की यह ध्वजा स्थापना श्रीराम मंदिर के स्थापत्य, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करती है. केसरिया ध्वज स्वयं में कई अर्थ समेटे है— * त्याग का रंग * आत्मिक बल का रंग * धर्म-संस्कृति की पुनर्स्थापना का प्रतीक श्रीराम मंदिर पर यह ध्वज भारतीय सभ्यता के उस स्वरूप की घोषणा है जो वर्षों तक विवादों, संघर्षों और प्रतीक्षाओं से गुजरकर पुनः स्थापित हुआ है. सांस्कृतिक गुलामी के अंत और आत्मगौरव की पुनर्प्राप्ति का संकेत प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि यह ध्वजा केवल एक धार्मिक चिह्न नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना की वापसी का प्रतीक है। सदियों तक चली सांस्कृतिक विघटन, आक्रमणों और अस्मिता पर प्रहारों के बाद यह क्षण ‘सांस्कृतिक स्वतंत्रता’ की अनुभूति कराता है. श्रीराम मंदिर का निर्माण एक स्थापत्य परियोजना मात्र नहीं, बल्कि वह संघर्ष है जिसने भारत को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य किया. आज जब यह ध्वज शिखर पर लहरा रहा है, तो यह उस लंबे दौर के अंत का संकेत है जिसे कई लोग "सांस्कृतिक गुलामी" या "आत्मसम्मान के क्षरण" के काल के रूप में देखते हैं. राष्ट्रीय राजनीति में इसका संदेश अयोध्या में आज का कार्यक्रम केवल धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक महत्व रखता है. * ये 2024 में हुए मंदिर लोकार्पण के बाद भाजपा और मोदी सरकार के सांस्कृतिक एजेंडे की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. * इसका संदेश राष्ट्रवादी राजनीति के उस स्वरूप को बल देना है, जिसमें सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता का पुनरुत्थान प्रमुख स्थान पर है. * विपक्ष भले इसे चुनावी रणनीति मानता हो, लेकिन अयोध्या में उमड़ा जनसागर बताता है कि यह मुद्दा आम लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है. अयोध्या की धड़कनों में श्रीराम—और भविष्य का संकल्प आज का दिन अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए उत्सव का दिन था. शहर के हर मार्ग पर दीप सजे थे, मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों का पाठ हो रहा था और हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने. ध्वजा स्थापना के साथ यह संदेश भी स्थापित हो गया— राम राज्य का आदर्श केवल धार्मिक नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था, न्याय, समाज-सामंजस्य और संस्कृति की वह दिशा है, जिसे भारत पुनः अपनाने की आकांक्षा रखता है. अयोध्या में आज इतिहास लिखा गया. 22 फुट की ऊँचाई और 11 फुट की चौड़ाई वाला यह केसरिया ध्वज केवल हवा में लहरता एक कपड़ा नहीं— यह करोड़ों भारतीयों की आस्था, संघर्ष, प्रतीक्षा, भावनाओं और सांस्कृतिक चेतना का विजयी प्रतीक है. यह सिर्फ मंदिर की पूर्णता का संकेत नहीं— यह सनातन की पुनर्स्थापना और सांस्कृतिक स्वाभिमान की पुनर्प्राप्ति का ऐलान है.
नए चेहरे कौन? किसकी विदाई तय? मदन अरोड़ा.राजस्थान की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा हलचल सत्ता के गलियारों में दिखाई दे रही है.राज्य में हाल ही में बड़े पैमाने पर ब्यूरोक्रेसी में हुए बदलाव ने यह साफ संकेत दे दिया है कि सरकार अब प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने के बाद मंत्रिमंडल में भी महत्वपूर्ण फेरबदल की तैयारी में है. साफ है—राजस्थान में सत्ता का अगला दौर अब “नए चेहरों के समायोजन” और “पुराने चेहरों की समीक्षा” का होने वाला है. ब्यूरोक्रेटिक बदलाव: आने वाले फेरबदल का संकेत मुख्य सचिव से लेकर जिलों में कलेक्टर-एसपी स्तर तक के हालिया तबादले सरकार की प्राथमिकताओं में बदलाव की तरफ इशारा करते हैं. ये परिवर्तन केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी दे रहे हैं * सरकार अब अपना भरोसेमंद प्रशासनिक ढांचा तैयार कर चुकी है. * अब इसी दिशा में राजनीतिक टीम को भी नया रूप दिया जाएगा. ब्यूरोक्रेसी में इस तरह के व्यापक फेरबदल आमतौर पर मंत्रिमंडल विस्तार या पुनर्गठन का अग्र संकेत माना जाता है. अब मंत्रिमंडल की ओर बढ़ता कदम सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। सरकार दो बड़े उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ेगी— 1. क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन को साधना 2. प्रदर्शन व जनस्वीकृति के आधार पर नए चेहरों को मौका देना राजस्थान राजनीति में यह दोनों पहलू हमेशा निर्णायक रहे हैं, और मौजूदा स्थिति में सरकार इन पर विशेष ध्यान देगी. कौन आ सकता है मंत्रिमंडल में? सरकार संगठन और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर कुछ प्रमुख वर्गों में नई नियुक्तियों की तैयारी कर रही है— * युवा चेहरों को मौका * जाट, गुर्जर, राजपूत, दलित और ओबीसी वर्ग से प्रतिनिधित्व बढ़ाना * पंजाबी समुदाय को प्रतिनिधित्व देना * उन क्षेत्रों के नेताओं को शामिल करना जहाँ पार्टी को सशक्त बनाने की जरूरत है दो-तीन नए चेहरों का प्रवेश लगभग तय माना जा रहा है, जिनमें कुछ पहले संगठनात्मक पदों पर रहे नेताओं और कुछ पहली बार मंत्री बनने वाले नए विधायक शामिल हो सकते हैं. सरकार में प्रतिनिधित्व से वंचित श्री गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले से नए चेहरों को मौका मिल सकता हैं. सरकार में अभी तक पंजाबी समुदाय प्रतिनिधित्व से वंचित हैं. ऐसे में सादुलशहर से एक मात्र सिख विधायक गुरवीर सिंह बरार को मंत्रिमण्डल में शामिल किया जा सकता है. हनुमानगढ़ जिले से भी भाजपा की नाक बचाने वाले इकलौते विधायक संजीव बेनिवाल को मंत्री अथवा समकक्ष पद से नवाज़ा जा सकता है. किसकी विदाई तय मानी जा रही है? हर फेरबदल कुछ जोड़ता है, तो कुछ घटाता भी है. कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर सरकार की असंतुष्टि लंबे समय से चर्चा का विषय है— * विभागीय कामकाज में सुस्ती * जनता में असंतोष * विधानसभा क्षेत्र में पकड़ कमजोर * संगठन के साथ तालमेल की कमी ऐसे दो-तीन चेहरों की विदाई को लगभग निश्चित माना जा रहा है. राजनीतिक कारणों से भी कुछ मंत्रियों को हटाकर नए समीकरण मजबूत किए जाएंगे. मंत्रिमंडल फेरबदल क्यों जरूरी हुआ? राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखें, तो कई वजहें सामने आती हैं— निकट भविष्य में निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं. लोकसभा चुनावों के बाद प्रदेश में राजनीतिक संदेश देना जरूरी है. भाजपा की बढ़ती सक्रियता से मुकाबले के लिए शासन की गति और छवि सुधारना जरूरी है. कुछ विभागों में सार्वजनिक छवि सुधारने मजबूत चेहरों की जरूरत है. सत्ता दल जनता को यह संदेश देना चाहता है कि सरकार ठहरी नहीं, बदलाव के लिए तत्पर और सक्रिय है. हाई कमान चाहता है कि ऐसे चेहरे शामिल हों जो अगला चुनाव लड़ाने में सहायक हों. न कि केवल मंत्री पद की शोभा बढ़ाएं. यह फेरबदल केवल सत्ता संतुलन नहीं बल्कि भविष्य की चुनावी तैयारी है. मंत्रिमण्डल में ऐसे चेहरे शामिल किये जाएंगे, जिनकी क्षेत्र में वोट खींचने की क्षमता हो. कुछ मंत्रियों की कार्य शैली और व्यवहार से आमजन ही नहीं, कार्यकर्ताओं में भी बेहद नाराजगी है. संगठन के कार्य नहीं होने से उपजी नाराजगी को साधना जरूरी हो गया है. राजनीतिक समीकरणों की कसौटी राजस्थान की राजनीति हमेशा जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन के बिना नहीं चल सकती. इस बार भी मंत्रिमंडल इसी कसौटी पर खरा उतरता दिखेगा— * पूर्वी राजस्थान * शेखावाटी * मरुधर * हाड़ौती * मेवाड़ व वागड़ इन क्षेत्रों से संतुलित और प्रतिनिधिक चेहरे शामिल करने की कवायद होगी. इसमें एक उपमुख्यमंत्री की कुर्सी जाने और उनके स्थान पर उन्हीं के वर्ग से एक महिला विधायक को उपमुख्यमंत्री बनाये जाने की अटकलें हैं. सरकार के सामने प्रमुख चुनौती फेरबदल कर देना आसान है, लेकिन चुनौती है, सही चेहरों का चयन करना. यदि नए मंत्रियों की नियुक्ति केवल राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए की गई और प्रदर्शन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह बदलाव उल्टा असर भी डाल सकता है. सरकार पर यह दबाव रहेगा कि वह ‘‘काम करने वाले मंत्री’’ चुनकर जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करे. अंततः—बदलाव जरूरी, लेकिन सही दिशा में हो ब्यूरोक्रेसी को नया चेहरा मिल चुका है. अब राज्य इंतजार कर रहा है कि राजनीतिक टीम में क्या बदलाव आते हैं. फेरबदल केवल चेहरों की अदला–बदली न हो, बल्कि सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा, नई प्राथमिकताएँ और नई गति का प्रतीक बने—राजस्थान को इस समय इसी की आवश्यकता है. आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि सरकार ने यह बदलाव मजबूरी में किए हैं या दूरदर्शिता के साथ.लेकिन इतना तय है— राजस्थान की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, और मंत्रिमंडल का यह फेरबदल आने वाले वर्षों की दिशा तय करेगा.
हनुमानगढ़ में संगठन की नई दिशा या नई चुनौती? अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने हनुमानगढ़ जिले में एक बड़ा और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। लंबे समय बाद पार्टी ने जिले की कमान ऐसे युवा नेता को सौंपी है जो संघर्षशील छवि, जमीनी पकड़ और मजबूत राजनीतिक विरासत—इन तीनों गुणों का संगम रखते हैं। मनीष मक्कासर को 43 दावेदारों के बीच जिलाध्यक्ष नियुक्त कर कांग्रेस हाईकमान ने यह संकेत दिया है कि संगठन को अब सिर्फ कुर्सी संभालने वाले नहीं, बल्कि जमीन पर लड़ने वाले नेतृत्व की जरूरत है। जमीनी राजनीति से उठता नेतृत्व मक्कासर को जिले में किसान आंदोलन और मजदूर मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने वाले नेता के रूप में पहचाना जाता है। शांत स्वभाव, लेकिन संघर्ष के वक्त अडिग रहना—यह उनका व्यक्तित्व उन्हें बाकी नेताओं से अलग करता है। कांग्रेस आज जिस दौर से गुजर रही है, उसमें यही जमीनी सक्रियता संगठन की सबसे बड़ी पूंजी बन सकती है। राजनीतिक विरासत, जो उन्हें अलग खड़ा करती है मक्कासर की पृष्ठभूमि राजस्थान की सियासत में सम्मानित विरासत वाली है। उनके दादा चौधरी हरि राम गोदारा और ताऊ कामरेड शौपत सिंह प्रदेश व राष्ट्रीय राजनीति के प्रभावशाली नाम रहे हैं। पिता स्व. बलराम मक्कासर किसान संघर्षों की पहचान थे। यह परिवार सत्ता के लिए नहीं, सिद्धांतों के लिए राजनीति करने वाले परिवारों में गिना जाता रहा है। ऐसे परिवार से आने वाले युवा नेता से उम्मीदें स्वतः बढ़ जाती हैं। जाट समाज को प्रतीकात्मक संदेश करीब डेढ़ दशक बाद कांग्रेस ने जाट समाज के युवा नेता को जिलाध्यक्ष बनाकर संगठनात्मक समीकरण में बड़ा संदेश दिया है। यह सिर्फ नियुक्ति नहीं, बल्कि यह संकेत भी है कि कांग्रेस सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश में है, जिसे पिछले वर्षों में झटके लगे थे। पूर्व अध्यक्ष दादरी की विरासत और नई जिम्मेदारियाँ सुरेंद्र दादरी ने दो कार्यकाल में जिला कार्यालय को आधुनिक बनाया, व्यवस्था सुधारी और संगठन में एक अनुशासन स्थापित किया। उनकी कार्यशैली ने कांग्रेस को कई सकारात्मक आयाम दिए। अब उन्हीं व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना और उनमें सुधार करना मक्कासर के सामने पहली चुनौती होगी। सबसे बड़ी परीक्षा: टूटे संगठन को जोड़ना विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को जो करारा झटका लगा, उसने संगठन को भीतर से कमजोर किया है। गुटबाज़ी बढ़ी है, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी कम नहीं। ऐसे में मक्कासर का सबसे बड़ा काम होगा— किसी एक धड़े के नेता नहीं, पूरे संगठन के नेता के रूप में उभरना। यही उनकी सफलता का निर्णायक बिंदु बनेगा। युवा जोश और वरिष्ठों का अनुभव—तालमेल का संतुलन उनकी नियुक्ति से युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह है, लेकिन यह उत्साह कहीं वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का कारण न बन जाए—इस संतुलन को साधना बेहद नाजुक है। कांग्रेस के भीतर अक्सर देखा गया है कि नई टीम बनते ही पुराने नेताओं की नाराजगी चुनावों में नुकसान पहुंचाती है। मक्कासर को इस खतरे को समझते हुए बेहद सोच-समझकर कदम उठाने होंगे। नई टीम का गठन: चाटुकारों से दूरी, कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता नई टीम का गठन किसी भी जिलाध्यक्ष की राह तय करता है। मक्कासर के सामने भी यही सवाल खड़ा है—वे किसे अपने साथ लेकर चलेंगे? यदि वे चाटुकारों और अवसरवादी चेहरों से बचकर जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाते हैं, तो संगठन मजबूत होगा। अन्यथा, वही पुरानी बीमारियाँ कांग्रेस को फिर पीछे धकेल सकती हैं। राजनीतिक भविष्य की संभावनाएँ मनीष मक्कासर के सामने यह पद सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य का बड़ा अवसर भी है। यदि वे अपने ताऊ कामरेड शौपत सिंह की तरह हर धर्म, जाति और वर्ग में स्वीकार्यता बना लेते हैं, तो उनकी राजनीतिक यात्रा नए मुकाम छू सकती है। विधायक तक पहुँचने का रास्ता यही नियुक्ति खोल सकती है—बशर्ते वे इस पद को “अग्निपरीक्षा” की तरह पार करें। कांग्रेस ने मनीष मक्कासर पर दांव लगाया है। अब यह उनके नेतृत्व कौशल, संयम और दूरदृष्टि पर निर्भर करता है कि वे इस भरोसे को कितना आगे ले जाते हैं। अगर वे कुंदन की तरह तपकर निखरते हैं, तो वे न सिर्फ जिले में, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी एक मजबूत नाम बन सकते हैं। लेकिन यदि वे गुटबाज़ी, भ्रम और संगठनात्मक कमजोरी में फंस गए, तो यह अवसर हाथ से फिसल सकता है। हनुमानगढ़ की राजनीति अब उनकी अगली चालों पर नजरें गड़ाए बैठी है— क्या वे संगठन को एकजुट कर सकेंगे? क्या वे कांग्रेस को आगामी चुनावों में नया जीवन दे पाएंगे? क्या वे राजनीति के इस मोड़ पर खुद को साबित कर पाएंगे? जवाब आने वाले महीनों में सामने होंगे।
लेखक : मदन अरोड़ा राजस्थान के ऐतिहासिक नगर हनुमानगढ़ से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित अमरपुरा थेड़ी का मां भद्रकाली मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का महान केंद्र है.मान्यता है कि लगभग सवा चार सौ वर्ष पूर्व तत्कालीन बीकानेर नरेश महाराजा रायसिंह ने बादशाह अकबर के आदेश पर इस पवित्र मंदिर का निर्माण करवाया. कहा जाता है कि एक समय बादशाह अकबर अपनी सेना के साथ हनुमानगढ़ (भटनेर) के आसपास के जंगलों में भटक गए थे. भूख-प्यास ने सभी को व्याकुल कर दिया था. तभी मां भद्रकाली ने साक्षात दर्शन देकर उनकी सहायता की और जीवनदायिनी प्रेरणा दी. उसी स्थान पर मंदिर निर्माण की माता की इच्छा के सम्मान में अकबर ने इसे बनवाने का आदेश दिया. यही कारण है कि मंदिर का बाहरी स्वरूप एक मस्जिद की तरह भी प्रतीत होता है जो इसकी अनूठी ऐतिहासिक विरासत को दर्शाता है. पूजा-सेवा की परंपरा : सिद्ध पुरुषों से पुरी परिवार तक शुरुआत में यहां की पूजा-अर्चना सिद्ध पुरुष बाबा अमरनाथ किया करते थे. उनके समाधि लेने के बाद यह दायित्व नाथ संप्रदाय के शिष्यों द्वारा निभाया गया. करीब 130–135 वर्ष पूर्व, जब बीकानेर महाराजा गंगा सिंह यहां दर्शनार्थ पधारे, तो उन्होंने व्यवस्थाओं को देखते हुए बीकानेर के लादू पुरी को मंदिर की पूजा और रखरखाव की ज़िम्मेदारी सौंपी. लादू पुरी बीकानेर में पान विक्रेता थे और महाराजा गंगासिंह के लिए पान वहीं से जाता था. लादू पुरी के बाद यह दायित्व क्रमशः गंगा पुरी, जेठा पुरी, खेतु पुरी, करण पुरी, भंवर पुरी, फूल पुरी, मगन पुरी, छोटू पुरी, पंकज पुरी और आर्यन पुरी के परिवारों द्वारा आज भी श्रद्धापूर्वक निभाया जा रहा है. मां भद्रकाली—अखंड आस्था की शक्ति यह मान्यता गहरी है कि सच्चे मन से मांगी गयी मन्नत यहां अवश्य पूरी होती है. नवरात्रों के समय लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ यहां उमड़ती है. स्थानीय विश्वास यह भी है कि मां भद्रकाली हनुमानगढ़ क्षेत्र की रक्षा करती हैं. 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में पाकिस्तानी वायुसेना ने हनुमानगढ़ को निशाना बनाया था, परंतु बम शहर पर गिरने के बजाय आसपास के रेतीले धोरों में गिरकर निष्क्रिय हो गए. इसे लोग मां भद्रकाली की रक्षा-कृपा मानते हैं. भारत क्लब (आज का हनुमानगढ़ सेवा समिति) — सेवा की अनूठी मिसाल प्रारंभ में नवरात्रा मेला केवल एक दिन लगता था। श्रद्धालुओं की संख्या करीब 15 हजार होती थी और सुरक्षा व सुविधा के अभाव में लोग शाम 5 बजे तक लौट जाते थे. 18 अप्रैल 1984 को शहर के श्रद्धालुओं ने पत्रकार लक्ष्मी नारायण बंसल के नेतृत्व में भारत क्लब की स्थापना की. आज यही संस्था हनुमानगढ़ सेवा समिति के नाम से समाज सेवा का अद्वितीय उदाहरण बन चुकी है. सेवा का विस्तार — सुविधा, सुरक्षा और समर्पण का संगम पेयजल सेवा की शुरुआत 1984 में मेला आने वाले श्रद्धालुओं को पानी का एक गिलास 5 रुपये देकर खरीदना पड़ता था. इस स्थिति को देखकर सेवा की भावना जागी और भारत क्लब (अब सेवा समिति) ने निशुल्क पेयजल व्यवस्था शुरू की. आज समिति में 50 से अधिक सेवादार तन-मन-धन से सेवा दे रहे हैं. 2011 में निशुल्क भंडारा प्रारम्भ पहले नवरात्रे से अष्टमी तक प्रतिवर्ष निशुल्क भंडारा आयोजित किया जाता है. रोजाना कंजक पूजन के बाद माता को भोग लगाकर भंडारे की शुरुआत होती है. नवमी के दिन भंडारा स्थल पर महिला विश्राम गृह भी बनाया जाता है. सुरक्षा व्यवस्था — सीसीटीवी से कड़ी निगरानी समिति के सहयोग से पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए. पुलिस एवं कैमरा निगरानी की बदौलत अब श्रद्धालु सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक सुरक्षित दर्शन कर पाते हैं. निशुल्क भोजन एवं शुद्ध पेयजल पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए सात्विक भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है. चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन सेवा मेले में चिकित्सा केंद्र और जरूरी मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहती है ताकि कोई भी श्रद्धालु असुविधा न झेले. पर्यटन को बढ़ावा — स्थायी दुकानों का निर्माण पूरा परिसर आज साफ-सुथरा, सुरक्षित और सुविधायुक्त है. इसी कारण अब मंदिर में लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिला है. स्थायी दुकानों का निर्माण भी इसी विकास का हिस्सा है. जूता-घर व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति ने जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था भी की है. दुकानों की नीलामी — 21 रुपये से हजारों तक पहले दुकानों की नीलामी केवल 21 रुपये में होती थी. 2005 के बाद देवस्थान विभाग ने व्यवस्था संभाली, पर मुख्य व्यवस्था अब भी सेवा समिति ही करती है. आज नीलामी की राशि हजारों रुपये तक पहुंच गई है. पुराने समय में समिति मनियारी दुकानों को सिर्फ महिलाओं को ही आवंटित करती थी, जिससे महिला सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. महिला पुलिस की भी विशेष ड्यूटी लगाई जाती थी. मेले से आगे— समिति के अन्य सामाजिक कार्यक्रम हनुमानगढ़ सेवा समिति का लक्ष्य केवल मेला सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए निरंतर कार्यरत है— * टाउन रेलवे स्टेशन पर वाटर कूलर * यातायात पुलिस स्टेशन पर दो वाटर कूलर * 2 K.N.J. सरकारी स्कूल में एक वाटर कूलर * यातायात पुलिस स्टेशन पर आंखों की जांच का निशुल्क शिविर “प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है”—इसी सिद्धांत को समिति अपने हर कार्य में जीवित रखती है. कोरोना काल में जान जोखिम में डाल दी सेवाएं- कोरोना के समय ज़ब लोग घरों से बाहर निकलने से घबराते थे, समिति के सदस्य प्रशासन के साथ मिल क्षेत्र को सेनेटाइज कर रहे थे.टाउन के रुपनगर में कोरोना वायरस के दो रोगी मिलने पर प्रशासन के आह्वान पर हनुमानगढ़ सेवा समिति और भद्रकाली सेवा समिति के कार्यकर्ता तत्काल वहां पहुंच गए. जहां पुलिस ने रात्रि 12 बजे पूरे क्षेत्र को छावनी के रूप में तब्दील कर रखा था. रात 12 बजे से ही भगवान सिंह खूड़ी और मदन मोहन जिंदल के मार्गदर्शन में दो ट्रैक्टरों द्वारा हाइपो क्लोराइट का छिड़काव शुरू कर दिया गया. प्रशासन के निर्देशानुसार एक ट्रैक्टर खुद भगवान सिंह खूड़ी व दूसरे ट्रैक्टर के चालक विनोद कुमार, विवेक बंसल, बजरंग सिंह, दलपत सिंह और पिंकू की टीम ने रात 12बजे से सुबह 6 बजे तक रूप नगर, प्रेम नगर, जिला हॉस्पीटल सहित आसपास के क्षेत्र को सेनेटाइज करने का काम किया. समिति के पदाधिकारियों की भावना अध्यक्ष मदन मोहन जिंदल कहते हैं— “भद्रकाली मेला अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, सेवा भावना और समर्पण का महान प्रतीक बन चुका है। समिति के अथक प्रयासों ने मेले को भव्यता और अनुशासन का नया रूप दिया है।” सचिव सुनील धुड़िया कहते हैं— “मेले के नौ दिनों में समिति के सदस्य निस्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। हमने मंदिर परिसर के विकास के अनेक कार्य करवाए हैं और आगे भी यह सेवा जारी रहेगी।” समिति के प्रमुख पदाधिकारी एवं सेवादार अध्यक्ष: मदन गोपाल जिंदल उपाध्यक्ष: राम कुमार मंगवाना सचिव: सुनील धुड़िया कोषाध्यक्ष: अनिल जिंदल सह-सचिव: नितिन बंसल सेवादार/सदस्य: मनी शंकर जालंधरा, सुरेश अग्रवाल, डॉ. मोहनलाल शर्मा, परमजीत सिंह, विनोद गर्ग, यशपाल मुंजाल, पियूष जिंदल, कृष्णावतार शर्मा, भगवान सिंह खूड़ी, नवीन मिड्डा, जय किशन सोनी, विकास कालड़ा, गणेश बागड़ी, राजीव पाहवा, योगेश कुमार, महेश कुमार, दीपक बागड़ी, देवी लाल पेंटर, जीतेंद्र जिंदल, साजन धुड़िया, रमेश काठपाल, अजय शर्मा, मोहित जिंदल, डॉ. संतोख सिंह, रंजन सैन, अंकित हिसारिया, विनोद सुथार, शिव राजपुरोहित और अन्य सेवादार निरंतर सेवा कर रहे हैं। मां भद्रकाली का यह मंदिर केवल श्रद्धा का स्थल नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, आस्था और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण है. हनुमानगढ़ सेवा समिति (पूर्व भारत क्लब) ने इस मेले को व्यवस्थाओं, सेवा, सुरक्षा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से नया आयाम दिया है. यह मेला आज हनुमानगढ़ की संस्कृति, परंपरा और समाजसेवा की धड़कन बन चुका है.
मदन अरोड़ा.बिहार ने एक बार फिर भारतीय राजनीति को स्पष्ट संदेश दिया है. मतदाता अब किसी भी नकारात्मक प्रचार, जातीय जहर या हवाई वादों से प्रभावित होने वाला नहीं है. इस चुनाव में न केवल गठबंधन ध्वस्त हुआ, बल्कि वह पूरा आख्यान भी धराशायी हो गया जो महीनों तक ‘वोट चोरी’, ‘नरेंद्र सरेंडर’ और ‘हर परिवार को नौकरी’ के नारों पर टिका था. राहुल–तेजस्वी का नकारात्मक कैंपेन और बंटाधार की राजनीति कहावत है—जहां-जहां पाँव पड़े संतन के, तहां तहां बंटाधार. बिहार में यह कहावत राजनीतिक रूप से इस बार राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर सटीक बैठती दिखी. राहुल गांधी का पीएम मोदी के खिलाफ ‘वोट चोरी’ अभियान और ‘चोरी का पीएम’ जैसी भाषा न केवल मतदाताओं को अखरी, बल्कि इससे गठबंधन की विश्वसनीयता भी तार-तार हो गई. दूसरी ओर तेजस्वी यादव जो ताजपोशी के सपने देख रहे थे—राहुल गांधी के कटु और नकारात्मक प्रचार की वजह से खुद भी डूब गए. प्रधानमंत्री मोदी जिस “ऐतिहासिक प्रचण्ड जीत” का दावा कर रहे थे, बिहार के मतदाताओं ने उस पर भरोसा दिखाते हुए एनडीए को 2010 की तरह एक बार फिर प्रचण्ड बहुमत दे दिया. नीतीश–मोदी की जोड़ी राहुल–तेजस्वी पर भारी पड़ी. तेजस्वी के वादे हुए फेल तेजस्वी यादव ने 10 लाख नौकरियों से लेकर हर परिवार को नौकरी, जनवरी से 30 हजार रुपये और दीदियों के लिए पैकेज जैसे बड़े वादे किए. लेकिन मतदाता समझ गया कि ये वादे ज़मीन से ज्यादा हवा में बने थे. इसके उलट नीतीश–मोदी सरकार द्वारा पहले से चल रहे महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों पर महिलाओं ने भरोसा दिखाया. * लगभग डेढ़ करोड़ ‘दीदियों’ ने तेजस्वी के वादों से प्रभावित होने के बजाय उस स्थिर नीति को प्राथमिकता दी जो उन्हें वर्षों में मिली थी. * महिला–युवा के नए एमवाई गठबंधन का जादू चला, और पारंपरिक मुस्लिम–यादव (एमवाई) समीकरण बिखर गया. एमवाई समीकरण की मौत: मुस्लिम–यादव वोट क्यों खिसके? महागठबंधन की सबसे बड़ी रणनीतिक भूल रही—मुस्लिम डिप्टी सीएम की घोषणा न करना. ओवैसी ने इसे भुनाते हुए खुलकर कहा कि गठबंधन “मुसलमानों को सिर्फ दरी बिछाने वाला” समझता है. यह बयान मुस्लिम वोटों के लिए निर्णायक साबित हुआ. इसी तरह यादवों के भीतर यह नाराज़गी गहराती गई कि सीएम और पार्टी अध्यक्ष पद पर लालू परिवार का एकाधिकार जारी है और यादव समाज केवल परिवारवादी राजनीति का उपकरण बनकर रह गया है. इस असंतोष का फायदा एनडीए को मिला. नक्सलवाद, सुरक्षा और एस आई आर का प्रभाव बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले वर्षों में नक्सलवाद लगभग समाप्त हुआ है. नक्सली भय खत्म होने से वामपंथी दलों का प्रभाव टूटा और सुरक्षा को लेकर भाजपा के प्रति भरोसा मजबूत हुआ. उधर एस आई आर(वोटर सूची शुद्धिकरण) का अप्रत्यक्ष प्रभाव भी दिखा— घुसपैठियों के वोट कटने से गठबंधन के कोर वोट बैंक पर चोट पहुंची.इससे मुस्लिम बहुल इलाकों में एनडीए की पैठ मजबूत हुई. साथ ही दिल्ली में मतदान से एक दिन पहले हुए विस्फोट ने हिंदू मतदाताओं में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा की, जिसका सीधा लाभ एनडीए को मिला. मोदी–योगी–शाह की तिकड़ी ने बदला खेल मोदी का राष्ट्रवाद, योगी की सनातनी हुंकार, और अमित शाह की जंगलराज की वापसी न होने देने की चेतावनी ने जमीन पर गहरी पकड़ बनाई. इनकी रैलियों में उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाब पहले ही संकेत दे चुका था कि हवा किस दिशा में बह रही है. गठबंधन की हार का सार महागठबंधन की करारी हार कई बातों का मिला-जुला परिणाम है— 1. वोट चोरी का नकारात्मक अभियान उल्टा पड़ा. 2. मुस्लिम डिप्टी सीएम घोषित न करने की भारी गलती हुई. 3. यादव वोटों का लालू परिवार के खिलाफ फिसलना. 4. ओवैसी द्वारा मुस्लिम मतदाताओं का खिंचाव. 5. एस आई आर से घुसपैठियों के वोट कटना. 6. नक्सलवाद पर सरकार की सफलता. 7. फर्जी वादे बनाम वास्तविक विकास. 8. मोदी–योगी–शाह की आक्रामक और प्रभावी चुनावी रणनीति. बिहार का संदेश: राष्ट्रवाद और विकास ही निर्णायक मुद्दे इस चुनाव ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि— * राष्ट्रवाद भारतीय राजनीति में सर्वोच्च मुद्दा है. * सनातन पर चोट या तुष्टिकरण अब स्वीकार नहीं. * मतदाता जातियों में बंटने के प्रयास को अस्वीकार करता है. * घुसपैठिया संरक्षण की राजनीति नहीं चलेगी. * मतदाता जानता है कि किसने जमीन पर काम किया और किसने हवा में सपने बेचे. बिहार का जनादेश यह भी बताता है कि वोट बैंक की राजनीति का आख्यान टूट रहा है. मुसलमानों और यादवों दोनों ने दिखा दिया कि वे किसी भी परिवार या दल के बंधक नहीं हैं. विपक्ष अब क्या करेगा? हार के तुरंत बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया है. “बिहार में वोट चोरी नहीं—डकैती हुई है” जैसे बयान सामने आ रहे हैं. संभावना है कि विपक्ष— * हरियाणा के CM के पुराने बयान * पीएम मोदी का ‘ऐतिहासिक जीत’ वाला वक्तव्य * अमित शाह के 160 सीटों से ज्यादा सीटों के अनुमान को मिलाकर एक नया ‘वोट चोरी’ नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश करे. लेकिन इसमें सबसे बड़ा खतरा है—जनादेश का अपमान होगा.खासतौर पर जेन-ज़ी को उकसाकर सड़कों पर उतारने की कोशिश राजनीतिक स्थिति को अस्थिर कर सकती है. बिहार का यह परिणाम केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि भारतीय मतदाता की परिपक्वता और राजनीतिक जागरूकता का प्रमाण है. मतदाता अब स्पष्ट रूप से बता चुका है कि— * वह राष्ट्रवाद को सर्वोपरि रखता है. * बिना आधार वाले आरोपों को नहीं मानता. * हवा हवाई वादों के बजाय परिणाम देखता है. * और, सबसे बढ़कर, वह अब किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से बरगलाने वाला नहीं है. राहुल–तेजस्वी महा गठबंधन का बिखरना इस बात का संकेत है कि परिवारवादी राजनीति, तुष्टिकरण और नकारात्मक प्रचार की राजनीति की उम्र अब समाप्ति पर है. विकास, सुरक्षा और स्थिरता की राजनीति ही भविष्य का रास्ता है और बिहार ने इस राह को एक बार फिर रोशनी दे दी है.यह चुनाव परिणाम अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के लिए भी खतरे की घंटी है.
मदन अरोड़ा। हनुमानगढ़ जिले की राजनीति इन दिनों कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष की संभावनाओं को लेकर चर्चा में है। इस बार भी वैश्य समाज के सुरेंद्र दादरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। वे फिलहाल जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और अब तीसरी बार इस पद के सशक्त दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने जिलाध्यक्ष के लिए आवेदन नहीं किया है।जो 43 आवेदन किए गए हैं, उनमें जिले के प्रभावशाली जाट नेताओं की संख्या अधिक है। संगठन में उनकी पकड़, सादगीपूर्ण छवि और वैश्य समाज में प्रभाव को देखते हुए उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। संगठनात्मक स्थिति: सुरेंद्र दादरी लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े हैं। जिले में उनका नेटवर्क मज़बूत है और वे कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और संयोजन के लिए जाने जाते हैं। बीते कार्यकाल में उन्होंने गुटबाजी पर नियंत्रण रखा और ज़मीनी स्तर पर कांग्रेस को सक्रिय रखने की कोशिश की। कांग्रेस के लिए यह समय संगठन को एकजुट करने का है। निकाय और पंचायत चुनाव नज़दीक हैं और प्रदेश में पार्टी नेतृत्व बदलाव के संकेत भी दे रहा है। ऐसे में सुरेंद्र दादरी जैसे अनुभवशील नेता का जिलाध्यक्ष के रूप में दोबारा चयन पार्टी के लिए स्थिरता का संकेत हो सकता है। हनुमानगढ़ जिले की राजनीति तीन प्रमुख जातीय आधारों पर टिकी है — जाट समाज – कृषि आधारित और ग्रामीण क्षेत्र में गहरी पकड़। दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग– हर चुनाव में निर्णायक भूमिका। वैश्य, ब्राह्मण व अन्य सवर्ण वर्ग – कस्बों और व्यापारिक इलाकों में प्रभावशाली। सुरेंद्र दादरी वैश्य समाज से आते हैं। यह समाज राजनीतिक रूप से मुखर भले न रहा हो, लेकिन आर्थिक रूप से संगठित है। कांग्रेस अगर वैश्य समुदाय को जोड़े रखती है, तो उसे नगरीय सीटों पर लाभ मिल सकता है। इस समय जिले के पांच विधायकों में से 2 वैश्य समाज से हैं। इसमें एक नोहर से कांग्रेस और हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक है। कांग्रेस के एक विधायक बिश्नोई तो दूसरे अनुसूचित जाति से हैं और जिले के पांचवे विधायक जाट समाज से हैं जो भाजपा से हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सुरेंद्र दादरी आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही आंशिक रूप से कुछ जाट कार्यकर्ताओं का साथ लेकर चलने में सफल रहते हैं तो उनका अध्यक्ष पद लगभग पक्का माना जा सकता है। यह समीकरण निकाय और पंचायत चुनाव में कांग्रेस के लिए जिले में जीत की कुंजी साबित हो सकता है : संगठन के भीतर विश्वास और बाहर सामाजिक संतुलन का यह फार्मूला ही सफलता की नींव बनेगा। कांग्रेस की अंदरूनी चुनौतियाँ: जिले में कांग्रेस के भीतर कई धड़े सक्रिय हैं। कुछ युवा नेता और जाट समाज से जुड़े दावेदार सुरेंद्र दादरी की लगातार दो कार्यकालों से असहमति जता चुके हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व यह देखना चाहेगा कि क्या दादरी तीसरी बार भी सबको साथ लेकर चलने में सक्षम रहेंगे। हालांकि, पिछले दो कार्यकालों में उन्होंने संगठनात्मक विवादों को काफी हद तक नियंत्रित किया है। यह उनके नेतृत्व की परिपक्वता दिखाता है। दादरी ने जिलाध्यक्ष के अपने पहले कार्यकाल में जिला कार्यालय के महत्त्व को रेखांकित किया। उन्होंने पार्टी कार्यालय को केवल संगठन के क्रियाकलापों तक सीमित नहीं रखा । कार्यकर्ताओं और आमजन की समस्याओं को सुन उनके निराकरण के केंद्र के रूप में पहचान दी। ऐसा करने वाले वे पहले जिलाध्यक्ष बने। वैश्य समाज की राजनीतिक मांग: राजस्थान में वैश्य समाज ने हाल के वर्षों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग तेज की है। समुदाय ने विधानसभा चुनावों में 20 टिकट देने की मांग रखी थी। ऐसे माहौल में सुरेंद्र दादरी का कांग्रेस जिलाध्यक्ष बने रहना पार्टी के लिए वैश्य समाज के भरोसे को बनाए रखने का प्रतीक भी माना जा सकता है। इस वज़ह से सुरेंद्र दादरी की संभावनाएँ मजबूत हैं : वे अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और सामाजिक संयम की तिकड़ी रखते हैं। वैश्य समाज से आने का लाभ उन्हें नगरीय मतों में मिलेगा। यदि वे दलित और अन्य ओबीसी वर्गों के साथ जाट कार्यकर्ताओं का आंशिक समर्थन जुटा लेते हैं , तो तीसरा कार्यकाल उनके लिए तय माना जा सकता है। परंतु जातीय संतुलन, गुटीय राजनीति और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। सुरेंद्र दादरी फिलहाल हनुमानगढ़ कांग्रेस की राजनीति में सबसे स्वीकार्य चेहरा हैं : उनका अनुभव, सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक सक्रियता उन्हें आगे भी पार्टी के केंद्र में रख सकती है। अब यह कांग्रेस नेतृत्व पर निर्भर करेगा कि वह अनुभव को प्राथमिकता देता है या बदलाव की नीति पर चलता है।अगर बदलाव हुआ तो फिर कोई जाट चेहरा ही अगला जिलाध्यक्ष होगा।
मदन अरोड़ा. राजस्थान के उत्तर में स्थित हनुमानगढ़ जंक्शन कभी बीकानेर डिविजन का एक व्यस्त रेलवे केंद्र था। यहाँ लोको शेड और कंट्रोलर ऑफिस हुआ करते थे, जहाँ से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही नियंत्रित होती थी। कभी यह स्टेशन रेलवे कर्मचारियों की बड़ी कॉलोनियों, इंजीनियरिंग कार्यशालाओं और लोको निरीक्षण केंद्र के कारण जीवंत रहता था। लेकिन बीते वर्षों में इन इकाइयों के बंद होने और लगभग 400 कर्मचारियों के हट जाने के बाद यह पूरा क्षेत्र अब लगभग सुनसान और अनुपयोगी हो गया है। खाली पड़ी रेलवे ज़मीन — संभावनाओं का खजाना रेलवे के पास हनुमानगढ़ जंक्शन में कई एकड़ की मूल्यवान जमीन पड़ी है — जिनमें लोको शेड, कर्मचारी आवास और उसके आसपास का क्षेत्र शामिल है। यह भूमि यदि सोच-समझकर विकसित की जाए, तो रेलवे के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा अवसर बन सकती है। रेलवे इसे किन-किन रूपों में उपयोग कर सकता है: 1. रेलवे लॉजिस्टिक हब / माल टर्मिनल हनुमानगढ़ पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच व्यापारिक गलियारे का संगम है। यहाँ रेलवे लॉजिस्टिक पार्क या मालगोदाम टर्मिनल बनाया जा सकता है, जहाँ स्थानीय कृषि उत्पाद (कपास, गेंहू,चावल और सरसों) की लोडिंग-अनलोडिंग और पैकेजिंग हो। इससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों को माल दिल्ली या गुजरात बंदरगाहों तक आसानी से भेजने में मदद मिलेगी। 2. रेलवे मेंटेनेंस या कोचिंग डिपो बीकानेर–हनुमानगढ़–श्रीगंगानगर सेक्शन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में एक छोटा मेंटेनेंस डिपो या कोचिंग यार्ड फिर से शुरू करना व्यवहारिक रहेगा। यहाँ हल्की मरम्मत और फ्यूलिंग /विद्युत आपूर्ति जैसी सुविधाएँ देकर रेल संचालन को सुगम किया जा सकता है। इससे रोजगार भी बढ़ेगा। वॉशिंग लाईन का निर्माण यहां हो चुका है. एक और वॉशिंग लाईन का भी निर्माण किया जा सकता है। इससे बठिंडा स्टेशन पर पड़ रहा बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। 3. रेलवे आवासीय कॉलोनी या किराए पर आवास पुराने क्वार्टरों की जगह नए मॉड्यूलर रेलवे क्वार्टर या रेंटल हाउसिंग बनाई जा सकती है, जो रेलवे कर्मचारियों या आम जनता के लिए किराए पर दी जा सके। इससे रेलवे को स्थायी आय मिल सकती है। 4. रेलवे और राज्य सरकार के संयुक्त प्रोजेक्ट रेलवे भूमि पर रेलवे + राज्य सरकार / निजी क्षेत्र ( पीपीपी मॉडल) के तहत बस टर्मिनल,सौर ऊर्जा संयंत्र,स्किल डेवलपमेंट सेंटर, या ट्रैवलर हॉस्टल जैसी परियोजनाएँ विकसित की जा सकती हैं। 5.सौर ऊर्जा परियोजना राजस्थान की धूप का फायदा उठाते हुए रेलवे यहां सोलर पावर यार्ड बना सकता है। यह न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल होगा, बल्कि स्टेशन और आसपास के क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में आत्मनिर्भर बना सकता है। 6.क्षेत्र को लाभ: सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा। स्टेशन क्षेत्र का कायाकल्प होगा। स्थानीय उद्योगों और किसानों को लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा। रेलवे की बंद संपत्ति से राजस्व अर्जित होगा। जरूरत है दूरदृष्टि और समन्वय की: रेलवे मंत्रालय ने कई शहरों में ऐसी खाली जमीनों को “रेलवे भूमि उपयोग नीति 2022” के तहत वाणिज्यिक, आवासीय या ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाने की पहल की है। हनुमानगढ़ को भी इस सूची में शामिल किया जा सकता है। अगर स्थानीय सांसद, जिला प्रशासन और रेलवे बोर्ड मिलकर प्रस्ताव भेजें तो यह परियोजना न केवल रेलवे की निष्क्रिय संपत्ति को जीवंत करेगी, बल्कि उत्तर-पश्चिम राजस्थान के लिए आर्थिक इंजन साबित हो सकती है। हनुमानगढ़ जंक्शन सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि बीकानेर डिविजन का ऐतिहासिक प्रतीक है। अब वक्त आ गया है कि रेलवे अपनी खाली पड़ी जमीनों को फिर से जनहित और विकास की धारा में जोड़े। जहाँ कभी इंजनों की सीटी गूंजती थी, वहां फिर से रोजगार, गतिविधि और विकास की गूंज सुनाई दे — यही सच्चा सदुपयोग होगा उस जमीन का।
- एक लाख 16 हजार 973 किशोर-किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं की हुई जांच हनुमानगढ़। 26 सितम्बर शुक्रवार को जिले में आयोजित हीमोग्लोबिन (खून) की जांच में स्वास्थ्य विभाग हनुमानगढ़ ने नया कीर्तिमान रच दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एकजुटता दिखाते हुए एक ही दिन में एक लाख 16 हजार 973 छोटे बच्चों (6 माह से 19 वर्ष), किशोर-किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच की है। हीमोग्लोबिन की जांच के साथ-साथ लाभार्थियों की रियल टाइम एंट्री भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल यू-विन पर की गई। जिला अस्पताल से लेकर उपकेन्द्र तक में कार्यरत समस्त अधिकारियों, डॉक्टर्स, चिकित्साकर्मी, एएनएम, आशा सहित समस्त मैनेजमेंट एनं एनएचएम स्टॉफ द्वारा अभियान में अपनी भागीदारी प्रदर्शित की है। जिले में 17 सितम्बर से आयोजित स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आमजन को विभिन्न चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर श्री खुशाल यादव के निर्देशन में 26 सितम्बर को जिले हनुमागनढ़ में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत चिकित्सा शिविरों में 6 माह से 19 वर्ष के बच्चों, किशोर-किशोरियों, गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच की गई। देर शाम तक प्राप्त हुई रिपोर्ट में हनुमानगढ़ ने एक ही दिन में एक लाख 16 हजार 973 लोगों की हीमोग्लोबिन जांच की। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान जांच में एनीमिक मिले मरीजों का बच्चों का उपचार किया जाएगा। नियमित उपचार के 45 दिन और 90 दिन बाद फॉलोअप भी आवश्यक रूप से लिया जाएगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में हिमोग्लोबिन के स्तर में सुधार कर उनकी शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। हमारा प्रयास है कि जिले के किसी भी बच्चे में खून की कमी ना हो। उन्होंने बताया कि इसी तरह समस्त ब्लॉक पर भी बीसीएमओ, मेडिकल ऑफिसर्स, बीपीओ सहित समस्त स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लाभार्थियों की जांच की गई। डॉ. शर्मा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम हनुमागनढ़ जंक्शन में लाल चौक स्थित कैनाल कॉलोनी जिला चिकित्सालय में आयोजित किया गया। जिला प्रमुख श्रीमती कविता मेघवाल ने कार्यक्रम में पहुंचकर खून की जांच करवाकर अन्य महिलाओं को भी जांच करवाने के लिए प्रेरित किया। उनके साथ जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, हनुमानगढ़ बीसीएमओ डॉ. कुलदीप बराड़, सीएचसी इंचार्ज डॉ. इन्द्रसेन झाझड़ा, यूएनडीपी से प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर योगेश शर्मा, डीपीसी (आईईसी) मनीष शर्मा सहित चिकित्सा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। लाभार्थियों की रियल टाइम एंट्री भारत सरकार के पोर्टल यू-विन पर ऑनलाइन करवाई गई। इस कार्य में विभाग के डीपीओ सुदेश कुमार, डीपीसी संदीप कुमार, यू-विन कॉर्डिनेटर (यूएनडीपी, जोन बीकानेर) विजय अग्रवाल, वीसीसीएम दुर्गादत्त प्रजापत सहित समस्त ब्लॉक के बीएनओ शामिल रहे। डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक में बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जावेगा।
हनुमानगढ़, 25 सितम्बर। सेवा पखवाड़े के अंतर्गत जिले में हनुमानगढ़ नगर परिषद के द्वारा आयोजित किए जा रहे शहरी सेवा शिविर 2025 का गुरुवार को राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष श्री प्रेम सिंह बाजौर द्वारा अवलोकन किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों कि स्टॉल पर जाकर अधिकारियों एवं लाभार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने इस मौके पर हाउसिंग बोर्ड स्थित सामुदायिक भवन में शहरी सेवा शिविर में विभिन्न लाभार्थियों को भूखंडों के पट्टे वितरित किए। धारा 69 ए के अंतर्गत व्यक्तियों को लाभान्वित कर दस्तावेज सौंपे गए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को चैक सौंपे। इस मौके पर उन्होंने भवन निर्माण स्वीकृति के दस्तावेज भी सौंपे। इस मौक पर एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना, एसडीएम श्री मांगीलाल सुथार, नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेंद यादव, पूर्व सभापति श्री सुमित रणवा सहित शहरवासी, जनप्रतिनिधि मौजूद रहें। *शुक्रवार को यहां होंगे शहरी सेवा शिविर* हनुमानगढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर 8 से 11,13 के लिए सामुदायिक केन्द्र हनुमान मंदिर के पास में, नोहर नगर पालिका में वार्ड नंबर 11,12 के लिए अमरनाथ वृद्धाश्रम, नगर पालिका भादरा में वार्ड नंबर 11 से 15 के लिए राजकीय यूनानी औषधालय, नगर पालिका रावतसर में वार्ड नंबर 13, 33 के लिए महात्मा गांधी विद्यालय वार्ड 33 में, नगरपालिका टिब्बी के वार्ड नंबर 4,5 के लिए नगरपालिका परिसर में, नगरपालिका पीलीबंगा के वार्ड नंबर 11,14 से 16 के लिए नेहरू धर्मशाला, नगर पालिका संगरिया के वार्ड नंबर 11 के लिए बी.डी. अग्रवाल धर्मशाला में तथा नगर पालिका गोलूवाला में वार्ड नंबर 7,8 के लिए जैन धर्मशाला में शहरी सेवा शिविरों का आयोजन होगा।
हनुमानगढ़, 25 सितंबर। राजकीय आई.टी.आई. हनुमानगढ़ में नए प्रवेश सत्र 2025 के लिए राज्य स्तरीय केंद्रीकृत प्रवेश के बाद रिक्त रही सीटों पर संस्थान स्तर पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। संस्थान स्तर पर प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों को 28 सितम्बर, 2025 प्रातः 11:30 बजे तक ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। इसके बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट आवश्यक दस्तावेजों की स्वयं सत्यापित फोटोकॉपी सहित संस्थान में 28 सितम्बर 2025 अपराह्न 2:00 बजे तक जमा करवाना होगा। विभिन्न व्यवसायों में रिक्त स्थानों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश की काउंसलिंग 29 सितम्बर, 2025 को प्रातः 11:00 बजे आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को इस दौरान सभी मूल दस्तावेजों एवं निर्धारित शुल्क (छात्र – ₹3400 एवं छात्रा – ₹1000) के साथ उपस्थित होना होगा। संस्थान प्रशासन ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया में नियमानुसार आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
संगरिया (17 सितम्बर 2025): आर.यू.बी. निर्माण के सम्बन्ध में स्थाई लोक अदालत हनुमानगढ़ की ओर से प्रकरण उपभोक्ता संरक्षण समिति बनाम राजस्थान राज्य व अन्य में दिए गए निर्णय दिनांक 16 जून 2022 की पालना हेतु न्यायालय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश संगरिया सुजीत कुमार तंवर ने 17 सितम्बर 2025 को सुनवाई की। सुनवाई में नगरपालिका के अधिवक्ता नवीन सेठी ने न्यायालय को अवगत करवाया कि आर.यू.बी. निर्माण में रेलवे लाईन के नीचे कार्य को पूर्ण करने के लिए रेलवे द्वारा 17 सितम्बर 2025 से कार्य पूर्ण होने तक तीन घण्टे का ब्लॉक लिया जाकर ब्रिज का निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा कार्य को शीघ्रता से निष्पादित किया जा रहा है। उपभोक्ता संरक्षण समिति के सदस्य सुरेन्द्र बांठिया, शिव आहूजा, रामलाल बिस्सू सेवानिवृत व.प्रबन्धक, राजस्थान राज्य भण्डारन निगम, अरूण अरोड़ा, सेवानिवृत अधिशाषी अभियन्ता, डिप्टी कंवल शर्मा, हनुमान दास गुप्ता, आशीष कुमार, जसकरण सिंह, विजय बेनीवाल, विनोद धारणियां, विनोद बंसल, कौशल जैन, रविन्द्र कुमार ने मौका का अवलोकन किया तथा उसके आधार पर उपभोक्ता संरक्षण समिति की ओर से उपस्थित हुए उपभोक्ता संरक्षण समिति के सदस्य एवं अधिवक्ता आशीष कुमार एवं जसकरण सिंह ने रेलवे अण्डरब्रिज स्थल का निरीक्षण करने के बाद न्यायालय के समक्ष इस तथ्य की पुष्टि की कि मौका पर अण्डरब्रिज का कार्य प्रारम्भ हो गया है। इस पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश सुजीत कुमार को नगरपालिका व रेलवे के द्वारा आश्वस्त किया गया कि ब्रिज का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जावेगा। न्यायालय ने प्रगति का विशलेषण करने के लिए आगामी तारीख पेशी 20 सितम्बर 2025 निश्चित की है।
दीपक यादव ने कहा – हरियाली ही आने वाली पीढ़ियों की सच्ची धरोहर आज हनुमानगढ़ जिले के सभी विद्यालय में एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधारोपण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें स्काउट गाइड ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा अपने प्रकृति प्रेम को दर्शाया साथ ही स्काउट गाइड द्वारा लगाए गए पौधों की लालन-पालन तथा रक्षा करने की जिम्मेदारी भी ली गई इस कड़ी में ग्राम पंचायत जोगीवाला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में हिंदुस्तान स्काउट एवं गाइड के अध्यापक भागीरथ भंखड़ के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 21 पौधे लगाए गए। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हनुमानगढ़ जंक्शन में पौधारोपण किया गया जिसमें जिला ऑर्गेनाइजर दीपक यादव उपस्थित रहे | महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय कैनाल कॉलोनी हनुमानगढ़ में पौधारोपण किया गया जिसमें विद्यालय प्राचार्य गुरजीत सिंह, सुनील कुमार आदि उपस्थितरहे | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रोड़ावाली के स्काउट गाइड ने वृक्षारोपण किया तथा पर्यावरण प्रति जागरूकता का संकल्प लिया इस अवसर पर विद्यालय में प्रधानाचार्य सरोजिनी डागला , रश्मि जैन, ललित शर्मा, संगीता वर्मा, ज्योति शर्मा, स्वर्णकार , साजन राम एवं प्रभारी अंजू बानो सभी ने बढ़ चढ़कर भाग लिया | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तलवाड़ा झील में भी इस अवसर पर पौधारोपण का कार्यक्रम किया गया जिसमें स्काउट प्रभारी ओम प्रकाश ने स्काउट गाइड के साथ मिलकर पौधारोपण किया| राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय डींगवाला में पौधारोपण किया गया इस अवसर पर जिला प्रभारी रणजीत कौर उपस्थित रहे तथा स्काउट गाइड को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया| राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर 7 मैं आज पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा| गुरु गोविंद सिंह पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल हनुमानगढ़ द्वारा आज एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत विद्यालय में पधारोपण किया गया जिसमें जसवंत सिंह ढिल्लों तथा अन्य गाणमानय जन उपस्थित रहे | ग्रीन वर्ल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें स्काउट गाइड ने बढ़-चढ़कर भाग लिया इस अवसर पर प्रधानाचार्य दलबीर सिंह व गाइड प्रभारी वैशाली आदि उपस्थित रहे | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वार्ड नंबर 40 में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें स्काउट गाइड ने पौधे लगाए तथा उसके भरण पोषण की जिम्मेदारी ली इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा | इन सभी के साथ-साथ जिले के अन्य विद्यालय में भी पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया केशव पब्लिक स्कूल, प्रकाश मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय दीपलाना, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोलूवाला आदि
अफवाहों पर ध्यान ना दे आमजन, भ्रामक खबर फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही हनुमानगढ़, 6 सितम्बर। बड़ोपल - पीलीबंगा डिप्रेशन संख्या 5 (पचार वाली डेर) में किसानों द्वारा बनाए गए अवैध बंधे के टूटने की सूचना पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। गौरतलब है कि किसानों द्वारा घग्घर क्षेत्र के अंदर अवैध अतिक्रमण कर, अस्थाई बंधा बनाकर खेती की जाती है, उस क्षेत्र को डिप्रेशन प्वाइंट कहते है। जिसके टूटने से क्षेत्र के वास्तविक तटबंध तक पानी चला जाता है। यह घग्घर का अधिकृत बहाव क्षेत्र ही है, जहां अधिक पानी की आवक पर स्टोर किया जाता है। जानकारी के अनुसार यह बंधा डिप्रेशन के बीच पानी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में अवैध रूप से बनाया गया था। आज सुबह पानी का स्तर बढ़ने के कारण यह बंधा टूट गया। प्रशासन ने बताया कि यह अवैध निर्माण होने के कारण स्वाभाविक रूप से टिक नहीं सका और दबाव बढ़ते ही टूट गया। मौके का शनिवार को सहायक अभियंता श्री गोवर्धन मीणा, सहायक अभियंता श्री संदीप कुमार तथा तहसीलदार पीलीबंगा श्री नवीन गर्ग द्वारा संयुक्त रूप से किया निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने किसानों व आमजन से अपील की है कि वह भ्रामक खबरों एवं अफवाहों पर ध्यान ना दे। अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस प्रशासन सख्त कार्यवाही करेगा।
हनुमानगढ़। जिले में लगातार बढ़ रही घग्घर क्षेत्र में पानी की आवक और भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री श्री सुमित गोदारा शनिवार को जिले के दौरे पर रहे। मंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। कैबिनेट मंत्री श्री गोदारा ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए और कहा कि पशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि उच्च स्थानों पर ही रिलीफ सेंटरों को चिह्नित किया जाए, इसकी फोटो सहित रिपोर्ट भेजने के आदेश भी दिए। मंत्री ने अतिवृष्टि से प्रभावित कृषि, उद्यानिकी और पंचायती राज विभागों के कार्यों की भी जानकारी ली। मंत्री श्री गोदारा ने कहा कि समय पर कार्रवाई ही आपदा से निपटने का सबसे बड़ा उपाय है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सूचना पर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जाए, क्योंकि एक घंटे की देरी भी भारी पड़ सकती है। राज्य सरकार के लिए आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस वर्ष पूरे प्रदेश में भारी वर्षा हुई है। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं और तैयारियों को चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि जिले में राहत और बचाव के लिए समुचित प्रबंध किए गए हैं। पशुओं के लिए चारागाह एवं चारे की व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता और एम्बुलेंस को कंट्रोल रूम पर स्टैंडबाय रखा गया है। आपदा की स्थिति में मोबाइल टावर के काम नहीं करने पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के वाहनों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए गए हैं। जिले के 12 संवेदनशील गांवों का ड्रोन से सर्वे भी कराया जा रहा है। एनडीआरएफ के 50, एसडीआरएफ के 15 और सिविल डिफेंस के 30 जवान बचाव कार्यों के लिए तैनात हैं। जलभराव की समस्या से प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है। पीलीबंगा में 64 और मक्कासर में 61 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है, जहां भोजन, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। एडीएम ने बताया कि हनुमानगढ़ शहर में जलभराव से बचाव के लिए 14 रिचार्जेबल कुएं बनाए जा रहे हैं। एडीएम ने बताया कि इस बार आपदा प्रबंधन में कई नवाचार किए गए हैं। एसडीएम को आवश्यक संसाधन खरीदने की अधिकृत अनुमति दी गई है, वहीं गूगल शीट के जरिए कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों की मॉनिटरिंग और सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के संसाधनों का आकलन किया जा रहा है। पंजाब सरकार को इंदिरा गांधी नहर बंद करने संबंधी पत्र भी भेजा गया है। इस दौरान भादरा विधायक श्री संजीव बेनीवाल ने अमर सिंह ब्रांच और सिद्धमुख क्षेत्र में क्षमता से अधिक पानी आने और नहर टूटने से संभावित खतरे की जानकारी दी। जिस पर मंत्री ने तुरंत समाधान कराने का आश्वासन दिया। जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर ने जानकारी दी कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। घग्घर क्षेत्र में ओटू हैड से 27,300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वर्तमान में नाली बेड में 6,000 और जीडीसी में 12,800 क्यूसेक पानी बह रहा है। पूरे क्षेत्र को 15 भागों में बांटकर पर्याप्त मशीनरी और कार्मिक तैनात किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा पर चर्चा, अधिकारियों को गिव अप अभियान में प्रगति लाने के निर्देश बैठक में खाद्य सुरक्षा योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही खाद्य सुरक्षा का लाभ मिले और संपन्न परिवारों को बाहर किया जाए। इसी लिए गिव अप अभियान में अपेक्षित प्रगति लाए। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए लक्ष्य भी आवंटित किए। डीएसओ ने बताया कि इस संबंध में 456 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिला रसद अधिकारी श्री सुनील घोड़ेला ने बताया कि जिले में कुल 2,48,927 राशन कार्डधारकों में से 93 प्रतिशत द्वारा ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है और हनुमानगढ़ प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। आधार सीडिंग के मामले में भी जिला अग्रणी है। अब तक 98,135 नए व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा में जोड़ा गया है। ‘गिव-अप’ अभियान में अब तक 1,34,968 व्यक्तियों ने स्वयं का नाम हटवाया है। इस मौके पर उनके साथ खेल एवं युवा मामले शासन सचिव डॉ नीरज के पवन, जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, पुलिस अधीक्षक श्री हरी शंकर, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री प्रदीप रूस्तगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जनेश तंवर, जिला परिषद सीईओ श्री ओपी बिश्नोई, भादरा विधायक श्री संजीव बेनीवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रमोद डेलू, जनप्रतिनिधि श्री अमित सहू, पीलीबंगा पूर्व विधायक श्री धर्मेंद्र मोची, एडीएम श्री उम्मेदीलाल मीना, जनप्रतिनिधि श्री प्रदीप ऐरी भी मौजूद रहे।
हनुमानगढ़, 6 सितम्बर। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले मंत्री श्री सुमित गोदारा शनिवार को जिले के दौरे पर रहे। बीकानेर से प्रातः 8 बजे प्रस्थान कर वे दोपहर 12 बजे हनुमानगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने टाउन-जंक्शन रोड स्थित घग्घर नाली बेड के तटबंधों का निरीक्षण किया और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। मंत्री श्री गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार आमजन की सुरक्षा को लेकर गंभीर और संवेदनशील है। घग्घर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को देखते हुए तटबंधों की मजबूती, 24 घंटे मॉनिटरिंग और आमजन की सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान उनके साथ भादरा विधायक श्री संजीव बेनीवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रमोद डेलू, पूर्व विधायक श्री धर्मेंद्र मोची, एडीएम श्री उम्मेदीलाल मीना, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता श्री हरि सिंह व श्री सुनील काजला सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों में श्री अमित सहू, श्री प्रदीप ऐरी, श्री विकास गुप्ता, श्री चरणदास गर्ग, श्री नन्दलाल वर्मा, श्री ओम सोनी, श्री तेजेंद्र सिंह बराड़, श्री कुलवंत चहल, श्री नितिन बंसल, श्री जुगल किशोर गौड़, श्री आशीष पारीक, श्री पारस मिड्ढा व श्री मुरलीधर सोनी भी शामिल रहे।
हनुमानगढ़। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना नवजात शिशुओं के लिए भी जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जन्म के तुरंत बाद से ही बच्चों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से सम्बद्ध जिले के अनेक अस्पतालों में नवजन्में बच्चों का उपचार हो रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत नवजन्में शिशुओं के लिए अस्पतालों में नि:शुल्क जांच, दवाइयां, सर्जरी तथा आवश्यकता अनुसार आईसीयू सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है और नवजात शिशुओं को जन्म से ही उपचार मिल रहा है, जिससे वे स्वस्थ जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो रहा है। डॉ. शर्मा ने बताया कि पहले कई बार गंभीर रोग से ग्रस्ति नवजातों का इलाज परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अधूरा रह जाता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से बच्चों का समुचित इलाज समय पर सम्भव हो रहा है। इस योजना से शिशु मृत्युदर में भी कमी आ रही है। डॉ. शर्मा ने कहा कि नवजात शिशुओं की बीमारियों को नजरअंदाज ना करें और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत अस्पताल में उपचार करवाएं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना हर बच्चे के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कृत संकल्पित है। आमजन से अपील: योजना में रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाएं सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से से अपील की कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाएं। योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने पर हर परिवार को 25 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा एवं 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क दिया जाता है।
हनुमानगढ़, 1 सितंबर। जिले में अतिवृष्टि और घग्घर नदी में संभावित अधिक पानी की आवक की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, पुलिस अधीक्षक श्री हरी शंकर और एडीएम श्री उम्मेदीलाल मीना, रेगुलेशन अधीक्षण अभियंता श्री रामा किशन ने पत्रकारों के माध्यम से आमजन को संदेश दिया कि घबराने की जरूरत नहीं है, अभी स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन पूरी तैयारी में है और किसी भी आपदा से निपटने की क्षमता रखता है। जिला कलेक्टर डॉ. यादव ने बताया कि पूरे नॉर्थ इंडिया में अतिवृष्टि की स्थिति है, विशेष रूप से पंजाब में हालात गंभीर हैं। घग्घर में पानी की आवक पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर पानी को इंदिरा गांधी नहर में शिफ्ट करने की व्यवस्था तैयार है, हालांकि उम्मीद है कि ऐसी स्थिति नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि शहर में पानी निकासी के लिए 10 पॉइंट चिन्हित किए गए हैं और कार्य शुरू हो चुका है। सरकारी महकमों के अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। डॉ. यादव ने जनता से अपील की कि वे पैनिक न हों, बल्कि प्रशासन के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि मकान में दरारें आ गई हैं या सुरक्षित नहीं लग रहा, तो व्यक्ति स्वयं को जोखिम में न डाले और सुरक्षित स्थान पर चले जाए। साथ ही आवश्यक दवाइयां, कागजात और जरूरी सामान तैयार रखें ताकि विपरीत परिस्थितियों में तुरंत सुरक्षित स्थल पर जा सकें। एसपी श्री हरी शंकर ने बताया कि पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं। एसडीआरएफ की एक टीम हनुमानगढ़ पहुंच चुकी है और दूसरी टीम मुख्यालय से बुलाने का अनुरोध किया गया है। गोगामेड़ी मेले में तैनात जाब्ता भी शीघ्र ही यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। पुलिस थानों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम श्री उम्मेदीलाल मीना ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, मीडिया और आमजन का सहयोग प्रशंसनीय है। उन्होंने जानकारी दी कि जो लोग स्वयंसेवक के रूप में योगदान देना चाहते हैं, उनके लिए गूगल फॉर्म जारी किया गया है। साथ ही अस्थायी आश्रय स्थलों की तैयारी कर ली गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़े जारी करते हुए बताया गया कि वर्तमान में गुलाचिका पर 42,342 क्यूसेक, खनोरी पर 10,700, चांदपुर पर 12,500 तथा ओटू हेड से 17,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। घग्घर साइफन पर 16,930 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। नाली बेड में 5,000 और जीडीसी पर 11,500 क्यूसेक पानी बह रहा है। जिले में घग्घर क्षेत्र के संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों का चिह्निकरण किया गया है। हनुमानगढ़ में 13, पीलीबंगा में 5 और टिब्बी में 15 क्षेत्रों को इस श्रेणी में रखा गया है। आपदा प्रबंधन की तैयारी के तहत हनुमानगढ़ शहरी क्षेत्र में 45, ग्रामीण क्षेत्र में 116, पीलीबंगा में 18 और टिब्बी में 38 आश्रय स्थल चिन्हित किए गए हैं। आमजन की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष 01552-260299 और व्हाट्सएप नंबर 82094-05037 जारी किए गए हैं। इनपर आमजन किसी भी जानकारी साझा कर सकता है।
अभी स्थिति सामान्य है, परंतु सभी विभाग हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे - जिला कलेक्टर हनुमानगढ़,घग्घर नदी में लगातार बढ़ रही पानी की आवक के मद्देनजर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की हैं। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हाई अलर्ट मोड पर रहें, मोबाइल और व्हाट्सएप सक्रिय रखें तथा कोई भी अधिकारी मुख्यालय न छोड़े। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छुट्टियों पर गए अधिकारी एवं कर्मचारी तुरंत वापिस लौटें, अन्यथा कार्यवाही की जाएगी। जिला कलेक्टर ने कहा कि पंजाब और पीछे से आने वाले पानी की आवक पर निरंतर फीडबैक लिया जा रहा है। वर्तमान स्थिति सामान्य है, पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन कर राहत कैंप तैयार रखने के निर्देश दिए तथा आवश्यकता पड़ने पर भोजन, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए भी अलग से व्यवस्थाएं की जाए। कॉजवे और मार्ग बंद होने की स्थिति में चेतावनी बोर्ड लगाए जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सायरन को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए। कलेक्टर ने एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस टीमों को एक्टिव मोड पर रहने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर श्री प्रदीप रूस्तगी ने जानकारी दी कि जिले में घग्घर की कुल क्षमता 23,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित होने की है, जिसे आईजीएनपी में डाइवर्जन के जरिये 28,000 क्यूसेक तक बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल 15,800 क्यूसेक पानी बह रहा है, जो नियंत्रण में है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पानी को आईजीएनपी में डायवर्ट कर दिया जाएगा। अब तक तटबंधों की मजबूती हेतु 1,63,000 मिट्टी के कट्टे उपलब्ध हैं। जिला कलेक्टर ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। साथ ही कहा कि किसी भी आपात सूचना या सहायता के लिए नागरिक सुरक्षा जिला कंट्रोल रूम नंबर 01552-260299 पर संपर्क कर सकते हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत मुख्य निर्णय जिला कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत कई निर्णय जारी किए। जिले के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के पूर्व स्वीकृत अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए। आदेश मुताबिक, घग्घर नदी से संबंधित राजकीय कार्यालय अवकाशों में भी खुले रहेंगे। जिले के सभी पेट्रोल पंप 24 घंटे खुले रहेंगे तथा पेट्रोल-डीजल आरक्षित रहेगा। राशन दुकानों पर खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण अनिवार्य किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की मजबूती हेतु कट्टों की भराई एवं अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता व मेडिकल टीम गठन के निर्देश दिए गए है। बैठक में एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जनेश तंवर, डिस्कॉम के एसई श्री रिछपाल चारण, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, डीएसओ श्री सुनील घोड़ेला, नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेंद्र यादव, एसीईओ श्री देशराज बिश्नोई सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। ___
राजस्थान पत्रकार संघ (जार) का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न हनुमानगढ़ : राजस्थान पत्रकार संघ (जार) की जिला कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को टाऊन स्थित शहीद स्मारक में आयोजित हुआ। नवमनोनीत पदाधिकारियों को शहीद स्मारक के संस्थापक शंकर लाल सोनी ने पद की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में मदन अरोड़ा को जिलाध्यक्ष, विशु वाट्स तथा अश्विनी डुमरा को उपाध्यक्ष, गुरविंदर शर्मा को महासचिव, भवानी तिवाड़ी को सचिव, सुनील धूड़िया को कोषाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई। इसी प्रकार संदीप शर्मा, मनीष बब्बर, विनय आचार्य, अश्विनी शर्मा, पवन कुमार, विनोद नंगलिया को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। वहीं बजरंग शर्मा, बंटी थरेजा, कुंज बिहारी महर्षि, दीपक भारद्वाज, विकास आचार्य, ललित पारीक को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया। इस मौके पर बोलते हुए शहीद स्मारक के संस्थापक शंकर लाल सोनी ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। उसका दायित्व है कि अपनी लेखनी के माध्यम से देश के युवाओं को आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों की गाथाओं से अवगत करवाए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि मीडिया को इस गंभीर विषय की बजाय चटपटी खबरों को परोसने में ज्यादा रुचि रहती है। उन्होंने कहा कि शहीदों ने अपने खून से जिस स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया, उस पर चलने की जिम्मेदारी अब पत्रकारों और नई पीढ़ी की है। यदि कलम सच्चाई को छोड़कर स्वार्थ और बाजारवाद के पीछे भागेगी, तो यह शहीदों के बलिदान का अपमान होगा। सोनी ने यह भी कहा कि पत्रकारिता को केवल सूचना देने तक सीमित न रखकर समाज को दिशा देने का कार्य करना चाहिए। समाज में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना को जीवित रखने में मीडिया की भूमिका सबसे अहम है। जब तक पत्रकारिता ईमानदारी और निष्पक्षता से नहीं होगी, तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता।श्री सोनी ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि शहीद स्मारक जैसे गौरवमयी स्थल पर किसी पत्रकार संगठन का शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है. उन्होंने कहा-य़ह क्षण उपस्थित पत्रकारों को अपने दायित्वों का बोध कराता रहेगा. श्री सोनी ने कहा कि किसी विचारधारा से जुड़े रहना गलत नहीं है. पर य़ह पत्रकारिता दायित्व का निर्वहन करते समय उस पर हावी नहीं होनी चाहिए. पत्रकारिता की निष्पक्षता की मर्यादा बनी रहनी चाहिए. कार्यक्रम में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार बालकृष्ण थरेजा ने उपस्थित पत्रकारों से निष्पक्ष और निर्भीक होकर पत्रकारिता का धर्म निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। सत्ता, राजनीति और प्रलोभनों से ऊपर उठकर सच्चाई लिखना ही पत्रकार का सबसे बड़ा साहस है। इसी क्रम में अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। नव मनोनीत जिलाध्यक्ष मदन अरोड़ा ने कहा कि संगठन की प्राथमिकता पत्रकारों की समस्याओं को मजबूती से उठाना और उन्हें एक मंच पर जोड़ना रहेगा। महासचिव गुरविंदर शर्मा ने भरोसा दिलाया कि कार्यकारिणी पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इस अवसर पर शहीद स्मारक की लाइब्रेरी में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों ने स्मारक प्रबंधन से मिल रहे सहयोग पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण उन्हें अध्ययन और देशभक्ति दोनों की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम में राजकुमार गिलहोत्रा, दिनेश शर्मा, अमरदीप, सन्नी जाटोलिया सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।
हनुमानगढ़, 29 अगस्त। जिला प्रशासन एवं जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र द्वारा नेशनल स्पोर्ट्स डे के अवसर पर तीन दिवसीय प्रतियोगिताओं की शुरुआत शुक्रवार को हुई। आरंभ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके योगदान को याद किया गया। पहले दिन हॉकी, एथलेटिक्स व जूडो की प्रतियोगिताएं हुईं, जिनमें 400 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला खेल अधिकारी श्री शमशेर सिंह ने बताया कि प्रतियोगिताएं तीन दिन तक चलेंगी। खिलाड़ियों का उत्साह काबिले-तारीफ रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्रोणाचार्य अवॉर्डी श्री आर.डी. सिंह रहे। इस अवसर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री पन्नालाल कडेला, राष्ट्रीय खिलाड़ी श्री दर्शन सिंह, श्री खेतपाल सिंह, श्री अभिजीत, श्री संजय बिश्नोई, श्री नसीब सिंह, श्री मस्तान सिंह, श्री देवेंद्र पूनिया, श्री प्रदीप सैनी, श्री अंग्रेज सिंह, श्री ओमप्रकाश सेन एवं शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे। शनिवार को प्रतियोगिताओं के अंतर्गत विशिष्ट नागरिकों की पैदल चाल, लॉन टेनिस, क्रिकेट (पुरुष वर्ग), वॉलीबॉल तथा पारंपरिक खेल रुमाल झपट्टा और सत्तोलिया होंगे। वहीं महिला वर्ग में रस्साकशी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
रतनगढ़/संगरिया () सूचना एवं प्रौद्योगिकी ने जीवन को सहज बनाया है, लेकिन साइबर अपराधियों से बचने के लिए साइबर हाईजीन (साइबर स्वच्छता) हमारा उत्तरदायित्व है। यह बात भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण व उपभोक्ता संरक्षण समिति के तत्वाधान में के.पी.एस. ग्रुप ऑफ एज्यूकेशन, रतनगढ़ में आयोजित उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम में साइबर हाईजीन विषय पर बोलते हुए मुख्य वक्ता ज्योर्तिमय आर्य ने कही। उन्होंने कार्यक्रम के प्रतिभागियों को साइबर अपराध से बचने के लिए पांच सूत्र दिए। उन्होंने कहा स्ट्राँग पासवर्ड, बहुकारक प्रमाणीकरण (MAF- Multifactor Authentication), नियमित सॉफ्टवेयर अपडेशन, महत्वपूर्ण डाटा का बैकअप को अन्यत्र सुरक्षित रखना और संदिग्ध लिंक से बचना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी के इस युग में इंटरनेट तथा स्मार्ट फ़ोन ने हमारे जीवन को जितना सहज बनाया है, उतना ही साइबर अपराधी अज्ञानता का लाभ उठाकर साइबर अपराध करने में सक्रिय हैं। इसलिए हमें इस युग आधुनिक सूचना एवं प्रौद्योगिकी से अधिक स्मार्ट बनने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपभोक्ता संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजय आर्य ने कहा कि प्रत्येक युग में अपराधी व्यक्ति के लालच का फायदा उठाता है और सूचना एवं प्रौद्योगिकी के इस युग में साइबर अपराधी विभिन्न माध्यमों से व्यक्ति को लालच देकर फसा रहे हैं। इसलिए व्यक्ति को लालच, प्रलोभन तथा मुफ्त वस्तु प्राप्त करने की प्रवृति से बचना चाहिए। उन्होंने अपने उद्बोधन में भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण का परिचय देते हुए उसके कार्यक्षेत्र को व्याखित कर दूर संचार उपभोक्ता के अधिकारों से भी परिचित करवाया। कार्यक्रम में रतनगढ़ लॉयन्स क्लब ईस्ट के अध्यक्ष प्रदीप धर्ड़, सचिव विवेक गौड़, कोषाध्यक्ष मनीष जोशी, सदस्य अनवर कुरेशी, एडवोकेट संजय कटारिया, एडवोकेट लक्ष्मण प्रजापत तथा पवन सोनी ने कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी अदा करते हुए साइबर अपराध से बचने के तरीकों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में के.पी.एस. ग्रुप ऑफ एज्यूकेशन के निदेशक ओमप्रकाश गोदारा ने कार्यक्रम के रतनगढ़ एवं उनके संस्थान में आयोजन के लिए भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण, उपभोक्ता संरक्षण समिति, संगरिया का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस कार्यक्रम के आयोजन में सूत्रधार बनने के लिए लॉयन्स क्लब ईस्ट रतनगढ़ का भी आभार जताया। इस अवसर पर कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण तथा उपभोक्ता संरक्षण समिति, संगरिया की ओर से प्रमाण पत्र दिए गए।
हनुमानगढ़, 29 अगस्त। राज्य सरकार की मंशानुसार किसानों को अपनी फसल की स्वयं गिरदावरी के आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संगरिया क्षेत्र में ग्राम पंचायत स्तर पर गिरदावरी कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को किशनपुरा उत्तराधा, रतनपुरा, शाहपीनी, नुकेरा और हरिपुरा ग्राम पंचायतों में कैंप आयोजित किए गए। कैंप के दौरान किसानों के मोबाइल में किसान गिरदावरी ऐप इंस्टॉल करवाकर खेत में जाकर मौके पर ही गिरदावरी की गई। किसानों को डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें तकनीक से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार संगरिया हल्का पटवारी, गिरदावर, कृषि पर्यवेक्षक सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
हनुमानगढ़, 29 अगस्त। राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 के अंतर्गत जिले के 1439 यात्री तीर्थ यात्रा करेंगे। इनमें 1285 रेल से तथा 154 यात्री हवाई मार्ग से यात्रा करेंगे। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय समिति की बैठक में मुख्य, प्रतीक्षारत एवं अतिरिक्त प्रतीक्षारत आवेदकों के चयन हेतु लॉटरी निकाली। कलेक्टर ने चयनित सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। देवस्थान विभाग के निरीक्षक श्री सलीम ने बताया कि जिले में योजना हेतु 4522 यात्रियों हेतु 3091 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 1439 यात्रियों का चयन मुख्य सूची में किया गया है। इसके अतिरिक्त 1286 यात्रियों का रेल यात्रा हेतु प्रतीक्षा सूची, 748 यात्रियों का अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची हेतु चयन किया गया है। वहीं, हवाई यात्रा के लिए 154 का प्रतीक्षा सूची हेतु, 878 का अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची हेतु चयन किया गया है। चयनित सूची ई-देवस्थान एवं ई-मित्र पोर्टल पर देखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि यात्राएं सितंबर और अक्टूबर माह में प्रस्तावित हैं। रेल द्वारा यात्राओं में हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी-सारनाथ, सम्मेदशिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ, मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या, द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ, तिरूपति-प‌द्मावती, कामाख्या-गुवाहटी, गंगासागर-कोलकत्ता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम-मदुरई, वैष्णोदेवी-अमृतसर-वाघा बोर्डर, गोवा के मंदिर एवं अन्य स्थल चर्च आदि, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा, बिहार-शरीफ, पटना साहिब, पटना बिहार, श्री हजूर साहिब नांदेड, महाराष्ट्र शामिल है। वहीं हवाई जहाज पशुपतिनाथ (काठमांडू), नेपाल की यात्रा शामिल है। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, डीओआईटी संयुक्त निदेशक श्री योगेंद्र कुमार, एसीईओ श्री देशराज बिश्नोई, देवस्थान विभाग के निरीक्षक श्री सलीम तथा पर्यटन विभाग के श्री पवन शर्मा मौजूद रहे।
हनुमानगढ़, 29 अगस्त। आमजन की परिवेदनाओं के निस्तारण को लेकर राज्य सरकार संवेदनशील है। इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा त्रिस्तरीय जनसुनवाई और रात्रि चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव गुरुवार को संगरिया की हरिपुरा ग्राम पंचायत पहुंचे और रात्रि चौपाल आयोजित की। कलेक्टर ने इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने ग्रामवासियों से नशे से दूर रहने और पंचायत को नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। उपस्थित ग्रामीणों को उन्होंने मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने विद्यालय में कृषि संकाय खोलने, खेल मैदान का विस्तार, विद्युत लाइन बदलने, नए कनेक्शन जारी करने, दवा वितरण में अनियमितता रोकने, साफ-सफाई, सड़कों और डिग्गियों की मरम्मत सहित पाइपलाइन से संबंधित 55 से अधिक परिवेदनाएं रखीं। कलेक्टर ने सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस मौके पर संगरिया एसडीएम श्री जय कौशिक, तहसीलदार श्रीमती मोनिका बंसल, एसीईओ श्री देशराज बिश्नोई, ग्राम पंचायत प्रशासक श्री सुरेंद्र जाखड़, बीडीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मदन अरोड़ा. अगर देश में आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो राहुल गांधी का पीएम बनने का सपना एक बार फिर चकनाचूर होता दिख रहा है. पर मतदाताओं ने दरियादिली दिखाते हुए सोनिया गांधी और कांग्रेस को जश्न मनाने का मौका भी दिया है. वे इस बात पर जश्न मना सकते हैं कि मतदाताओं ने राहुल गांधी को नेता विपक्ष बनने के लिए पर्याप्त संख्या बल प्रदान करने में कोई कंजूसी नहीं दिखाई है. गांधी परिवार और इंडी गठबंधन को इस बात पर झटका लगना तय है कि पीएम मोदी के ख़िलाफ़ वोट चोर और नरेंद्र सरेंडर का नैरेटिव बनाने की राहुल गांधी की लाख कोशिशों के बावजूद मोदी लगातार चौथी बार पीएम बनेंगे. इंडिया टुडे के लिए सी वोटर द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार भाजपा और एनडीए की सीटें बढ़ रहीं हैं. जबकि कांग्रेस और महा गठबंधन की सीटों में कमी आ रहीं है. य़ह सर्वे सी वोटर ने इंडिया टूडे के साथ किया है. देश के सभी राज्यों और लोकसभा क्षेत्र में 1 जुलाई से 14 अगस्त के बीच किया गया. जब राहुल गांधी और महा गठबंधन देश में नरेंद्र सरेंडर और वोट चोरी का नैरेटिव बनाने में लगा हुए हैं. सर्वे में पूछा ग़या कि अगर आज लोकसभा चुनाव हो जायें तो किस पार्टी की सरकार बनेगी और किस गठबंधन को कितनी सीटें मिलेंगी. सर्वे के अनुसार देश में आज चुनाव हो जायें तो एनडीए की सीटें 293 से बढ़ कर 324 हो जायेंगी. यही नहीं भाजपा की सीटें 240 से बढ़ कर 260 हो जायेंगी. हालंकि पार्टी अकेले बहुमत के आंकड़े 272 से नीचे ही रहेगी. सर्वे में सभी राज्यों और सभी लोकसभा क्षेत्र के हर आयु वर्ग जाति,धर्म, लिंग वाले 2 लाख 6 हजार 826 लोग शामिल थे . सर्वे में पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो परिणाम क्या होगा. किस गठबंधन को कितनी सीटें मिलेंगी. सर्वे में सामने आया कि एनडीए को 324 सीटें मिलने का अनुमान है. जबकि इंडिया ब्लॉक (कांग्रेस +महा गठबंधन)को 208 सीट मिल सकती हैं. जबकि अन्य के खाते में 11 सीट जा सकती हैं. 2024 के चुनाव में एनडीए को 293 जबकि इंडिया ब्लॉक को 234 सीट आई थी. सर्वे में सामने आया कि भाजपा को 260,कांग्रेस पिछली बार की तुलना में 2 सीट के नुकसान के साथ 97 और अन्य को 186 सीटें मिलने का अनुमान है. पार्टी वाईज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक भाजपा को 40.6 फीसदी, कांग्रेस के खाते में 20.8 फीसदी और अन्य के खाते में 38.6 फीसदी वोट जा सकते हैं. अगर गठबंधन वाईज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक एनडीए को 46.7 फीसदी, इंडिया ब्लॉक को 40.9 फीसदी और अन्य को 12.4 फीसदी वोट शेयर मिल सकता है. सर्वे के अनुसार पीएम पद के लिए आज भी देश की पहली पसंद बने हुए हैं. टक्कर में उनके आसपास भी कोई नहीं है.
हनुमानगढ़। चिकित्सा सेवाओं से वंचित जिले की शहरी क्षेत्रों में आमजन के लिए तीन शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। यह तीनों शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर हनुमानगढ़, नोहर एवं भादरा क्षेत्र में जनता को समर्पित किए गए हैं। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरु होने से नागरिकों को घर के पास में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि हनुमानगढ़ जंक्शन में कैनाल कॉलोनी, नोहर में साहवा रोड एवं भादरा में कुटिया रोड पर शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरु कर दिए गए हैं। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलने से अन्य सरकारी चिकित्सालय पर मरीजों का भार कम होगा तथा शहरी नागरिकों को घर के पास में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सात स्वास्थ्यकर्मी नियुक्त किए गए है जिसमें एक एमबीबीएस डॉक्टर भी है। इससे पहले नोहर के सरदारपुराबास व नेहरु नगर, हनुमानगढ़ टाऊन स्थित सूर्यनगर, शीलापीर के पीछे, जंक्शन में सिविल लाइंस, खुंजा एवं रावतसर में वार्ड नं. 5 में भी शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरु कर दिए गए हैं। जिले में अब कुल 10 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा रहे हैं। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि शहरवासियों को होने वाली छोटी-मोटी बीमारियों की वजह से सीएचसी व जिला अस्पताल में भीड़ हो जाती थी, जिसकी वजह से वहां के स्टाफ पर अतिरिक्त भार आता था और लंबी-लंबी लाइनें लग जाती थी। वायरल बुखार तथा जुखाम इत्यादि सामान्य बीमारियों एवं बच्चों के टीकाकरण इत्यादि में शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर कारगर साबित होगा। डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बीपी, शुगर सहित कार्ड से होने वाली आठ जांचें की जाएगी तथा पीएचसी पर मिलने वाली समस्त दवाइयां उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इन चिकित्सा संस्थानों पर अगर अतिरिक्त स्टाफ या उपकरणों की आवश्यकता होगी, तो उपकरणों और स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। जिले में अब तक आठ शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं। इस वर्ष जिले में शुरु होंगे 6 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया इस वर्ष जिले में 6 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। इसके लिए कार्यवाही शुरु कर दी गई है। डॉ. शर्मा ने बताया कि भादरा में दो एवं टिब्बी, संगरिया, पीलीबंगा एवं रावतसर में एक-एक शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरु किए जाएंगे।
हनुमानगढ़। नोहर में चल रहे गोगामेड़ी मेले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है और नियमित रूप से सैंपल लिए जा रहे हैं। इस दौरान बुधवार को दुकानों से खाद्य सामग्री के 8 सैम्पल संग्रहित किए गए। व्यापारियों को शुद्ध एवं स्वच्छ खाद्य सामग्री बेचने के लिए पाबंद किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि नोहर में चल रहे गोगामेड़ी मेले में बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुदेश कुमार गर्ग ने मेले में खाद्य सामग्री बेच रहे अनेक दुकानों की जांच की। डॉ. शर्मा ने बताया कि दो दिन में 8 सैम्पल संग्रहित किए गए। डॉ. शर्मा ने बताया कि बुधवार को मै. शिव गौरव भोजनालय से मिक्स अचार का सैम्पल संग्रहित किया गया। इसी तरह, मै. वीरेन्द्र सिंह किरयाना एण्ड प्रसाद भण्डार से लड्डू, मै. प्रशांत शर्मा खलजा भंडार से कोकोनट बर्फी, मै. भारत मेवाड़ आइसक्रीम से आइसक्रीम, मै. कृष्णा होटल से जलेबी, मै. मथुरा वालों का खजला भंडार से जलेबी, मै. मेवाड़ प्रेम से आइसक्रीम, का सैम्पल संग्रहित किया गया। इस दौरान सभी दुकानदारों को एक्सपायर सामग्री दुकान में नहीं रखने के लिए भी पाबंद किया गया। इस दौरान साफ-सफाई रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। संग्रहित किए गए सैम्पल को जांच के लिए बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवा दिया गया है। यहां दें जानकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से अपील की कि मिलावट करने वाले खाद्य विक्रेता एवं अवधिपार सामग्री बेचने वाले वाले लोगों की जानकारी चिकित्सा विभाग के नम्बर 01552-261190 अथवा राज्यस्तरीय व्हाट्स एप नंबर 9462819999 पर दें, ताकि जिले में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई हो सके। इस पर शिकायत मिलने पर विभागीय टीम खाद्य पदार्थ की जांच करेगी और सैंपल लेगी। इसके बाद रिपोर्ट आने पर न्यायालय की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि खाद्य व्यापारी शुद्ध, बिना मिलावटी और एक्सपायरी डेट आदि देखकर ही खाद्य पदार्थों का बेचान करें।
हनुमानगढ़, राजस्थान पत्रकार संघ (जार) की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को शहर के टाउन स्थित अरोड़वंश धर्मशाला में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार बजरंग लाल शर्मा ने की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संघ की कमान वरिष्ठ पत्रकार मदन अरोड़ा को सौंपी जाए। उन्हें संघ का अध्यक्ष मनोनीत किया गया, वहीं गुरविन्द्र शर्मा को सर्वसम्मति से महासचिव चुना गया। शेष कार्यकारिणी के गठन का अधिकार इन दोनों पदाधिकारियों को सौंपा गया, जो शीघ्र ही नई टीम का गठन करेंगे। पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर जोर बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ पत्रकार बजरंग लाल शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि एक गंभीर दायित्व है। पत्रकार को सदैव निष्पक्ष रहकर लेखन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार का कर्तव्य है कि वह समाज के सामने सच्चाई को निर्भीकता और निडरता से प्रस्तुत करे। वरिष्ठ पत्रकार बालकृष्ण थरेजा ने कहा कि वर्तमान दौर पत्रकारिता के लिए चुनौतीपूर्ण है। डिजिटल और सोशल मीडिया की तेज़ रफ्तार ने पत्रकारिता की आत्मा को कई बार प्रभावित किया है। ऐसे में पत्रकारों का दायित्व और भी बढ़ जाता है कि वे निष्पक्षता, ईमानदारी और साहस को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने का कार्य नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की कलम को सदैव सच और जनहित के लिए समर्पित रहना चाहिए। शपथ ग्रहण समारोह शीघ्र बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शेष कार्यकारिणी के गठन के बाद शीघ्र ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी नए पदाधिकारी औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करेंगे। बैठक में रहे अनेक पत्रकार मौजूद इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार बजरंग शर्मा, बालकृष्ण थरेजा, गुरविन्द्र शर्मा, विकास आचार्य, दीपक भारद्वाज, मनीष बब्बर, सुनील धूड़िया, विनोद नागलिया, भवानी तिवाड़ी, अश्विनी डुमरा, विशु वाट्स सहित अनेक पत्रकार मौजूद रहे।
हनुमानगढ़, 12 जुलाई। पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार, 12 जुलाई को जिले का 32वां स्थापना दिवस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव के साथ भव्य रूप से मनाया गया। दिनभर विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला रही और शाम को सेंट्रल पार्क में आयोजित हुई सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को रंग-बिरंगी लोकसंस्कृति से रूबरू करवाया। कार्यक्रम की शुरुआत केसरिया बालम पधारो म्हारे देश से हुई जिसे श्री देव चुघ ने स्वरबद्ध कर सांस्कृतिक रंग चढ़ा दिया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुरूसर की छात्राओं ने मत पीवों सा गीत पर नशा मुक्ति आधारित नृत्य से सामाजिक संदेश दिया। दीपक एंड पार्टी ने सूफियाना अंदाज़ में रस घोल दिया तो मांड गायिका मांगी देवी के हिचकी लोकगीत ने परंपरागत विरासत को स्वर दिए। पंजाबी भांगड़ा, गिद्दा और राजस्थानी नृत्य ने भारत की मिश्रित सांस्कृतिक समरसता को मंच पर साकार किया। सांस्कृतिक संध्या में मशक वादन, कच्छी घोड़ी और राजस्थानी रोबीले कलाकारों ने पारंपरिक परिधान में भव्य स्वागत किया। इसके साथ ही भवई नृत्य, चरकुला नृत्य, भांगड़ा-गिद्दा, बीन-भपंग, गोगामेड़ी का लोकनृत्य, मयूर नृत्य और फूलों की होली ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन की परिकल्पना इस बार जनसामान्य की भागीदारी और सांस्कृतिक समरसता को केंद्र में रखते हुए की गई थी, जिसका उद्देश्य जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विविधता को सशक्त मंच प्रदान करना रहा। सांस्कृतिक संध्या के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों द्वारा "बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट" व "इको फ्रेंडली क्राफ्ट" थीम पर प्रदर्शनी तथा प्रातः 10 बजे से फूड कार्ट व फेस्टिवल का भी आयोजन हुआ। भामाशाहों का हुआ सम्मान कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिले के भामाशाहों व खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान पीरकामडियां के श्री दुष्यंत चाहर द्वारा 1.20 करोड़ मूल्य की पीएचसी हेतु भूमि दान, चन्दुवाली के श्री हंसराज धारणियां द्वारा जल कार्य हेतु 3 बीघा भूमि दान, रमन कुमार द्वारा राउमावि सहारणी को भूमि दान व श्री शिवशंकर खड़गावत द्वारा विद्यालय में जलघर एवं फर्नीचर दान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन श्री भीष्म कौशिक ने किया। मौके पर सांसद श्री कुलदीप इंदौरा, जिला प्रमुख श्रीमती कविता मेघवाल, जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, एसपी श्री हरी शंकर, जनप्रतिनिधि श्री प्रमोद डेलू, श्री अमित सहू, श्री विकास गुप्ता, श्री देवेंद्र पारीक, सीईओ श्री ओपी बिश्नोई, सीडीईओ श्री पन्नालाल कड़ेला व नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, नागरिक और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मदन अरोड़ा. हनुमानगढ़ को जिला बनवाने के लिए जिसे सबसे पहला श्रेय अगर किसी को जाता है तो उसका नाम है, पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रताप. उनका नाम लेते ही कुछ लोगों को बेहद तकलीफ होती है.बड़ी तीखी वाली मिर्ची लगती है. पर इस हकीकत को झुठलाया नहीं जा सकता. जब भी जिले के इतिहास का स्मरण किया जाएगा, डाक्टर रामप्रताप का नाम सामने आयेगा ही. इसे न मिटाया जा सकता है और न ही झुठलाया.जिला स्थापना दिवस पर प्रशासन द्वारा पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रताप को विस्मृत किया जाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि शर्मनाक भी है. प्रशासन की हमेशा य़ह कमजोरी रही है कि उसने भाजपा विरोधी विधायकों की सम्भावित नाराजगी को देखते हुए जिला स्थापना दिवस पर पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रताप को सम्मान देने के बजाए उनकी अनदेखी की . इस बार भी प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद पूर्व मंत्री डॉक्टर रामप्रताप का स्मरण करने बजाए उन्हें विस्मृत करने का काम किया गया. इसकी वज़ह तो जिला प्रशासन ही बतायेगा. पर जिला प्रशासन ने हमारे जिस विधायक गणेश राज बंसल को प्रथम नागरिक मानते हुए न्योता दिया, क्या उसने हनुमानगढ़ में होते हुए भी जिला स्थापना दिवस के सभी मुख्य कार्यक्रमों में हिस्सेदारी निभाने का अपना दायित्व पूरा किया. आगे बढ़ कर फोटो खिंचवाने में माहिर विधायक क्यों नदारद रहे. वो कौनसी वज़ह रही कि वे न रक्तदान शिविर में दिखे और न ही मुख्य आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनकी हाजिरी लगी. मैंने स्थापना दिवस की सभी रिपोर्ट को अच्छे से देखा तो पाया कि विधायक बंसल केवल राजीव गांधी स्टेडियम के कार्यक्रम के अलावा किसी भी अन्य कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. असली वज़ह तो विधायक खुद ही बता सकते हैं लेकिन मेरी नजरों में वे एक ऐसे विधायक हैं जो अपनी जिम्मेदारियों से भागते हैं और जनता के गुस्से का सामना करने की हिम्मत उनमे नहीं हैं. जनता का सामना करने के मामले में वे हनुमानगढ़ के पहले बुजदिल विधायक हैं. हनुमानगढ़ में किसी भी तरह की विपदा आने पर हमारे दो विधायक हमेशा जनता के साथ खड़े रहे और वे हैं कामरेड शौपत सिंह और डॉक्टर रामप्रताप. क्षेत्र में चाहे बाढ़ आई हो. बारिस की वज़ह से जलभराव हुआ हो. प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हों. प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए हमारे ये दोनों विधायक कभी पीछे नहीं रहे. चौधरी विनोद कुमार भी कई बार मौके पर पहुँच ज़ाया करते थे. लेकिन निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल आपदा में लोगों का साथ देना तो दूर चुनाव जीतने के बाद मतदाताओं का आभार जताने भी कहीं नहीं गए. यहां की परम्परा रहीं है कि चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में मतदाताओं से मिल उनका आभार जताया जाये. पूर्व विधायक मतदाताओं के बीच इसलिए जाते थे. क्योंकि वे उन्हें झांसे और अन्य अनैतिक आचरण के जरिए चुनाव जीत कर नहीं आते थे. जितना सम्भव हो सकता था, मतदाताओं से मिल, समस्याओं का समाधान कराते थे. पर जब कोई उम्मीदवार मतदाताओं को मिनी चंडीगढ़ बनाने और अन्य तरह के झांसे देकर पैसे के दम पर चुनाव जीत विधायक बन जाये. जिसके घोटालों की वज़ह से जलभराव जैसी विकट समस्याएँ खड़ी हो जायें.वो व्यक्ति कभी जनता के बीच जाने का साहस नहीं कर सकता. उसके किए पाप उसको भीरु बना देते हैं. उन्हें भय रहता है कि जलभराव वाली जगह गए तो कहीं समस्या से दुखी कोई पगलाया व्यक्ति उसी पानी में उसे डुबकी न लगवा दे. मौजूदा विधायक अपने घोटालो के पापों की वज़ह से एक ऐसा भीरु जनप्रतिनिधि है, जिसमें जनता के बीच जाने की हिम्मत नहीं है. यही वज़ह है कि विधायक गणेश राज बंसल जिला स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दिए. विधायक को एहसास था कि अगर वो इन कार्यक्रमों में जायेंगे, तो जनता के सवालों का सामना नहीं कर पायेंगे. विधायक के समर्थक भले ही उनके बचाव में पाकिस्तान की तरह फ़र्जी दावे करें कि विधायक कहीं ग़ायब नहीं हुए हैं. प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर समस्या का समाधान करवाने में जुटे हैं. लेकिन इनके ये पाकिस्तानी दावे तब तक झूठे हैं, जब तक कोई सबूत नहीं दिखाते. आखिर क्यों विधायक का जलभराव क्षेत्रों के निरीक्षण करते एक भी फोटो सामने नहीं आया. वे तो फोटो खिंचवाने में माहिर हैं. फिर समस्याग्रस्त क्षेत्रों के कथित दौरों के फोटो खिंचवाने में कैसे चूक गए. जनप्रतिनिधि कोई भी हो. कहीं भी छुप जाये. चुनाव के समय तो बिल से बाहर आना ही पड़ता है. जनता समझदार है. चुनाव के समय अपने साथ हुई ज्यादतियों का ज़वाब भी मांगेगी और हिसाब भी पूरा कर लेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गंगा बहा मिनी चंडीगढ़ बनाने के झांसे दे वोट तो ले लिए. लेकिन विकास की गंगा बहाना तो दूर करीब डेढ़ साल में कहीं अपने प्रयासों से एक ईंट भी नहीं लगवा सके. मतदाता इसका ज़वाब तो लेगा ही है. विधायक को अपने भाषण लिखने वालों से इसका ज़वाब भी लिखवा कर जेब में रख लेना चाहिए . वक्त जरुरत काम आयेगा.
हनुमानगढ़, 12 जुलाई। जिला स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में विविध खेल प्रतियोगिताए, मैराथन दौड़ और पौधारोपण जैसे आयोजन हुए। जिनमें आमजन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6 बजे ‘रन फॉर हनुमानगढ़’ मैराथन से हुआ, जिसमें पुरुष व महिला वर्ग की विभिन्न आयु श्रेणियों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मैराथन में 15 वर्ष आयु वर्ग में पुरुष वर्ग में अभिमन्यु, साहिल एवं रूपेश क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। जबकि महिला वर्ग में प्रथम लक्ष्या, द्वितीय मानवी तथा तृतीय कनिष्का ने स्थान हासिल किया। 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में पुरुषों में विशाल कस्वां, संदीप बिरकाली और राजपाल ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए, वहीं महिलाओं में आरती, पूजा और लवप्रीत कौर विजेता रही। रन फॉर हनुमानगढ़ में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, एसपी श्री हरी शंकर सहित जनप्रतिनिधियों ने भी दौड़ लगाई। हरियालो राजस्थान के तहत 501 पौधे रोपे, हॉकी और वुशु प्रतियोगिता में उत्साह इसके उपरांत स्टेडियम में पौधरोपण कार्यक्रम हुआ। पौधारोपण कार्यक्रम में 501 पौधों का रोपण किया गया, जिसमें अधिकारी और जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक शामिल हुए। पौधरोपण के बाद महिला हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुरूसर की टीम विजेता बनी। इसके बाद वुशु खेल में पुरुष व महिला वर्ग की विभिन्न वजन श्रेणियों में मुकाबले हुए। पुरुष वर्ग में जयदित्य (32 किग्रा), विक्की पाण्डेय (36 किग्रा), सूर्यदेव सिंह (42 किग्रा), दक्ष (45 किग्रा), हरकिरत (48 किग्रा) और मनीष (60 किग्रा) विजेता रहे। महिला वर्ग में शिवा (36 किग्रा), निरीक्षा कंवर (42 किग्रा), नोजल (48 किग्रा) और योगिता (52 किग्रा) विजेता रहीं। सभी विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को अल्पाहार प्रदान किया गया। खिलाड़ियों को सेंट्रल पार्क में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, जिला पुलिस अधीक्षक हरी शंकर, हनुमानगढ़ विधायक श्री गणेशराज बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रमोद डेलू, जनप्रतिनिधि श्री अमित सहू, एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना, जिला परिषद सीईओ श्री ओपी बिश्नोई, सीडीईओ श्री पन्नालाल कड़ेला, नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेंद्र यादव, जिला खेल अधिकारी श्री शमशेर सिंह, श्री विकास गुप्ता सहित जिला स्तरीय अधिकारी, शारीरिक शिक्षक, खेल प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। ____
हनुमानगढ़, 12 जुलाई। जिला प्रशासन द्वारा जिला स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव के निर्देश पर विद्यार्थियों में इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व के प्रति रुचि विकसित करने हेतु भ्रमण करवाया गया। इस कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय के विभिन्न विद्यालयों के 80 विद्यार्थियों को भटनेर दुर्ग, गुरुद्वारा बाबा सुखासिंह-महताबसिंह, कालीबंगा पुरातत्व संग्रहालय एवं हड़प्पा कालीन उत्खनन स्थल का अवलोकन करवाया गया। विद्यार्थियों को सबसे पहले कालीबंगा स्थित पुरातत्व संग्रहालय और उत्खनन स्थल पर ले जाया गया, जहां सहायक पुरातत्वविद् डॉ. चन्द्रप्रकाश उपाध्याय ने संग्रहालय की तीन प्रमुख गैलरियों में प्रदर्शित हड़प्पा सभ्यता के चर्ट ब्लेड, ताम्र वस्तुए, हाथी दांत से बने उपकरण, अग्निवेदिकाए, मृदभांड, नाप-तोल के उपकरण आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा 1961 से 1969 के बीच हुए उत्खनन से पता चला कि यह स्थल पहले प्राचीन सरस्वती नदी (घग्घर नदी) के किनारे स्थित था, जो अब सूख चुकी है। कालीबंगा का उत्खनन भारत के प्राचीनतम हल से जोते खेतों के प्रमाणों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। डॉ. उपाध्याय ने विद्यार्थियों को बताया कि कालीबंगा में दो स्तरों की सभ्यता के प्रमाण मिले हैं – प्रारंभिक हड़प्पा (3000-2700 ईसा पूर्व) और विकसित हड़प्पा (2600-1900 ईसा पूर्व)। प्रारंभिक बस्ती कच्ची ईंटों के परकोटे से घिरी थी, जबकि विकसित हड़प्पा बस्ती में नगर योजना विकसित थी, जिसमें पश्चिमी दुर्ग क्षेत्र और पूर्वी आवासीय क्षेत्र में स्पष्ट विभाजन था। यहाँ पक्की ईंटों से निर्मित कुएं, अग्निवेदिकाए, चबूतरे एवं नालियों की व्यवस्था यह सिद्ध करती है कि उस काल की समाज व्यवस्था कितनी उन्नत थी। भूकंप जैसे प्राकृतिक कारणों से यह नगर कालांतर में समाप्त हुआ। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने भटनेर दुर्ग और गुरुद्वारा बाबा सुखासिंह महताबसिंह का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें स्थानीय ऐतिहासिक विरासत से परिचय कराया गया। भटनेर दुर्ग, जो लगभग 1700 वर्षों पुराना है, बहादुरी और किलेबंदी की मिसाल है। वहीं गुरुद्वारा साहिब में बच्चों को सिख इतिहास, शहादत और सेवा-समर्पण की परंपरा से अवगत कराया गया। इन स्थलों पर विद्यार्थियों के साथ आए शिक्षकों ने उन्हें सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से इन स्थलों के महत्व की जानकारी दी। इस अवसर पर राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन में जीवंतता भर दी। विद्यार्थियों और उपस्थित अतिथियों के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कालीबंगा द्वारा जलपान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी (मा.) श्री जितेन्द्र कुमार, सरपंच श्री भगवानसिंह, प्रधानाचार्य श्री संदीप कुमार, थाना प्रभारी श्री मांगीलाल शर्मा, पंचायत समिति सदस्य श्री घेसाराम, शिक्षकगण, संग्रहालय के कार्मिक श्री ईश्वर खोथ एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
हनुमानगढ़, 11 जुलाई। जिला स्थापना दिवस को धूमधाम से मनाने तथा जिले की संस्कृति और पहचान को बढ़ावा देने, नागरिकों को विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित की दृष्टि से शुक्रवार को जिला स्थापना दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रमों का आगाज हुआ। शुक्रवार प्रातः जिला मुख्यालय और समस्त उपखंड मुख्यालयों पर विभिन्न आईईसी गतिविधिया आयोजित की गई। इन गतिविधियों में निबंध लेखन, चित्रकला (थीम- "नशा मुक्त और मेरे सपनों का हनुमानगढ़) शपथ ग्रहण जैसे कार्यक्रम शामिल हुए, जो जिले के राजकीय और निजी विद्यालयों में किए गए। इसके साथ ही, कार्यालय समय में "ग्रीन ऑफिस हनुमानगढ़" के तहत राजकीय कार्यालयों में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला स्थापना दिवस पर यह कार्यक्रम होंगे आयोजित जिला स्थापना दिवस पर प्रातः 6 से 7 बजे तक जिला मुख्यालय पर "रन फॉर हनुमानगढ़" नामक एक विशेष दौड़ का आयोजन किया जाएगा। इसमें तीन प्रकार की दौड़ आयोजित की जाएगी, जिनमें 3 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर के रूट होंगे। यह दौड़ राजीव गांधी स्टेडियम से प्रारंभ होगी। इसके बाद, प्रातः 7:15 बजे से हॉकी और वुशु प्रतियोगिताए भी राजीव गांधी स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। इन खेलों में जिले के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा। शनिवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक टाऊन के जिला चिकित्सालय में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही, कालीबंगा संग्रहालय का भ्रमण भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें हनुमानगढ़ के शहरी क्षेत्र के बच्चे भाग लेंगे। यह भ्रमण जिले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और भामाशाहों का सम्मान सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन सांय 7 बजे से टाउन सेंट्रल पार्क में किया जाएगा, जो कार्यक्रमों का समापन करेगा। साथ ही, नगर परिषद द्वारा "बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट" और "इको फ्रेंडली क्राफ्ट" थीम पर प्रदर्शनी का आयोजन भी होगा। वही प्रातः 10:00 बजे से सेंट्रल पार्क में जिला रसद अधिकारी द्वारा फूड कार्ट एवं फूड फेस्टिवल का आयोजन भी किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम की समाप्ति के बाद, जिले के भामाशाहों को सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष जिला प्रशासन की ओर से कई नए पहल और योजनाए लॉन्च की जाएगी, जिनमें "मानस 2.0" और "निक्षय मित्र" जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। --
हनुमानगढ़, 9 जुलाई। मंगलवार रात को हुई भारी बारिश के बाद जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बुधवार सुबह से ही शहर के जलभराव वाले प्रमुख क्षेत्रों का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना व नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेन्द्र यादव के साथ कलेक्ट्रेट के सामने स्थित पंप हाउस, हाउसिंग बोर्ड के पास, टाऊन स्थित हिसारिया अस्पताल के सामने, चुंगी नंबर 6, टाउन स्थित क्षेत्र, तिलक सर्कल, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने लगाए गए पंपों की कार्यक्षमता की जानकारी ली और जल निकासी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। घग्घर तटबंधों और भद्रकाली पुल का लिया जायजा जिला कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक श्री हरी शंकर, एसडीएम श्री मांगीलाल, और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ भद्रकाली मंदिर क्षेत्र स्थित पुल एवं घग्घर नदी के तटबंधों का निरीक्षण किया। तटबंधों की स्थिति का बारीकी से अध्ययन करते हुए उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए समयबद्ध तैयारिया सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर उन्होंने भद्रकाली मंदिर में दर्शन किए। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जलनिकासी कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को बारिश के चलते किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
हनुमानगढ़, 9 जुलाई। नशा आज समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप बन चुका है, विशेषकर युवा वर्ग सबसे अधिक इसकी चपेट में आ रहा है। युवाओं को इस विनाशकारी आदत से बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिले में संचालित "मानस नशा मुक्ति अभियान" के तहत चित्रकला एवं लघु फिल्म/वीडियो क्लिप प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। अभियान के तहत प्रतिभागियों को नशामुक्ति विषय पर मौलिक रचनाए प्रस्तुत करनी होंगी, जिनके आधार पर चयनित विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। जूनियर और सीनियर वर्ग में होगा आयोजन प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की जाएगी। जिसमें जूनियर वर्ग (20 वर्ष तक) एवं सीनियर वर्ग (20 वर्ष से अधिक आयु) की आयु गणना के लिए 9 जुलाई, 2025 को आधार माना जाएगा। हनुमानगढ़ जिले के विद्यार्थी, युवा एवं इच्छुक महिला-पुरुष प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने से पूर्व मानस अभियान की ई-शपथ लेना अनिवार्य होगा। दोनों प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति प्रतिभागी चित्रकला (पेंटिंग) तथा नशामुक्ति पर आधारित अधिकतम 5 मिनट की लघु फिल्म/विडियो क्लिप सहित दोनों प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया 9 जुलाई से 14 जुलाई 2025 तक https://forms.gle/Bxe2yZ7ProVJ4LXB8 पर संचालित होगी। प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां गुगल ड्राइव पर अपलोड कर उसका लिंक पंजीकरण फॉर्म में प्रस्तुत करना होगा। लघु फिल्म प्रतियोगिता में केवल निर्माता को ही प्रतिभागी मानते हुए पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही फिल्म और वीडियो क्लिप को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड करना होगा। 15 को चयन, 17 जुलाई को होगा सम्मान समारोह प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन 15 जुलाई, 2025 को जिला स्तर पर गठित निर्णायक समिति द्वारा किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को 17 जुलाई 2025 को जिला स्तरीय समारोह में जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव द्वारा पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाना है, बल्कि युवाओं की सृजनात्मकता को भी बढ़ावा देना है। विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार प्रत्येक वर्ग (जूनियर एवं सीनियर) और प्रतियोगिता (चित्रकला व लघु फिल्म) के लिए तीन-तीन पुरस्कार घोषित किए गए हैं। जिसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में प्रत्येक वर्ग और प्रतियोगिता में एलईडी टीवी एवं 5100 रुपए नकद दिए जाएंगे। द्वितीय पुरस्कार के रूप में साईकिल एवं 1100 रुपए नकद, तृतीय पुरस्कार के रूप में फिटनेस स्मार्ट वॉच एवं 501 रुपए नकद दिए जाएंगे। जिले के 36 प्रतिभागियों को पुरस्कार जीतने का मौका मिलेगा। इस पहल के जरिए प्रशासन नशा जैसे सामाजिक अभिशाप के विरुद्ध जन-मानस को जोड़ने की एक सशक्त कोशिश कर रहा है। इच्छुक प्रतिभागियों से समय पर पंजीकरण कर रचनात्मक माध्यम से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की गई है।
हनुमानगढ़। खण्ड भादरा का आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपस्वास्थ्य केन्द्र बोझला अब राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन सर्टिफिकेशन (एनक्यूएएस) युक्त चिकित्सा संस्थान बन गया हैं। नेशनल हैल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर, नई दिल्ली से प्राप्त पत्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केन्द्र बोझला को 85.06 प्रतिशत अंक मिलने की सूचना मिली। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. कुशाल यादव के मार्गदर्शन में जिले के 31 चिकित्सा संस्थानों के साथ एक और संस्थान के जुडऩे से अब कुल 32 चिकित्सा संस्थान एनक्यूएएस सर्टिफाइड बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केन्द्र बोझला चिकित्सा संस्थान को 1,26,000 रुपए प्रतिवर्ष मिलेंगे। इस तरह चिकित्सा संस्थान को आगामी तीन वर्ष में 3,78,000 रुपए मिलेंगे। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने रावतसर बीसीएमओ एवं एनक्यूएएस के नोडल अधिकारी डॉ. मनिंद्र सिंह एवं समस्त स्टाफ को जिले में अब तक 32 चिकित्सा संस्थानों का एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन होने पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि विभाग को बुधवार सुबह नेशनल हैल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर, नई दिल्ली से प्राप्त पत्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केन्द्र बोझला को 85.06 प्रतिशत अंक मिलने की सूचना मिली। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि रावतसर बीसीएमओ एवं एनक्यूएएस के नोडल अधिकारी डॉ. मनिंद्र सिंह के नेतृत्व में जिला क्वालिटी टीम के पूर्ण सहयोग से टिब्बी बीसीएमओ डॉ. लक्ष्य चौधरी की देखरेख में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के कर्मचारी सीएचओ मुकेश कुमार, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता विमला देवी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सावित्री देवी, ब्लॉक टीम सदस्य नर्सिंग ऑफिसर अनिलस्वरूप देवना, नर्सिंग ऑफिसर मनुदीप, नर्सिंग ऑफिसर नरेंद्र कुमार, नर्सिंग ऑफिसर कृष्ण कुमार, लैब टेक्नीशियन पवन कुमार द्वारा टीम वर्क में कार्य करने पर संस्थान एनक्यूएएस सर्टिफाई हुआ। डॉ. मनिन्द्र सिंह ने बताया कि जिला क्वालिटी टीम सदस्य फार्मासिस्ट सन्नी ग्रोवर, आयुष्मान नेशनल असेसर एवं नर्सिंग ऑफिसर धर्मपाल छींपा, बीपीओ कृष्ण टाक ने सराहनीय प्रयास किये। इनके सराहनीय प्रयास और पूर्ण सहयोग की बदौलत आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र बोझला को यह सर्टिफिकेशन मिल सका। उन्होंने बताया जिले में अब एमजीएम जिला अस्पताल सहित 30 अन्य चिकित्सा संस्थानों के साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपस्वास्थ्य केन्द्र बोझला भी एनक्यूएएस युक्त चिकित्सा संस्थान बन गया हैं।
संगरिया(09 जुलाई) अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संगरिया ने 4 जुलाई 2025 को नगरपालिका के द्वारा विधिक प्रावधानों की अनदेखी करते हुए तथा वास्तविक तथ्यों को छुपाते हुए बनाये गए पट्टे के सम्बन्ध में संगरिया निवासी तेजराम जैन की ओर से सुमित्रा देवी उर्फ सावित्री देवी पत्नी कलवन्त राय, जैन ऑफसैट, संगरिया के खिलाफ दर्ज करवाई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट में पुलिस द्वारा दिए गए अन्तिम परिणाम को अस्वीकार करते हुए पत्रावली पुलिस थाना संगरिया को पुनः अग्रिम अनुसंधान हेतु भेजने के आदेश दिए हैं। प्रकरण के तथ्यों के अनुसार संगरिया निवासी तेजराम जैन ने 15 फरवरी 2023 को पुलिस थाना संगरिया में परिवाद के माध्यम से इन तथ्यों के साथ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसे अपनी माता की ओर से वार्ड नं. 18 में वसीयती उत्तराधिकार से प्राप्त मकान है। जिसमें उसकी अनुमति से उसके भाई कलवन्त राय का परिवार रह रहा है। उसके भाई की पत्नी सुमित्रा देवी उर्फ सावित्री देवी उसके पुत्र प्रवेश कुमार जैन, टेकचन्द जैन, राजेश जैन ने नगरपालिका अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ षड्यंत्र करते हुए नगरपालिका के पट्टा बनाये जाने के अभियान के अन्तर्गत मिथ्या एवं फर्जी दस्तावेजों एवं तथ्यों के आधार पर पट्टा बनवा के आदेश ले लिए हैं। तेजराम जैन ने इस सम्बन्ध में प्रथम सूचना रिपोर्ट में दोषी व्यक्तियांे के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। पुलिस थाना संगरिया ने इस सम्बन्ध में जांच के उपरान्त 4 जुलाई 2025 को न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संगरिया के समक्ष नकारात्मक अन्तिम परिणाम प्रस्तुत कर दिया। जिससे पीड़ित होकर तेजराम जैन ने अपने अधिवक्ता संजय आर्य के माध्यम से न्यायालय के समक्ष पुलिस जांच पर आपत्ति प्रकट करते हुए अग्रिम कार्यवाही का निवेदन किया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुजीत कुमार तँवर ने पुलिस जांच में एकत्रित किये गये साक्ष्यों के आधार पर नियमों का अवलोकन किये बिना पट्टा जारी करने, हरिचन्द के स्वामित्व के भूखण्ड के वसीयती उत्तराधिकार/प्राकृतिक उत्तराधिकार की अनदेखी करने, इस पट्टे के निमित गठित समिति में इस भूखण्ड के स्थान पर अन्य किसी भूखण्ड का उल्लेख होने, नगरपालिका से प्राप्त दस्तावेजों में पीड़ित पक्ष की आपत्तियां उपलब्ध होने इत्यादि को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालय द्वारा उल्लेखित बिन्दुओं के आधार पर थानाधिकारी पुलिस थाना संगरिया को अग्रिम अनुसंधान कर 13 अक्टूबर 2025 तक अनुसंधान नतीजा पेश करने हेतु आदेशित किया है।
हनुमानगढ़, 8 जुलाई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार और नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित सहकारिता साक्षरता अभियान के अंतर्गत मंगलवार को हनुमानगढ़ के गांव पक्का सहारना में आरोह फाउंडेशन के सीएफएल द्वारा एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन जिला अग्रणी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में एलडीएम श्री बलविंदर सिंह, नाबार्ड के डीडीएम श्री दयानंद काकोड़िया, सरपंच श्रीत्रिलोक सहारण, राजीविका की एरिया कोऑर्डिनेटर श्रीमती कांता, आरजीबी बैंक से श्रीमती मंजू, सीएफएल हनुमानगढ़ की टीम और नोहर से फाइनेंशियल काउंसलर श्री बृजलाल उपस्थित रहे। शिविर में घर का बजट बनाने, बचत के महत्व, बैंकिंग सेवाओं और ब्याज के बारे में विस्तार से बताया गया। ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव की दी सलाह यूपीआई, आरटीजीएस, मोबाइल बैंकिंग, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, मुद्रा योजना व अटल पेंशन योजना की जानकारी देने के साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, कॉल और ओटीपी शेयरिंग से बचने की चेतावनी भी दी गई। मोबाइल से डाटा चोरी के खतरे के बारे में बताया गया कि कैसे ऐप या लिंक से सावधान रहना जरूरी है। बैंकिंग सेवाओं को अपनाने और समय-समय पर बैंक खातों में लेन-देन की आदतों को विकसित करने की बात कही गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि कैसे छोटी-छोटी बचत भी भविष्य को सुरक्षित बना सकती है और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंकिंग से जुड़ना जरूरी है। शिविर के अंत में मानस अभियान के तहत सभी को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई, वहीं हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत प्रांगण में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
हनुमानगढ़/टिब्बी, 8 जुलाई। प्रदेश सरकार की “अंत्योदय की भावना” अब हकीकत में साकार हो रही है। ग्राम पंचायत 4 केएसपी में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविर में एक विधवा महिला की बेटी की शादी में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से मिली आर्थिक सहायता ने नारी गरिमा और सरकार के संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश की। शिविर में ग्राम 2 केएसपी निवासी कृष्णा देवी (53) पति स्व. साहबराम, जो कि विधवा पेंशनधारी हैं, ने अपनी बेटी अनामिका की शादी की थी। उनके पास शादी के खर्च उठाने की सीमित सामर्थ्य थी। शिविर में पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री सतीश कुमार ने जब मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की जानकारी दी, तो महिला ने आवेदन किया और 41,000 रुपए की सहायता राशि की स्वीकृति तत्काल जारी की गई। दूसरी बेटी को भी मिलेगा साथ कृष्णा देवी की एक और बेटी की शादी प्रस्तावित है। जब उन्हें बताया गया कि वह इसके लिए भी इस योजना के तहत लाभ ले सकती हैं, तो उनकी आँखों में उम्मीद और चेहरे पर संतोष झलकने लगा। इस पर उन्होंने भावुक होकर कहा – "सरकार थारी बहुत मेहरबानी, थारा धन्यवाद!" शिविर में तहसीलदार श्री हरीश कुमार टाक, अतिरिक्त विकास अधिकारी श्री शिवभगवान, सीबीईओ श्री लालचंद गुड़ेसर, प्रधानाचार्या श्रीमती कृष्णा चौधरी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि श्री लखविंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिलना सुनिश्चित किया गया।
हनुमानगढ़/रावतसर, 8 जुलाई। प्रदेश सरकार के “गरीबी मुक्त राजस्थान” संकल्प को साकार करती पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के अंतर्गत रावतसर ब्लॉक की ग्राम पंचायत 4 डीडब्ल्यूएम में मंगलवार को आयोजित शिविर आमजन के लिए राहत लेकर आया। शिविर में जहां 5 लाभार्थियों को मालिकाना हक के पट्टे जारी किए गए, वहीं वर्षों पुराने विवादों का भी निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत दी गई। ग्रामवासी ताराचन्द ने बताया कि उनके पास अपने आवासीय भूखण्ड के मूल दस्तावेज नहीं थे, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। शिविर में तहसीलदार श्रीमती पायल अग्रवाल, सहायक विकास अधिकारी श्री श्योपतराम भाम्भू, ग्राम पंचायत प्रशासक श्रीमती लक्ष्मी शार्दूल सिंह बिजारणियां एवं ग्राम विकास अधिकारी श्री सत्यप्रकाश गुर्जर की उपस्थिति में उन्हें पट्टा जारी कर मालिकाना हक सौंपा गया। इस पर ताराचंद ने राहत की सांस ली और सरकार का आभार व्यक्त किया। 40 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड शिविर में कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 40 किसानों को कार्ड वितरित किए गए, जिससे उन्हें खेत की मिट्टी की पोषण स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। इससे वे संतुलित उर्वरक का उपयोग कर आर्थिक नुकसान से बच पाएंगे। 20 साल पुराना भूमि विवाद सुलझा चक 3 आरडब्ल्यूएम के निवासी रामनिवास, रामस्वरूप, नत्थूराम के बीच 20 वर्षों से कृषि भूमि का बंटवारा नहीं हो पा रहा था। शिविरों में राजस्व टीम की तत्परता से आपसी सहमति बनी और मौके पर ही बंटवारा कर प्रार्थियों को राहत दी गई। शिविर में 40 लंबित नामांतकरण प्रकरणों का भी मौके पर निस्तारण किया गया। शिविर की त्वरित कार्यवाही और समाधानपरक पहल ने आमजन में सरकार के प्रति विश्वास और संतोष की भावना को और प्रबल किया। ग्रामीणों ने इस प्रभावी शिविर आयोजन पर सरकार का आभार व्यक्त किया।
खाने में अमानक पाई गई खाद्य सामग्री, 12 प्रकरण एडीएम न्यायालय में किए पेश
- आमजन से अधिकाधिक जांच करवाने की अपील हनुमानगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (एमएफटीएल) हनुमानगढ़ में विभिन्न क्षेत्रों में जाकर दूध की जांच करेगी। शहर में यह जांच 15 मई से शुरु हो गई है, जो 30 मई से जारी रहेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि विगत दिवसों में क्षेत्र में अमानक दूध की अधिकाधिक बिक्री एवं आपूर्ति की जानकारी प्राप्त हो रही है। इसी के अंतर्गत एमएफटीएल वाहन संख्या आरजे 14-जीक्यू-4775 हनुमानगढ़ द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जाकर दूध की जांच की जा रही है। वाहन में प्रयोशाला सहायक सुभाषचन्द्र एवं पवन कुमार ने 15 मई को हाउसिंग बोर्ड एवं 16 मई को दुर्गा कॉलोनी में जाकर खाद्य सामग्री के सैम्पल लिये गये। इसके अलावा आमजन को खाद्य सामग्री में खरीदने एवं प्रयोग करने से पूर्व बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया। डॉ. शर्मा ने बताया कि एमएसटीएल द्वारा 19 मई को ढिल्लो कॉलोनी, 20 मई को गांधीनगर, 21 मई को सिविल लाइन्स, 22 मई को सुरेशिया, 23 मई को बिजली कॉलोनी, 26 मई को चक ज्वालासिंहवाला, 27 मई को ड्रीमलैण्ड कॉलोनी, 28 मई को गणपति कॉलोनी एवं 30 मई को सैक्टर 12 स्थित नई खुंजा में खाद्य सामग्री की जांच की जावेगी। डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से अपील की कि एमएफटीएल वाहन पर दूध की जांच आवश्यक रूप से करवाएं।
हनुमानगढ़, 13 मई। गरीब परिवार में जन्म लेने वाली बालिकाओं के पालन-पोषण के लिए शुरू की गई लाडो प्रोत्साहन योजना की राशि राज्य सरकार ने 1 लाख रूपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपये कर दी है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस अभिनव योजना में गरीब परिवार की बालिकाओं के जन्म पर 1.50 लाख रूपये का संकल्प पत्र राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने 12 मार्च 2025 को वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रूपये करने की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने के साथ ही जन्म से लेकर वयस्क होने तक बालिकाओं के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने 1 अगस्त 2024 से लाडो प्रोत्साहन योजना पूरे प्रदेश में लागू की थी। बालिका जन्म के प्रति सोच बदलेगी यह योजना बालिका के जन्म के साथ ही अक्सर मां-बाप को उसके लालन-पालन और भविष्य के खर्चों की चिंता हो जाती है। माता-पिता की चिंताओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'लाडो प्रोत्साहन योजना' लागू की थी। इसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और बालिका शिशु मृत्यु दर में भी कमी लाना है। योजना के सकारात्मक पहलू को देखें तो भविष्य में घटते शिशु लिंगानुपात में भी सुधार आएगा। बालिकाओं का विद्यालय में नामांकन एवं ठहराव बढ़ेगा। माता-पिता उनकी पढ़ाई जल्दी छुड़वाकर कम उम्र में शादी नहीं करवाएंगे जिससे बाल विवाह में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। किश्तों में होगा राशि का भुगतान इस योजना में बालिका के जन्म पर 1.50 लाख रूपए राशि का संकल्प पत्र प्रदान किया जाएगा। बालिका के जन्म से लेकर 21 वर्ष आयु पूरी करने तक इस राशि का भुगतान 7 किश्तों में डीबीटी के माध्यम में ऑनलाईन किया जाएगा। पहली छह किश्तें बालिका के माता-पिता अथवा अभिभावक के बैंक खाते में तथा 7वीं किश्त बालिका के बैंक खाते में ऑनलाईन हस्तांतरित की जाएगी। पात्र चिकित्सा संस्थानों में संस्थागत प्रसव के तहत बालिका का जन्म होने पर पहली किश्त 2500 रुपए, आयु एक वर्ष एवं समस्त टीकाकरण होने पर दूसरी किश्त 2500 रुपए, राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर तीसरी किश्त 4000 रुपए, राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में छठी कक्षा में प्रवेश लेने पर चौथी किश्त 5000 रुपए, राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में 10वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर पांचवी किश्त 11,000 रुपए, राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में 12वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर छठी किश्त 25,000 रुपए तथा राजकीय एवं राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने एवं 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 7वीं किश्त 1 लाख रूपए (राशि बालिका के बैंक खाते में ऑनलाईन ट्रांसफर होगी) मिलेगी। पहले सातवीं किश्त के रूप में 50 हजार रूपये देने का प्रावधान था जिसे मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने बढ़ाकर एक लाख रूपए कर दिया है। योजना की प्रथम दो किश्तों के बाद किसी चरण में किश्त का लाभ नहीं लिए जाने की स्थिति में तर्कसंगत कारण का उल्लेख करने पर पात्र बालिका को अगली किश्त का लाभ मिल सकेगा। योजना की पात्रता एवं प्रक्रिया योजना के पात्रता के तहत बालिका का जन्म राजकीय चिकित्सा संस्थान अथवा जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) के लिए अधिस्वीकृत निजी चिकित्सा संस्थान में होना आवश्यक है। साथ ही, प्रसूता का राजस्थान की मूल निवासी होना भी जरूरी है। गर्भवती महिला की एएनसी जांच के दौरान राजस्थान की मूल निवासी होने का प्रमाण-पत्र अथवा विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र, बैंक खाते का विवरण आदि दस्तावेज प्राप्त कर उनका चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संधारण किया जाएगा और पीसीटीएस पोर्टल पर विवरण दर्ज किया जाएगा। संस्थागत प्रसव के तहत बालिका के जन्म के बाद प्रथम किश्त का लाभ बालिका की माता के बैंक खाते में देय होगा। माता की मृत्यु होने पर पिता के बैंक खाते में और माता-पिता दोनों नहीं रहे तो राशि का अभिभावक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ऑनलाईन हस्तांतरण होगा। प्रत्येक बालिका को जन्म के समय ही यूनिक आईडी अथवा पीसीटीएस आईडी नंबर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दिया जाएगा। बालिका की आयु एक वर्ष पूर्ण होने एवं संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चत होने की ऑनलाईन जानकारी उपलब्ध होने के बाद चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दूसरी किश्त की राशि माता-पिता अथवा अभिभावक के खाते में ऑनलाईन ट्रांसफर की जाएगी। तीसरी किश्त से लेकर छठी किश्त का लाभ संबंधित राजकीय अथवा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के माध्यम से दिया जाएगा जहां बालिका अध्ययनरत है। बालिका के माता-पिता से पूर्व की किश्तों की यूनिक यूनिक आईडी अथवा पीसीटीएस आईडी नंबर मांगा जाएगा। आईडी के माध्यम से पोर्टल पर बालिका का विवरण ट्रेक किया जाएगा। योजना की अंतिम किश्त बालिका के स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने एवं 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर 1 लाख रूपये बालिका के खाते में सीधे हस्तांतरित किए जा सकेंगे। बालिका के स्नातक कक्षा में प्रवेश से लेकर स्नातक उत्तीर्ण करने से जुड़े दस्तावेज उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। योजना का पर्यवेक्षण एवं क्रियान्वयन योजना का प्रशासनिक विभाग निदेशालय महिला अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास होगा। प्रत्येक तीन माह में योजना की समीक्षा जिला स्तर पर संबंधित जिला कलक्टर द्वारा की जाएगी। योजना का पर्यवेक्षण `बेटी बचाओ-बेटी पढाओ' योजना की जिला टास्क फोर्स द्वारा किया जाएगा।
- मानस अभियान : कैम्प में पहुंचे 29 मरीजों की हुई स्वास्थ्य जांच हनुमानगढ़। जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में मंगलवार 13 मई को खण्ड भादरा की पीएचसी भिरानी में मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 6 नए मरीजों ने मनोचिकित्सक से काउंसलिंग के बाद नशा छोडऩे का प्रण लिया। नशा मुक्ति चिकित्सा शिविरों में आए 29 मरीजों की काउंसलिंग की। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. शर्मा ने बताया कि मंगलवार 13 मई को पीएचसी भिरानी में नशा मुक्ति शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि पीएचसी भिरानी में आयोजित शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. सुनील कुमार एवं पीएचसी इंचार्ज डॉ. कृष्ण कुमार ने मरीजों की जांच की। शिविर में 29 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें से 25 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 6 नए मरीजों ने नशा छोडऩे की इच्छा जताई, जिनकी काउंसलिंग कर उपचार शुरु किया गया। पूर्व में आयोजित नशामुक्ति शिविर में अपना उपचार करवा चुके 9 मरीज भी पुन: उपचार लेने के लिए शिविर में पहुंचे। पीएचसी भिरानी में पूर्व में आयोजित शिविरों में नजदीकी क्षेत्रों के 1 मरीज ने नशा करना पूर्ण रूप से छोड़ दिया है। शिविर में उपचार के लिए आए मरीजों एवं उनके परिजनों को नशों के दुष्प्रभाव से परिवार एवं समाज पर होने वाले हानिकारक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। अंत में सभी मरीजों एवं उनके परिजनों को नशा ना करने की शपथ दिलाई।
हनुमानगढ़, 10 मई। भारत-पाक सीमा पर तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सख्त अनिवार्य ब्लैकआउट आदेश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर एवं नागरिक सुरक्षा नियंत्रक श्री काना राम ने नागरिक सुरक्षा नियम, 1993 की धारा 2 के तहत 10 मई, 2025 से प्रतिदिन रात्रि 7 बजे से सूर्योदय तक ब्लैकआउट लागू करने का निर्देश दिया है। इस अवधि के दौरान जिले के सभी निजी, सार्वजनिक और वाणिज्यिक भवनों की भीतरी व बाहरी रोशनी पूर्णतः बंद रखनी होगी। यदि रोशनी की आवश्यकता हो तो उसे इस प्रकार रखा जाए कि प्रकाश बाहर न जाए। प्रतिष्ठान 7 बजे से पहले बंद करें बाजार, होटल, मॉल, मैरिज पैलेस, कॉम्प्लेक्स आदि को शाम 7 बजे तक बंद कर सभी नागरिकों को अपने घरों में सुरक्षित पहुंचने का निर्देश दिया गया है। प्रतिष्ठानों के मालिक यह सुनिश्चित करें कि बाहरी लाइट, सीसीटीवी कैमरों की लाइट आदि भी बंद की जाए।यदि ब्लैकआउट सायरन बजता है, तो गति कर रहे वाहन या व्यक्ति भी तुरंत जहां हैं, वहीं रुक जाएं और वाहनों की हेडलाइट तुरंत बंद कर दें। इन सेवाओं को रहेगी सशर्त छूट आवश्यक सेवाओं को रोशनी के लिए इस प्रतिबंध से सशर्त छूट दी गई है, बशर्ते उनकी रोशनी बाहर से दिखाई न दे। सरकारी व निजी अस्पताल, मेडिकल सेवाएं और एम्बुलेंस, पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा व अग्निशमन विभाग, बिजली, जलापूर्ति, संचार सेवाएं एवं जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित आपातकालीन ड्यूटी वाले कर्मचारी को छूट दी गई है। आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई जिला कलेक्टर श्री काना राम ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जनहित और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
हनुमानगढ़,भारत-पाक तनाव के चलते सुरक्षा कारणों से हनुमानगढ़ जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलेक्टर एवं नागरिक सुरक्षा नियंत्रक श्री काना राम ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में 11 मई, 2025 से आगामी आदेशों तक अवकाश घोषित कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों, प्रशिक्षण संस्थाओं, आंगनबाड़ियों, मदरसों और कोचिंग संस्थानों पर लागू होगा। यह निर्णय स्कूली बच्चों की सुरक्षा और जिले में शांति बनाए रखने की दृष्टि से लिया गया है। कर्मचारियों को रहना होगा उपस्थित हालांकि शिक्षण गतिविधियां स्थगित रहेंगी, लेकिन सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित समयानुसार संस्थान में उपस्थित रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति में उन्हें प्रशासन के निर्देशों के अनुसार कार्य करना होगा। कलेक्टर श्री काना राम ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था प्रमुख द्वारा इस आदेश की अवहेलना की जाती है, तो आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट श्री काना राम ने जारी किया निषेधाज्ञा आदेश हनुमानगढ़, 9 मई। सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच जिला प्रशासन सतर्क है। जिले की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति और आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट श्री काना राम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत दो माह की निषेधाज्ञा जारी की है। जारी आदेश के अनुसार, 9 मई 2025 से आगामी दो माह तक जिले में मानव रहित विमान (ड्रोन), पटाखों, लेजर / निओन लाइट्स, और अनुमति के बिना फायर एक्टिविटी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ड्रोन संचालन के लिए वायुयान अधिनियम, 1934 तथा मानव रहित विमान प्रणाली नियम, 2021 के तहत बनाए गए दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना अनिवार्य होगी। बिना सक्षम स्वीकृति के किसी भी प्रकार का ड्रोन उपयोग, लेज़र लाइट या पटाखों का चलाना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। सरकारी एजेंसियों को छूट यह निषेधाज्ञा आदेश सेना, पुलिस, सशस्त्र बलों, होमगार्ड और कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकृत अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है और आगमी दो माह तक प्रभावी रहेगा।
नागरिक सुरक्षा प्लान 2025 के तहत जिला प्रशासन ने जारी किए निर्देश हनुमानगढ़, 9 मई। जिले में नागरिक सुरक्षा प्लान 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने आगामी 10 मई (शनिवार) व 11 मई (रविवार) को घोषित राजकीय अवकाश के दौरान भी नागरिक सेवाओं से संबंधित सभी विभागीय कार्यालय खुले रखने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर एवं नागरिक सुरक्षा नियंत्रक श्री काना राम ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए यह निर्णय अत्यावश्यक सेवाओं के सतत संपादन हेतु लिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक प्रतिक्रिया में कोई विलंब न हो। आदेश के अनुसार, संबंधित विभागों को सुनिश्चित करना होगा कि उन दिनों कार्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की उपस्थिति रहे और संपूर्ण सतर्कता के साथ नागरिक सेवाओं का संचालन किया जाए।
हनुमानगढ़, 29 अप्रैल। रबी फसलों की सरकारी खरीद को लेकर जिला कलेक्टर श्री काना राम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में गेहूं, सरसों और चना फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में 1.51 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 3.33 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जिले में रिकॉर्डतोड़ गेहूं की खरीद की गई है, पिछले वर्ष से दोगुना आंकड़ा पार हो गया है। राज्य सरकार द्वारा घोषित बोनस के चलते किसानों की आमदनी में सीधा इज़ाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि देशभर में इस समय सबसे अधिक दर पर गेहूं राजस्थान में खरीदा जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष गेहूं का एमएसपी 2,425 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अतिरिक्त किसान हितैषी एवं कृषकों के कल्याण को समर्पित राज्य सरकार की ओर से 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है, जिससे कुल दर 2,575 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद जिले का सबसे बड़ा त्योहार है, क्योंकि पूरे प्रदेश में सर्वाधिक खरीद जिले से होती है। जिले में 58 केंद्रों के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद की जा रही है। जिसमें भारतीय खाद्य निगम, राजफैड, नेफेड, एनसीसीएफ खरीद एजेंसियों के माध्यम से खरीद की जा रही है। वहीं, चना और सरसों की खरीद के लिए 19 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 700 करोड़ से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में अब तक गेहूं की खरीद के एवज में किसानों को 700 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से किया जा चुका है। यह राशि किसानों के खातों में पारदर्शिता से पहुंचाई गई है। राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ किसानों को समयबद्ध भुगतान के लिए प्रतिबद्ध है। गिरदावरी के बिना नहीं होगी खरीद, गड़बड़ियों पर एजेंसियों से होगी वसूली: जिला कलेक्टर, निर्धारित समयावधि 48 घंटों में हो भुगतान रबी विपणन सीजन की समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर ने खरीद एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गिरदावरी की पुष्टि के बाद ही खरीद की जाए, अन्यथा संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि बिना गिरदावरी के खरीद की शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियों को गिरदावरी का सत्यापन कर ही खरीद प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि गड़बड़ी पाए जाने पर खरीद एजेंसियों से राशि की रिकवरी की जाएगी। इसके लिए पटवारियों की विशेष टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। जो समितियां खरीद प्रक्रिया में रुचि नहीं ले रही हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में बोनस की घोषणा की गई है, जिसका लाभ केवल राज्य के पंजीकृत किसानों को मिलना चाहिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि एफसीआई द्वारा निर्धारित समयावधि 48 घंटे में किसानों के खातों में भुगतान किया जा रहा है। अन्य खरीद एजेंसियां भी इसे गंभीरता से ले। निर्धारित अवधि 48 घंटे की समयावधि में भुगतान करें। किसानों से की अपील जिला कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि कुछ मंडियों में मौसम को देखते हुए जब तक मंडी खाली न हो, तब तक गेहूं मंडी में न लाएं। प्रशासन की कोशिश है कि समय पर उठाव हो और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। इसके लिए सभी स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में जिला परिषद सीईओ श्री ओपी बिश्नोई, सहकारिता विभाग के श्री अमीलाल सहारण, कृषि विपणन उपनिदेशक श्री देवीलाल कालवा, जिला रसद अधिकारी श्री सुनील घोड़ेला, मंडी सचिव श्री विष्णु दत्त शर्मा, एफसीआई, एनसीसीएफ, तिलम संघ और नेफेड के प्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड राजस्थान राज्य जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ के तत्वाधान में आज अत्यधिक गर्मी को देखते हुए संपूर्ण जिले में परिंडाअभियान की शुरुआत की गई है इस अभियान के तहत आज मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पक्षियों के लिए पानी तथा दाने हेतु परिंडे बांधे गए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महोदय ने इस तरह के कार्य लगातार करते रहने का आदेश दिया अत्यधिक गर्मी को देखते हुए संपूर्ण जिले में आने वाले दो माह तक इस तरह के अभियानों को अधिक से अधिक चलाए जाने के लिए स्काउट गाइड को आदेश दिया जिला ऑर्गेनाइजर दीपक यादव ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल कंडेल , सहायक निदेशक सुभाष चंद्र गोटिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी रणवीर शर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी इंद्रजीत शर्मा, जिला प्रभारी रणजीत कौर ,स्काउट अमित कुमार, हरदीप सिंह व अन्य कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे
हनुमानगढ़, 24 अप्रैल। खनिजों की सुरक्षा और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों की अनुपालना में जिले में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में खनिजों के महत्व को देखते हुए वैध खनन को प्रोत्साहित करने और अवैध खनन पर पूर्णतः रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा खान, वन एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को समन्वित प्रयासों के साथ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। इन निर्देशों की पालना में जिला कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। अभी तक खान विभाग द्वारा जिले के रावतसर, पल्लू, नोहर, भादरा और पीलीबंगा खनिज क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान खनिज जिप्सम के 5 प्रकरण दर्ज कर 4.26 लाख रुपए शास्ति वसूली गई। ईंट मिट्टी के अवैध परिवहन के 5 प्रकरणों में 1.33 लाख रुपए की शास्ति वसूली गई। मैसनरी स्टोन के 2 प्रकरण दर्ज कर 2.34 लाख रुपये की शास्ति वसूली गई। कुल मिलाकर 12 प्रकरणों में 194.60 मीट्रिक टन खनिज जब्त किए गए तथा 7.94 लाख रुपए की राशि शास्ति स्वरूप वसूली गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन के विरुद्ध यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
संगरिया (25 अप्रैल 2025): आर.यू.बी. निर्माण के सम्बन्ध में स्थाई लोक अदालत हनुमानगढ़ की ओर से प्रकरण उपभोक्ता संरक्षण समिति बनाम राजस्थान राज्य व अन्य में दिए गए निर्णय दिनांक 16 जून 2022 की पालना हेतु न्यायालय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश संगरिया सुजीत कुमार तंवर ने 25 अप्रैल 2025 को सुनवाई की। जिसमें राज्य सरकार और नगरपालिका की ओर से उपस्थित हुए राजकीय अधिवक्ता गुरलाल मान ने अधिशाषी अधिकारी मोनिका बंसल, तहसीलदार राजस्व संगरिया की ओर से आर.यू.बी. निर्माण के सम्बन्ध में प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए न्यायालय को अवगत करवाया कि आर.यू.बी. के साईट इंजीनियर एवं पालिका के कनिष्ट अभियंता द्वारा आर.यू.बी. के अलाईनमेंट (भगत सिंह चौक की तरफ) हेतु निशान देही देने के उपरान्त पुलिस थाना संगरिया द्वारा उक्त अलाईनमेंट में रखे गए जब्त वाहन हटा दिए गए हैं। पालिका द्वारा दी गई आर.यू.बी. अलाईनमेंट की निशानदेही में पुलिस विभाग की बिल्डिंग की चारदीवारी का कुछ हिस्सा आ रहा है। जिसे हटाने हेतु पुलिस को अवगत करवाया जा चुका है। नगरपालिका की ओर से कार्यवाहक अधिशाषी अधिकारी मोनिका बंसल ने न्यायालय को यह भी अवगत करवाया कि प्रीकास्ट आर.सी.सी. बॉक्स आर.यू.बी. के रेलवे भाग में स्थापित किए जाने हैं। जिस हेतु रेलवे विभाग से ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति हेतु मौखिक एवं पत्राचार संवाद किया जा रहा है। लेकिन इस निमित अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इसके साथ-साथ विद्युत विभाग की एच.टी. लाईन व ट्रांसफार्मर आर.यू.बी. के अलाइनमेंट में आ रहे हैं। लेकिन विद्युत विभाग द्वारा केवल ट्रांसफार्मर को शिफ्ट किया गया है। एच.टी. लाईन को शिफ्ट किया जाना शेष है। नगरपालिका की ओर से न्यायालय को अवगत करवाया गया कि कार्य को पूर्ण करने के यथा संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस पर उपभोक्ता संरक्षण समिति संगरिया के अध्यक्ष संजय आर्य ने कहा कि नगरपालिका, विद्युत विभाग, पुलिस विभाग तथा रेलवे विभाग के आपस में सामन्जस्य का अभाव है। जिसके कारण देरी हो रही है। जिस पर रेलवे के अधिवक्ता प्रमोद डेलू ने न्यायालय को विश्वास दिलाया कि रेलवे द्वारा इस स्तर पर अपने हिस्से का काम सात दिवस में पूर्ण कर लिया जावेगा। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश सुजीत कुमार ने न्यायालय के आदेशों की पालना शीघ्र अति शीघ्र करने का निर्देश देते हुए प्रकरण में अगली सुनवाई की तारीख 1 मई 2025 निश्चित की।
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में शुक्रवार 25 अप्रेल को खण्ड भादरा की पीएचसी भिरानी एवं खण्ड पीलीबंगा में सीएचसी पीलीबंगा में मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 14 नए मरीजों ने मनोचिकित्सक से काउंसलिंग के बाद नशा छोडऩे का प्रण लिया। नशा मुक्ति चिकित्सा शिविरों में आए 142 मरीजों की काउंसलिंग की। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. शर्मा ने बताया कि शुक्रवार 25 अप्रेल को पीएचसी भिरानी एवं सीएचसी पीलीबंगा में नशा मुक्ति शिविर आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि पीएचसी भिरानी में मनोचिकित्सक डॉ. सुनील कुमार एवं पीएचसी इंचार्ज डॉ. कृष्ण कुमार ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच की। शिविर में 65 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें से 52 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 10 नए मरीजों ने नशा छोडऩे की इच्छा जताई, जिनकी काउंसलिंग कर उपचार शुरु किया गया। पूर्व में आयोजित नशामुक्ति शिविर में अपना उपचार करवा चुके 12 मरीज भी पुन: उपचार लेने के लिए शिविर में पहुंचे। डॉ. शर्मा ने बताया पीएचसी भिरानी में लगाए गए शिविरों में अब तक एक मरीज ने पूरी तरह से नशा करना छोड़ दिया है। डॉ. शर्मा ने बताया कि सीएचसी पीलीबंगा में मनोचिकित्सक डॉ. ओपी सोलंकी एवं सीएचसी इंचार्ज डॉ. सुनील अग्रवाल ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच की। शिविर में 77 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें से 18 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 4 नए मरीजों ने नशा छोडऩे की इच्छा जताई, जिनकी काउंसलिंग कर उपचार शुरु किया गया। पूर्व में आयोजित नशामुक्ति शिविर में अपना उपचार करवा चुके 42 मरीज भी पुन: उपचार लेने के लिए शिविर में पहुंचे। डॉ. शर्मा ने बताया सीएचसी पीलीबंगा में लगाए गए शिविरों में अब तक एक मरीज ने पूरी तरह से नशा करना छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 6 मरीज चिट्टा एवं मैडीकेटिड नशों का सेवन करते थे। शिविर में उपचार के लिए आए मरीजों एवं उनके परिजनों को नशों के दुष्प्रभाव से परिवार एवं समाज पर होने वाले हानिकारक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। अंत में सभी मरीजों एवं उनके परिजनों को नशा ना करने की शपथ दिलाई।
-इच्छुक अभ्यर्थी 10 फरवरी तक कर सकेंगे आवेदन हनुमानगढ़, 7 फरवरी। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार अधिकतम विद्यार्थियों को कोचिंग सुविधा से लाभान्वित करने की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना को बेहतर तरीके से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से उत्कृष्ट रूप से कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इस दृष्टि से जिले में मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के लिए अभ्यर्थियों से 10 फरवरी, 2025 तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स एवं नौकरियों के लिए 30 हजार सीटों पर वरीयतानुसार प्रवेश दिए जाने के लिए अभ्यर्थियों से वर्ष 2024-25 के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजनान्तर्गत पात्र अभ्यर्थी द्वारा कोचिंग किए जाने के लिए अपने आवेदन एसएसओ पोर्टल द्वारा विभागीय एसजेएमएस एसएमएस एप के माध्यम से ऑनलाईन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा, आरपीएससी द्वारा आयोजित आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, सब इंस्पेक्टर, पूर्व में 3600 ग्रेड पे तथा वर्तमान पर मेट्रिक्स पे-लेवल 10 की अन्य परीक्षाएं, रीट परीक्षा, आरएसएसबी द्वारा आयोजित पटवारी, कनिष्ठ सहायक व समकक्ष अन्य परीक्षा, कान्सटेबल परीक्षा, बैंकिंग एवं बीमा के विभिन्न परीक्षाएं, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा, क्लेट, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड, यूपीएससी द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज, स्टाफ सिलेक्शन कमिश्नर द्वारा आयोजित परीक्षाएं सीडीएस एवं एसएससीए सीयूईटी आदि परीक्षाओं की तैयारी कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से कराई जाती है। उन्होंने बताया कि योजनान्तर्गत आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग, अति पिछडा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, आर्थिक पिछडा वर्ग एवं विशेष योग्यजन श्रेणी का सदस्य हो तथा राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक है। वे छात्र-छात्राएं, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपए प्रतिवर्ष से कम हो या जिनके माता-पिता राज्य सरकार के कार्मिक होने पर पे-मैट्रिक्स का लेवल-11 तक का वेतन प्राप्त कर रहे हों, योजना के नियमानुसार पात्र होंगे। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में संचालित अनुप्रति योजना का लाभ नहीं लिया गया हो। यदि कोई अभ्यर्थी केन्द्र, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम, आयोग, बोर्ड व अन्य किसी शासकीय निकाय में नियमित राजकीय कार्मिक के रूप कार्य करने वाले अभ्यर्थी कोचिंग योजनान्तर्गत पात्र नहीं होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के संबंध में नवीनतम विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाईट पर प्राप्त की जा सकती है। ____
हनुमानगढ़, 8 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का संकल्प है कि कोई भी वर्ग आवासहीन नहीं रहे। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की बजट घोषणा की अनुपालना में मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना आरंभ की गई है। इसका उद्देश्य राज्य के विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदाय के आवासहीन परिवारों को मूलभूत सुविधाओं सहित पक्का मकान निर्माण के लिए अनुदान सहायता राशि उपलब्ध करवा उनका पुर्नवास करना है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम सिंह ने बताया कि इस योजना में आवेदन के लिए इस समुदाय के व्यक्तियों द्वारा ई-मित्र कियोस्क अथवा स्वयं की एसएसओ आईडी के माध्यम से राज्य सरकार के पोर्टल पर जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में मकान बनवाने के लिए अनुदान सहायता के लिए आवेदक को संबंधित विकास अधिकारी पंचायत समिति में आवेदन करना होगा तथा शहरी और नगरीय क्षेत्र में मकान बनवाने के लिए आवेदक को संबंधित अधिशाषी अधिकारी, आयुक्त नगर पालिका, नगर परिषद के कार्यालय में आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है। वह राज्य सरकार द्वारा जारी विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु जातियों की सूची में सम्मिलित होना चाहिए। जाति पहचान पत्र होना चाहिए। आवेदक के परिवार के पास स्वयं का पक्का मकान नहीं होना चाहिए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा भूमि का नियमानुसार पट्टा होना आवश्यक है। आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। संयुक्त परिवार होने की स्थिति में परिवार के एक ही आवेदक को इस योजनान्तर्गत लाभांवित किया जायेगा। आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 5 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रति आवेदक को आवास निर्माण के 1.20 लाख रुपए तीन किश्तों में तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ शौचालय हेतु 12 हजार रुपए एवं 90 दिवस की श्रमिक मानव दिवस के श्रम वेतन (मनरेगा) 23,940 रुपए उपलब्ध करवाए जाएंगे। अनुदान राशि की तीनों किश्तें लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाईन देय होगी। उक्त अनुदान राशि तीन किश्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खातों में देय होगी। आवेदक के आवेदन की जांच एवं अनुशंसा ग्रामीण क्षेत्र हेतु संबंधित विकास अधिकारी एवं शहरी क्षेत्र हेतु संबंधित नगर परिषद, नगरपालिका द्वारा की जायेगी। विस्तृत जानकारी संबंधित पंचायत समिति, नगरपरिषद, नगरपालिका अथवा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में आयोजित शाला दर्पण डिजीटल हैल्थ सर्वे एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत आयोजित शिविरों में रैफरल बच्चों का उपचार आज शनिवार को पल्लू सीएचसी में आयोजित शिविर में किया गया। शिविर में नेत्र विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ, नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, दंत चिकित्सक, डेंटल हाइजीनिस्ट आदि विशेषज्ञ बच्चों की जांच की एवं उन्हें उपचार प्रदान किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर श्री कानाराम द्वारा आयोजित शाला दर्पण डिजीटल हैल्थ सर्वे एवं आरबीएसके के तहत गत 22 जुलाई 2024 से विद्यालय स्तर पर बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसी के तहत आज सीएचसी पल्लू में शिविरों में रैफरल 47 बच्चों का उपचार किया गया। शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों ने शिविर में उपस्थित बच्चों की जांच की। इनमें 5 बच्चे हड्डी रोग से ग्रस्ति थे, जिनका उचित उपचार किया गया। इसके अलावा 3 बच्चे को एनीमिक, 6 बच्चों को बुखार, 2 बच्चों को कान के रोग, 6 बच्चियों का उपचार, 11 बच्चों को दंत रोग का उपचार, 5 बच्चों के कान का उपचार, 5 बच्चों को चश्मा वितरण सहित अन्य बच्चों को दवाइयां देकर उपचार किया गया। डीईआईसी सुनील कुमार ने सभी बच्चों एवं उनके परिजनों को बच्चों में होने वाली बीमारियों, उपचार एवं खानपान संबंधी जानकारी दी। डॉ. शर्मा ने बताया कि यह अभियान 25 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को सीएचसी संगरिया, 14 फरवरी को सीएचसी छानीबड़ी, 19 फरवरी को सीएचसी फेफाना, 21 फरवरी को सीएचसी गोलूवाला एवं 25 फरवरी को उपजिला अस्पताल भादरा में रैफरल स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
*केजरीवाल भारतीय राजनीति में दूध में उबाल की तरह आए और हश्र भी वही हुआ *आगे का राजनीतिक सफर जेल में ही गुजरेगा! *दिल्ली के बाद पंजाब में भी टूट के आसार मदन अरोड़ा।शोले फ़िल्म के दो डायलॉग काफी मशहूर हुए थे।जिन्हें आज भी याद किया जाता है।एक असरानी का " हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं" और दूसरा "अमजद खान का "अब तेरा क्या होगा कालिया"।अमजद खान का यह डायलॉग दिल्ली हार के बाद अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को लेकर किया जा रहा है।ईमानदारी,सादगी और शुचिता के जरिये भारतीय राजनीति में बदलाव के वादे के साथ 2013 में राजनीति में आए अरविंद केजरीवाल 10 सालों में दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बना जनता के दिलों में भरोसा कायम करने में सफल रहे ।लोगों में विश्वास जगा कि नई नवेली यह पार्टी वास्तव में राजनीति में बदलाव ला आम आदमी की जिंदगी में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। इसी भरोसे के चलते 10 सालों में ही गोवा और गुजरात में कुछ सीटें जीत कर राष्ट्रीय पार्टी भी बन गई।सामाजिक कार्यकर्ताओं,पेशेवरों और युवाओं के सहारे क्रांति का बिगुल बजा खड़ी हुई पार्टी दूध में उबाल की तरह जिस तेजी से उभरी,उसी तेजी से उसका उफान भी उतरना शुरू हो गया है। दिल्ली में सत्ता में आते ही अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहला काम पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाने वाले अपने मित्रों और सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपते हुए उन्हें पार्टी से बेदखल कर एक निरंकुश तानाशाह बनने का किया।पूरी पार्टी उन्हीं के इर्दगिर्द खड़ी हो गई।इसी के साथ उन्होंने आम आदमी का मुखोटा उतार वादाखिलाफी करते हुए वे तमाम सुविधाएं लेना शुरू कर दिया जो बच्चों की कसम खाते हुए नहीं लेने का किया था।कुर्सी पर बैठते ही बड़ा घर,भारी सुरक्षा का घेरा,लग्जरी गाड़ी लेने के साथ ही 24 घण्टे अपने घर के दरवाजे खुले रखने के वादे के विपरीत आम लोगों के लिए अपने घर के दरवाजे बंद कर लिए।जब लोग कोविड में दवा और ऑक्सिजन के अभाव में मर रहे थे ,तब वे शराब घोटाला और अपने लिए शीशमहल बनवा रहे थे।जिससे दिल्ली वालों पर उनका तिलिस्म टूट गया।भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाना,स्कूलों और मंदिरों के पास मधुशालायें खुलवाना और शीशमहल बनवाने के साथ ही भारी सुरक्षा के घेरे में घिरे रहने की वजह से दिल्ली के लोगों में उनका भरोसा खत्म होने लगा।जिसका रुझान दिल्ली चुनावों में परिलक्षित हुआ।उन्होंने धरातल पर काम करने के बजाए फ्री की रेबड़ी को सत्ता की बैशाखी बना लिया।इसी को हथियार बना और भ्रष्टाचार और शीशमहल को मुद्दा बना भाजपा ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के बड़े नेताओं की हार के साथ अब पार्टी के वजूद को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।हार के बाद अब अरविंद केजरीवाल को अपनी सियासत और पार्टी के वजूद को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है।ऐसा इसलिए कि दिल्ली के विकास मॉडल को वे पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ बताते रहे हैं।दिल्ली में करारी हार के बाद उनके विकास मॉडल की हवा निकल गई है। केजरीवाल की पूरी राजनीति ही इस विकास मॉडल पर टिकी हुई थी।जो अब विपक्ष के निशाने पर आ गया है।आम आदमी पार्टी के पास न अपना बड़ा जमीनी कैडर है।न ही सामाजिक आधार और विचारधारा की विरासत है। इसका गठन केवल सत्ता हासिल करने के लिए हुआ था।ऐसे में पार्टी को एक रखना बड़ी चुनौती है। पार्टी और केजरीवाल के चुनाव हारने का असर न केवल पंजाब में पड़ेगा।इंडी गठबंधन में भी उनकी पकड़ कमजोर होगी।पंजाब में आम आदमी पार्टी पिछले करीब ढाई सालों से सत्ता में है और 2027 में चुनावों का सामना करना है।पंजाब में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पंजाब सरकार जनता की कसौटी पर खरी नहीं उतर पाई है।भ्रष्टाचार और नशे के कारोबार के खत्म होने का लोग इंतजार कर रहे हैं।कानून व्यवस्था बेहाल है।पंजाब सरकार को पूरी तरह से दिल्ली से नियंत्रित किया जा रहा है।जिस दिल्ली मॉडल के जरिये आम आदमी पार्टी का विस्तार कर राष्ट्रीय पार्टी बनी ,वह मॉडल धराशायी हो गया है।पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा के आप के 32 विधायकों के कांग्रेस के सम्पर्क में होने और ये सभी पूर्व कांग्रेसी होने के दावे के बाद पंजाब सरकार के टूटने का खतरा भी मंडराने लगा है।किसी तरह ये सरकार 2027 तक चल भी गई तो आगामी चुनाव में उसे कांग्रेस के साथ ही भाजपा से बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा यह तय है।भाजपा पंजाब में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत बनाने में लगी है।जिस तरह से दिल्ली में पंजाबियों से उसे समर्थन मिला है।उससे पार्टी का मनोबल पंजाब में भी बढ़ा है। विधायकी हारने के बाद क्या अरविंद केजरीवाल पंजाब का सीएम बनेंगे या राज्यसभा जाएंगे।इसकी चर्चा होने लगी है।अब उनके पास कोई संवैधानिक पद नहीं है और न ही 2028 तक राज्यसभा जा सकते हैं।कहा जा रहा है कि केजरीवाल पंजाब से राज्यसभा जा सकते हैं।जहां उनकी पार्टी के पर्याप्त विधायक हैं।लेकिन पंजाब में 2028 में राज्यसभा चुनाव होने हैं।यानी वे पंजाब से फिलहाल राज्यसभा में नहीं जा सकते।दिल्ली में भी 2030 में राज्यसभा चुनाव होंगे ।वहां से भी सांसद बनना सम्भव नहीं है।अब उनके पास केवल अपनी पार्टी का संयोजक पद बचा है।अगर कोर्ट ने उन्हें शराब घोटाले में दोषी मां लिया तो ये पद भी नहीं बचेगा।कभी देश का पीएम बनने का सपना लेने वाले अरविंद केजरीवाल अब न सीएम रहे हैं और न ही पीएम बनने का सपना पूरा होता दिख रहा है।दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल खुल कर कहते दिखे कि चुनाव जीतने के बाद वही सीएम होंगे।लेकिन बसंत में हुए चुनाव में उनकी पार्टी का पेड़ ऐसा उजड़ा कि वे न सीएम बन सके और न ही विधायक रह पाए। दिल्ली में हार के बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए अब कई नई मुश्किलें खड़ी होने वाली हैं।जिसके चलते उनका सियासी सफर जेलों में ही ज्यादा पूरा होता दिख रहा है।अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में तो फंसे हुए ही हैं और कभी भी जेल जा सकते हैं। जल बोर्ड घोटाला और शीशमहल की जांच भी हो रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधान सभा के पहले ही सत्र में सदन के पटल पर कैग की सभी 14 रिपोर्ट रखने और घोटाले में लिप्त पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा से केजरीवाल और आप नेताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।जिस तरह से पिछले पांच सालों से कैग की रिपोर्टों को दबाए रखा गया।हाई कोर्ट के आदेशों को भी ताक पर रख दिया गया।उससे ये तो साफ है कि रिपोर्टों में कुछ तो गड़बड़ झाला है। जिसे बाहर नहीं आने दिया गया। ये गड़बड़ झाला केजरीवाल और लिप्त अन्य नेताओं को जेल में ही कुछ साल बिताने का कारण बनेगा।जिस तरह से अरविंद केजरीवाल का कट्टर ईमानदार और आम आदमी होने का तिलिस्म टूटा है।उसके बाद अब अरविंद केजरीवाल के साथ ही आम आदमी पार्टी के सियासी सफर पर विराम लगता दिख रहा है। दिल्ली चुनाव का आम आदमी पार्टी के साथ ही कांग्रेस पर भी दूरगामी असर पड़ेगा।आम आदमी पार्टी के विस्तार पर अंकुश लगने से कांग्रेस का जो वोट बैंक उससे छिटक कर आप के पास चला गया था । उसकी वापिसी के साथ ही भविष्य में सेंधमारी का खतरा कम होगा।लेकिन दिल्ली चुनाव में खाता न खुलने की हैट्रिक से दोनों भाई बहन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व पर फिर से सवाल खड़े होने लगे हैं। यह मिथक भी टूट गया है कि प्रियंका गांधी अपने भाई राहुल गांधी से ज्यादा प्रभावशाली हो सकती हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जहां जहां दोनों भाई बहन ने रैली और जन सभाएं की, पार्टी की लुटिया डुबो दी।वहां वहां सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।दोनों ने 58 रैली और जनसभाएं की और 70 में से 67 पर पार्टी उम्मीदवारों की जमानतें जब्त हो गई।चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए साफ संदेश है कि कांग्रेस नेतृत्व इसी तरह से काम करता रहा तो पार्टी की लुटिया डूबना तय है।दिल्ली की जनता ने राहुल गांधी को भी जता दिया है कि उनका संविधान,लोकतन्त्र,आरक्षण खतरे में है और जातीय गणना वाला नैरेटिव अब नकारा हो गया है।भाजपा और आरएसएस के खिलाफ कुछ नया लाकर ही विरासत को बचाना होगा।
दिल्ली हार के बाद अब केजरीवाल का क्या होगा! *केजरीवाल भारतीय राजनीति में दूध में उबाल की तरह आए और हश्र भी वही हुआ *आगे का राजनीतिक सफर जेल में ही गुजरेगा! *दिल्ली के बाद पंजाब में भी टूट के आसार मदन अरोड़ा।शोले फ़िल्म के दो डायलॉग काफी मशहूर हुए थे।जिन्हें आज भी याद किया जाता है।एक असरानी का " हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं" और दूसरा "अमजद खान का "अब तेरा क्या होगा कालिया"।अमजद खान का यह डायलॉग दिल्ली हार के बाद अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को लेकर किया जा रहा है।ईमानदारी,सादगी और शुचिता के जरिये भारतीय राजनीति में बदलाव के वादे के साथ 2013 में राजनीति में आए अरविंद केजरीवाल 10 सालों में दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बना जनता के दिलों में भरोसा कायम करने में सफल रहे ।लोगों में विश्वास जगा कि नई नवेली यह पार्टी वास्तव में राजनीति में बदलाव ला आम आदमी की जिंदगी में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। इसी भरोसे के चलते 10 सालों में ही गोवा और गुजरात में कुछ सीटें जीत कर राष्ट्रीय पार्टी भी बन गई।सामाजिक कार्यकर्ताओं,पेशेवरों और युवाओं के सहारे क्रांति का बिगुल बजा खड़ी हुई पार्टी दूध में उबाल की तरह जिस तेजी से उभरी,उसी तेजी से उसका उफान भी उतरना शुरू हो गया है। दिल्ली में सत्ता में आते ही अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहला काम पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाने वाले अपने मित्रों और सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपते हुए उन्हें पार्टी से बेदखल कर एक निरंकुश तानाशाह बनने का किया।पूरी पार्टी उन्हीं के इर्दगिर्द खड़ी हो गई।इसी के साथ उन्होंने आम आदमी का मुखोटा उतार वादाखिलाफी करते हुए वे तमाम सुविधाएं लेना शुरू कर दिया जो बच्चों की कसम खाते हुए नहीं लेने का किया था।कुर्सी पर बैठते ही बड़ा घर,भारी सुरक्षा का घेरा,लग्जरी गाड़ी लेने के साथ ही 24 घण्टे अपने घर के दरवाजे खुले रखने के वादे के विपरीत आम लोगों के लिए अपने घर के दरवाजे बंद कर लिए।जब लोग कोविड में दवा और ऑक्सिजन के अभाव में मर रहे थे ,तब वे शराब घोटाला और अपने लिए शीशमहल बनवा रहे थे।जिससे दिल्ली वालों पर उनका तिलिस्म टूट गया।भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाना,स्कूलों और मंदिरों के पास मधुशालायें खुलवाना और शीशमहल बनवाने के साथ ही भारी सुरक्षा के घेरे में घिरे रहने की वजह से दिल्ली के लोगों में उनका भरोसा खत्म होने लगा।जिसका रुझान दिल्ली चुनावों में परिलक्षित हुआ।उन्होंने धरातल पर काम करने के बजाए फ्री की रेबड़ी को सत्ता की बैशाखी बना लिया।इसी को हथियार बना और भ्रष्टाचार और शीशमहल को मुद्दा बना भाजपा ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।अरविंद केजरीवाल सहित पार्टी के बड़े नेताओं की हार के साथ अब पार्टी के वजूद को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।हार के बाद अब अरविंद केजरीवाल को अपनी सियासत और पार्टी के वजूद को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है।ऐसा इसलिए कि दिल्ली के विकास मॉडल को वे पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ बताते रहे हैं।दिल्ली में करारी हार के बाद उनके विकास मॉडल की हवा निकल गई है। केजरीवाल की पूरी राजनीति ही इस विकास मॉडल पर टिकी हुई थी।जो अब विपक्ष के निशाने पर आ गया है।आम आदमी पार्टी के पास न अपना बड़ा जमीनी कैडर है।न ही सामाजिक आधार और विचारधारा की विरासत है। इसका गठन केवल सत्ता हासिल करने के लिए हुआ था।ऐसे में पार्टी को एक रखना बड़ी चुनौती है। पार्टी और केजरीवाल के चुनाव हारने का असर न केवल पंजाब में पड़ेगा।इंडी गठबंधन में भी उनकी पकड़ कमजोर होगी।पंजाब में आम आदमी पार्टी पिछले करीब ढाई सालों से सत्ता में है और 2027 में चुनावों का सामना करना है।पंजाब में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पंजाब सरकार जनता की कसौटी पर खरी नहीं उतर पाई है।भ्रष्टाचार और नशे के कारोबार के खत्म होने का लोग इंतजार कर रहे हैं।कानून व्यवस्था बेहाल है।पंजाब सरकार को पूरी तरह से दिल्ली से नियंत्रित किया जा रहा है।जिस दिल्ली मॉडल के जरिये आम आदमी पार्टी का विस्तार कर राष्ट्रीय पार्टी बनी ,वह मॉडल धराशायी हो गया है।पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा के आप के 32 विधायकों के कांग्रेस के सम्पर्क में होने और ये सभी पूर्व कांग्रेसी होने के दावे के बाद पंजाब सरकार के टूटने का खतरा भी मंडराने लगा है।किसी तरह ये सरकार 2027 तक चल भी गई तो आगामी चुनाव में उसे कांग्रेस के साथ ही भाजपा से बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा यह तय है।भाजपा पंजाब में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत बनाने में लगी है।जिस तरह से दिल्ली में पंजाबियों से उसे समर्थन मिला है।उससे पार्टी का मनोबल पंजाब में भी बढ़ा है। विधायकी हारने के बाद क्या अरविंद केजरीवाल पंजाब का सीएम बनेंगे या राज्यसभा जाएंगे।इसकी चर्चा होने लगी है।अब उनके पास कोई संवैधानिक पद नहीं है और न ही 2028 तक राज्यसभा जा सकते हैं।कहा जा रहा है कि केजरीवाल पंजाब से राज्यसभा जा सकते हैं।जहां उनकी पार्टी के पर्याप्त विधायक हैं।लेकिन पंजाब में 2028 में राज्यसभा चुनाव होने हैं।यानी वे पंजाब से फिलहाल राज्यसभा में नहीं जा सकते।दिल्ली में भी 2030 में राज्यसभा चुनाव होंगे ।वहां से भी सांसद बनना सम्भव नहीं है।अब उनके पास केवल अपनी पार्टी का संयोजक पद बचा है।अगर कोर्ट ने उन्हें शराब घोटाले में दोषी मां लिया तो ये पद भी नहीं बचेगा।कभी देश का पीएम बनने का सपना लेने वाले अरविंद केजरीवाल अब न सीएम रहे हैं और न ही पीएम बनने का सपना पूरा होता दिख रहा है।दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल खुल कर कहते दिखे कि चुनाव जीतने के बाद वही सीएम होंगे।लेकिन बसंत में हुए चुनाव में उनकी पार्टी का पेड़ ऐसा उजड़ा कि वे न सीएम बन सके और न ही विधायक रह पाए। दिल्ली में हार के बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए अब कई नई मुश्किलें खड़ी होने वाली हैं।जिसके चलते उनका सियासी सफर जेलों में ही ज्यादा पूरा होता दिख रहा है।अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में तो फंसे हुए ही हैं और कभी भी जेल जा सकते हैं। जल बोर्ड घोटाला और शीशमहल की जांच भी हो रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विधान सभा के पहले ही सत्र में सदन के पटल पर कैग की सभी 14 रिपोर्ट रखने और घोटाले में लिप्त पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा से केजरीवाल और आप नेताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।जिस तरह से पिछले पांच सालों से कैग की रिपोर्टों को दबाए रखा गया।हाई कोर्ट के आदेशों को भी ताक पर रख दिया गया।उससे ये तो साफ है कि रिपोर्टों में कुछ तो गड़बड़ झाला है। जिसे बाहर नहीं आने दिया गया। ये गड़बड़ झाला केजरीवाल और लिप्त अन्य नेताओं को जेल में ही कुछ साल बिताने का कारण बनेगा।जिस तरह से अरविंद केजरीवाल का कट्टर ईमानदार और आम आदमी होने का तिलिस्म टूटा है।उसके बाद अब अरविंद केजरीवाल के साथ ही आम आदमी पार्टी के सियासी सफर पर विराम लगता दिख रहा है। दिल्ली चुनाव का आम आदमी पार्टी के साथ ही कांग्रेस पर भी दूरगामी असर पड़ेगा।आम आदमी पार्टी के विस्तार पर अंकुश लगने से कांग्रेस का जो वोट बैंक उससे छिटक कर आप के पास चला गया था । उसकी वापिसी के साथ ही भविष्य में सेंधमारी का खतरा कम होगा।लेकिन दिल्ली चुनाव में खाता न खुलने की हैट्रिक से दोनों भाई बहन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व पर फिर से सवाल खड़े होने लगे हैं। यह मिथक भी टूट गया है कि प्रियंका गांधी अपने भाई राहुल गांधी से ज्यादा प्रभावशाली हो सकती हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जहां जहां दोनों भाई बहन ने रैली और जन सभाएं की, पार्टी की लुटिया डुबो दी।वहां वहां सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।दोनों ने 58 रैली और जनसभाएं की और 70 में से 67 पर पार्टी उम्मीदवारों की जमानतें जब्त हो गई।चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए साफ संदेश है कि कांग्रेस नेतृत्व इसी तरह से काम करता रहा तो पार्टी की लुटिया डूबना तय है।दिल्ली की जनता ने राहुल गांधी को भी जता दिया है कि उनका संविधान,लोकतन्त्र,आरक्षण खतरे में है और जातीय गणना वाला नैरेटिव अब नकारा हो गया है।भाजपा और आरएसएस के खिलाफ कुछ नया लाकर ही विरासत को बचाना होगा।
*नहीं चला राहुल और प्रियंका गांधी का जादू,तीसरी बार भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला *झूठ,फरेब,लूट की नहीं चढ़ी हांडी *भ्रष्टाचार और जातीय बंटवारे के खिलाफ जनता ने दिया प्रचंड संदेश मदन अरोड़ा।दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के झूठ,फरेब और लूट के अंत के साथ ही भाजपा का 27 साल का सूखा समाप्त हो गया है।दिल्ली का अंधेरा छंटा, सूरज निकला और कमल खिल गया।लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी जीत के साथ दिल्ली में भगवा परचम लहरा दिया है।ये अरविंद केजरीवाल जैसे फरेबी,झूठे और भ्रष्टाचारी नेताओं को जनता का स्पष्ट संदेश है कि अब झूठ,फरेब और लूट की राजनीति नहीं चलेगी।धरातल पर काम करना पड़ेगा।दिल्ली के मतदान से पूर्व 4 फरवरी को मैंने अपने ब्लॉग में कहा था-केजरीवाल के चेहरे से झूठ और फरेब का उतरा नकाब,जा रही है आप सरकार।इस ब्लॉग में मैंने 27 साल बाद भाजपा का सूखा समाप्त होने और सत्ता में आने,केजरीवालऔर सिसोदिया के चुनाव हारने की बात कही थी।इसकी वजह भी बताई थी।मेरा वह आंकलन एकदम सही उतरा है।दिल्ली के मतदाताओं ने अरविंद केजरीवाल को 4025 मतों और मनीष सिसोदिया को करीब 700 मतों से हरा साफ संकेत दे दिया कि उनकी झूठ,फरेब और लूट की हांडी अब कभी नहीं चढ़ने वाली।मुख्यमंत्री आतिशी भी चुनाव हारते हारते बची हैं।चुनाव में भ्रष्टाचार और शीशमहल बड़ा मुद्दा बन जाने से आम आदमी पार्टी का जो नेता जेल गया या जिस पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगे ।वे चुनाव हार गए।पूर्व मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पूर्व जेल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गये और मंत्री सौरभ भारद्वाज के खिलाफ भी खबरें आई कि वे जेल जा सकते हैं।विधायक दुर्गेश पाठक के खिलाफ शराब घोटाले के पैसे गोवा चुनाव में खर्च करने के आरोप लगे और ये दोनों नेता भी चुनाव हार गए।अरविंद केजरीवाल अपने निर्वाचन क्षेत्र में घूमने का साहस ही नहीं कर पाए।जिस वाल्मीकि समाज ने उन्हें पिछले दो चुनावों में झोली भर कर वोट दिए और जिस वाल्मीकि ने उन्हें सबसे पहले झाड़ू दिया ।वे सब उनकी खिलाफत कर रहे थे।नई दिल्ली के युवा हों या कारोबारी सभी केजरीवाल के खिलाफ चुनाव पूर्व खुल कर बोल रहे थे। जिससे तय होगया था कि केजरीवाल की विदाई हो रही है।पिछले दो चुनावों में दिल्ली के मुसलमानों,नौकरी पेशा लोगों,मिडल क्लास,महिलाओं और झुग्गी झोपड़ी वालों ने आम आदमी पार्टी को जमकर वोट किया।लेकिन इस बार उन्हीं मतदाताओं ने उन्हें जमीन पर ला दिया।मुस्लिम बाहुल्य 13 सीटों में से भाजपा को 4 सीट पर जीत मिली।जो पिछले चुनाव की तुलना में 2 अधिक हैं।पूर्वांचली 29 सीटों में से 22सीट भाजपा को मिली हैं । पिछली बार भाजपा को 6 जबकि आप के खाते में 23 गई थी।झुग्गी झोपड़ी की 20 सीट में से 8 भाजपा को मिली हैं ।जो पिछली बार की तुलना में 6 अधिक हैं।नौकरी पेशा बाहुल्य 4 सीट में से भाजपा को 2 सीट मिली हैं।जो पिछली बार आप के पास थी।इसी तरह पंजाबी बाहुल्य 8 सीट में से 6 सीट भाजपा को मिली हैं।जबकि पिछली बार यहां भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी।पहाड़ी क्षेत्र की 13 में से 10 सीट भाजपा को मिली हैं।पिछली बार यहां मात्र 3 सीट मिली थी।यानि कि हर वर्ग के मतदाताओं ने जो पिछले चुनावों तक केजरीवाल के साथ खड़े थे ,इस बार उनके झूठ,फरेब और लूट के चलते उन्हें नकार दिया।दिल्ली के जागरूक मतदाताओं ने फ्री की रेबड़ी को ठुकराते हुए दिल्ली को एक विकसित राजधानी,भ्रष्टाचार से मुक्त कराने,सुशासन,हर घर में साफ पानीऔर यमुना नदी पर साबरमती की तरह रिवर फ्रंट का वादा करने वाले मोदी पर भरोसा जताते हुए आम आदमी पार्टी की टोपी उड़ा और झाड़ू के टुकड़े टुकड़े कर कमल खिला दिया।मतदाताओं ने साफ संदेश दिया कि उन्हें केंद्र के साथ लड़ते रह, अपनी नाकामियों को छुपाने वाली नहीं ,सामंजस्य स्थापित कर चलने वाली सरकार चाहिए।मतदाताओं ने आप का साथ छोड़ भाजपा का हाथ थामने वाले अरविंद केजरीवाल के खास रहे पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत को तो जीत का सेहरा बांधा ही, कांग्रेस में रहते लगातार दो चुनाव हारने के बाद भाजपा में आये अरविंदर सिंह लवली को भी मतदाताओं ने विधायक बना दिया।गोपाल राय,आतिशी को छोड़ आम आदमी पार्टी के अधिकांश कद्दावर नेताओं को मतदाताओं ने घर बिठा दिया है।विधानसभा की कुल 70 सीटों में से 48 पर कमल खिला है।जो पिछली बार की तुलना में 40 सीट अधिक हैं।जबकि आम आदमी पार्टी को मात्र 22 सीट मिली हैं।पिछली बार मिली 62 सीटों में से 40 पर मतदाताओं ने झाड़ू फेर दिया। यह भाजपा की प्रचंड जीत है। दिल्ली की जनता ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को आईना दिखाते हुए कांग्रेस को फिर तीसरी बार खाता खुलने लायक भी नहीं समझा।ये चुनाव परिणाम जहां भाजपा को चुनौती है कि वो अपने वादों के अनुसार दिल्ली को एक विकसित राजधानी बनाये।हर घर साफ जल मुहैया करवाये।सड़कों की हालत सुधारने के साथ बहते सीवरेज की समस्या से निजात दिलाये।साथ ही यमुना नदी को भी साफ कर पूर्वांचलियों के नहाने लायक बनाये।ताकि वे छठ पूजा कर सकें।इसी के साथ आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार को चेतावनी है।सुधर जाओ।झांसों और झूठ से बाज आओ ।जो वादे किए थे।उन्हें निभाओ ।नहीं तो अगले चुनाव में दिल्ली की तरह सफाए के लिए तैयार रहो।भाजपा के लिए आज दोहरी खुशी का मौका रहा।दिल्ली फतह के साथ ही उसने प्रतिष्ठापूर्ण मिल्कीपुर का उपचुनाव भी 61 हजार मतों से जीत लिया।अयोध्या से सटे मिल्कीपुर के मतदाताओं ने बिना बंटे सपा और इंडी गठबन्धन को करारा जवाब दिया।उन्होंने बता दिया कि एक बार गलती की लेकिन अब दुबारा गलती नहीं करेंगे।ये यूपी के 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का भी साफ संकेत है कि जातियों में बांट चुनाव जीतने वालों के मंसूबे अब कामयाब नहीं होंगे।ये हनुमानगढ़ के विधायक गणेशराज बंसल और उसके जातीय ठेकेदारों के लिए भी सबक है।जो एक जाति को दूसरी जाति से लड़ा राजनीतिक फायदा उठाने और चुनाव जीतने के मंसूबे पाले बैठे हैं। फैजाबाद जिसके तहत अयोध्या आती है का लोकसभा चुनाव सपा द्वारा जीतने के बाद अयोध्या आयोजन फेल हुआ कहने वाले राहुल गांधी और फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रशाद को अयोध्या का नरेश बताने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी करारा जवाब है।मिल्कीपुर के मतदाताओं ने बता दिया कि अयोध्या के नरेश रामलला थे,हैं और रहेंगे।ये भी बता दिया कि अयोध्या का आयोजन विफल नहीं ,सफल हुआ है। ये संकेत है।न बटेंगे, न,कटेंगे।सनातन के लिए एक रहेंगे।जातियों में बांटने और देश को कमजोर करने के मंसूबे कभी सफल नहीं होने देंगे। जहां तक दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का सवाल है तो मेरा मानना है कि अरविंद केजरीवाल को 4025 मतों से पराजित करने वाले प्रवेश वर्मा के सिर यह ताज सजाया जा सकता है।अगर मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वे मंत्री तो बनेंगे ही।मंत्रिमंडल में मनजिंदर सिंह सिरसा अथवा मनीष सिसोदिया को हराने वाले तरविंदर सिंह मारवाह,कपिल मिश्रा अथवा ओम प्रकाश शर्मा,विजेंदर गुप्ता,कैलाश गहलोत,राज कुमार चौहान,आशीष सूद को शामिल किया जा सकता है।
मदन अरोड़ा।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज मोदी सरकार का वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया।वे सम्भवतः पहली ऐसी वित्त मंत्री बन गई हैं ,जिसने लगातार आठवीं बार बजट पेश किया है।अभी तक जो किसी ने नहीं किया,इस बजट में मोदी सरकार ने कर दिखाया है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को अब तक की सबसे बड़ी राहत देते हुए टैक्स सीमा में बड़ी छूट देकर एक नायाब तोहफा दिया है।मोदी के कल कहे गए शब्दों में लक्ष्मी की बड़ी कृपा की है।इससे उनकी खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी ।बजट में 12 लाख तक की आय पर टैक्स की छूट दी गई है।वरिष्ठ नागरिकों को स्टैंडर्ड डिडेक्शन को 50 हजार से बढाकर 1 लाख कर दिया गया है।यही नहीं नई टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब में परिवर्तन करके भी नौकरी पेशा और मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी गई है।अब 12 लाख से 16 लाख की आय पर 15 फीसदी,16 लाख से 20 लाख की आय पर 20 फीसदी,20 लाख से 24 लाख तक की आय पर 25 फीसदी और 24 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा।इससे 12 लाख पर 80 हजार,18 लाख तक की आय पर 70 हजार और 25 लाख तक की आय वालो को 1 लाख 10 हजार रुपये तक का फायदा होगा।अब जिन कर्मचारियों का वेतन सालाना 12 लाख 75 हजार रुपये है ।उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा।सरकारी कर्मचारियों को 75 हजार का स्टैण्डर्ड डिडेक्शन मिलने और 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं होने से ये लाभ मिलेगा। टीडीएस की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने के साथ ही टीसीएस की सीमा को भी 7 लाख से बढाकर 10 लाख कर दिया गया है।इसी के साथ विदेशों से आने वाले पैसे पर भी टैक्स में छूट दी गई है। चमड़ा उत्पाद पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है।इससे जूते सहित ये उत्पाद सस्ते होंगे।मेडिकल उपकरणों में भी टैक्स में राहत दी गई है।इससे ये उपकरण भी सस्ते होंगे।बड़े टीवी महंगे होंगे जबकि एलईडी, एलसीडी टीवी,मोबाइल फोन आदि पर टैक्स में राहत के चलते ये सस्ते होंगे।ई बैटरी पर टैक्स में छूट दे इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। देश में उड़ान योजना के तहत 120 नए एयरपोर्ट खोले जाएंगे।इसी के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।एमएस एमई के लिए लोन की सीमा 5 करोड़ से बढा कर 10 करोड़ की गई है।सूती को बढ़ावा देते हुए भारतीय कपड़े सस्ते किये गए हैं।बजट में रोजगार,स्वस्थ्य और कृषि पर विशेष फोकस रखा गया है।बजट में जीवन रक्षक 36 दवाओं को टैक्स से मुक्त कर सस्ता कर दिया गया है। हेल्थ स्कीम का विस्तार किया जाएगा।हर जिले में कैंसर रोगियों के लिए डे केयर सेंटर खोलने के साथ ही हर जिले में कैंसर हॉस्पिटल खोलने की घोषणा की गई है।5 सालों में मेडिकल कॉलेज में 75 हजार सीट बढाने के साथ ही पिछले मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल में खोले गए 15 आईआईटी सहित देश के सभी 23 आईआईटी में भी 75 हजार सीट बढ़ाई जाएंगी। मखाना उत्पादक किसानों के लिए बिहार में मखाना बोर्ड गठित किया जाएगा।यूरिया खाद की किल्लत से किसानों को राहत दिलाने के लिए असम में यूरिया का नया प्लांट लगाया जाएगा।किसानों केसीसी ऋण अब 5 लाख रुपये दिया जाएगा।जो पहले 3 लाख तक दिया जाता है।केवाईसी का सरलीकरण किया जाएगा।किसानों की खेती का उचित मुआवजा मिलेगा।केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिल कर कृषि क्षेत्र का विकास करवाएगी। फलों और सब्जियों को बढ़ावा।दलहन की आत्मनिर्भरता के लिए बढ़ावा दिया जाएगा।राष्ट्रीय भू स्थानिक मिशन की शुरुवात की जाएगी।अटल प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। कपास पर 5 साल का नया मिशन।पीएम धन धान्य कृषि योजना की शुरुवात की जाएगी।बच्चों को डिजिटल तरीके से किताबें दी जाएंगी।गांवों के स्कूलों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।शिक्षा के लिए एआई के 5 हाईटेक सेंटर खोले जाएंगे।प्राइमरी स्कूलों में ब्रांडबैंड की सुविधा दी जाएगी।शहरी गरीबों की आय बढ़ाने के लिए नई योजना लाई जाएगी।एससी/एसटी महिलाओं के उत्थान के लिए भी नई योजना।राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 10 लाख करोड़ खर्च किये जायेंगे।जल मिशन हर घर तक।होम डिलीवरी वालों को बीमा कवर दिया जाएगा।भारतीय भाषा में डिजिटल बुक होंगी।भारत को खिलौना हब बनाया जाएगा।एआई एक्सीलेंस सेंटर बनाये जाएंगे।पीएम गति शक्ति पोर्टल से निजी क्षेत्र को डाटा मुहैया करवाया जाएगा।नवाचार पहलों के लिए 20 हजार करोड़ खर्च किये जायेंगे।युवाओं के लिए डीप टेक फंड ।टेक रिसर्च के लिए 10 हजार करोड़ फेलोशिप दी जाएगी।ज्ञान भारतम मिशन शुरू होगा। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भारतीय ट्रेड नेट नाम से डीपीआई होगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आसान ऋण दिया जाएगा।आयकर को पारदर्शी और सरलीकरण के लिए नया आयकर बिल अगले हफ्ते लाया जाएगा।इसमें दंड नहीं न्याय पर जोर होगा।मुद्रा लोन पर होम स्टे की सुविधा।पीपीपीमॉडल पर शहरों का विकास किया जाएगा।कस्टम टैक्स को तार्किक बनाया जाएगा।राज्यों को अतिरिक्त कर्ज की सुविधा दी जाएगी।फूल उत्पादक किसानों के लिए स्टोरेज व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।भारतीय डाक सेवा का विस्तार किया जाएगा।खनिजों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट।ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।डेयरी और मत्स्य उत्पादन के लिए 5 लाख तक का लोन दिया जाएगा।जन विश्वास विधेयक 2 लाया जाएगा।
हनुमानगढ़,राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा प्रेषित स्टेट एक्शन प्लान की पालना में श्री तनवीर चौधरी, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा जिला कारागृह का मासिक निरीक्षण किया गया। श्री शिवचरण मीना, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) हनुमानगढ़ द्वारा साप्ताहिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कारागृह का वातावरण स्वच्छ पाया गया। बंदीगण को मिलने वाले भोजन व्यवस्था व चिकित्सा सुविधा के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई। कारागृह में निरूद्ध बंदीगण से संवाद वार्ता की गई। जिला कारागृह में बंदीगण को जेल मेन्युअल के अनुसार मिलने वाली सुविधाओं आदि के संबंध में पूछने पर उनके द्वारा किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होना जाहिर किया। श्री शिवचरण मीना, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) जिला कारागृह में बंदियों को नालसा के टोल-फ्री राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाईन नं. 15100 एवं ऑनलाईन नालसा पोर्टल, निःशुल्क विधिक सहायता, धारा 436ए के तहत जमानत का लाभ प्राप्त करने आदि के संबंध में विधिक जानकारी प्रदान की गई। तथा माननीय रालसा, जयपुर द्वारा दिये गये निर्देशों की पालना में जिला कारागृह, हनुमानगढ़ में निरूद्ध दोषसिद्ध बंदीगण को निःशुल्क विधिक सहायता के तहत अपील के संबंध में जानकारी दी गई तथा प्रिजन लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया।
हनुमानगढ़, 30 जनवरी। महात्मा गांधी ने हर भारतीय के दिल में स्वदेशी, स्वभाषा और स्वराज की भावना पैदा की। उनके विचार और आदर्श हर भारतीय को हमेशा राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि "शहीद दिवस" के अवसर पर गुरुवार को जिला एवं उपखंड स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री काना राम, एडीएम श्री उम्मेदी लाल मीना, सीईओ श्री ओ.पी. बिश्नोई, हनुमानगढ़ एसडीएम श्री मांगीलाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। कार्यक्रम में एनपीएस स्कूल की छात्राओं ने रामधुन का गान किया। जिला कलेक्टर श्री काना राम ने कहा कि जन्म से ही हमने सुखों का अनुभव किया है, इसलिए हम कठिनाइयों को समझ या महसूस नहीं कर सकते। जब हम पैदा हुए, तभी से हमारे पास अस्पताल, स्कूल, संविधान और चुनी हुई सरकार थी। परंतु बुजुर्ग बताते हैं कि उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। हमें इतिहास को भूलना नहीं चाहिए, क्योंकि यदि हम इतिहास भूल गए, तो भविष्य का निर्माण नहीं कर पाएंगे। हमें गांधी जी के आदर्शों और मूल्यों को हमेशा आगे रखना होगा। मैं गांधी जी की तीन बातों से सर्वाधिक प्रभावित हूं। यदि गांधी जी ने यह सोचा होता कि "मैं अकेला क्यों करूं," तो हम आज यहां नहीं होते। हमें भी अपनी सेवाओं और दैनिक दिनचर्या में इस सोच को अपनाना चाहिए। गांधी जी ने अहिंसा का पालन करते हुए स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत असहयोग आंदोलन से की, जो सविनय अवज्ञा आंदोलन से होते हुए भारत छोड़ो आंदोलन तक पहुंचा। स्वतंत्रता संग्राम एक दिन का प्रयास नहीं था। कलेक्टर ने कहा कि हमारे कार्यों में आक्रामकता की आवश्यकता हो सकती है, परंतु मांगों को रखने का तरीका हमेशा लोकतांत्रिक होना चाहिए। साधन और साध्य की पवित्रता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि लक्ष्य प्राप्त करने का रास्ता पवित्र नहीं है, तो उस लक्ष्य को प्राप्त करने का कोई महत्व नहीं है। साध्य के साथ-साथ साधन का पवित्र होना भी अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा लक्ष्य का अंतिम परिणाम नकारात्मक हो सकता है।कार्यक्रम के अंत में शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया। मंच संचालन श्री भीष्म कौशिक ने किया।
हनुमानगढ़। एक जिला एक खेल अभियान के अंतर्गत हनुमानगढ़ जिले में हॉकी खेल को पंच गौरव में शामिल किया गया है। हनुमानगढ़ जिला राजस्थान में हॉकी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। इस जिले के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। इनमें से अधिकांश खिलाड़ी राजकीय सेवाओं में भी चयनित हो चुके हैं। जिले में हॉकी खेल को प्रोत्साहित करने के लिए जिला कलक्टर महोदय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त आर.डी. सिंह, कोच इकबाल सिंह, पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी दर्शन सिंह, हनुमानगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष मलकीत सिंह, जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह तथा राजीव गांधी स्टेडियम के हॉकी कोच हरवीर सिंह मौजूद रहे। बैठक की मुख्य बातें: मलकीत सिंह ने बताया कि राजस्थान से जितने भी प्रमुख हॉकी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेले हैं, वे हनुमानगढ़ जिले से ही हैं। उन्होंने हॉकी के विकास के लिए एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड, हॉस्टल और जिम हॉल की आवश्यकता पर जोर दिया। इकबाल सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान की कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि ग्रामीण प्रतिभाओं को शहर में आकर निजी खर्च पर प्रैक्टिस करनी पड़ती है। अब तक हनुमानगढ़ से 240 से अधिक खिलाड़ी राज्य स्तर और चार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। आर.डी. सिंह ने सुझाव दिया कि ग्रामीण स्तर पर हॉकी के मैदान विकसित किए जाएं ताकि स्थानीय प्रतिभाओं का बेहतर चयन हो सके। जिला खेल अधिकारी ने जानकारी दी कि हनुमानगढ़ जिले की टीम दो बार ग्रामीण ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता रही है। हरवीर सिंह ने पूर्व में आयोजित हॉकी प्रतियोगिताओं और उससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। प्रमुख निर्देश: जिला कलक्टर ने खेल अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन खिलाड़ियों के पास संसाधनों की कमी है, उनकी सूची तैयार की जाए। उन्होंने आगामी विधानसभा सत्र के बाद पीटीआई की एक विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड, हॉस्टल और जिम हॉल के लिए बजट प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के लिए कहा। हनुमानगढ़ में भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतियोगिताओं के आयोजन के प्रयास करने और स्कूली प्रतिभाओं के चयन व प्रशिक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने की योजना पर भी विचार किया गया। --
जिले की दो आशाओं का भारत सरकार ने किया सम्मान
पीलीबंगा की दोनों टीमों(पुरुष और महिला) ने मारी बाज़ी हनुमानगढ़, 28 जनवरी। मानस खेल अभियान के तहत राजीव गांधी स्टेडियम, हनुमानगढ़ में आज जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के 7 ब्लॉकों से छात्र एवं छात्रा वर्ग की कुल 15 टीमों ने भाग लिया। जिला कलेक्टर श्री काना राम ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास करते हैं, बल्कि निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करते हैं। इस अवसर पर विधायक श्री गणेशराज बंसल ने कहा कि युवाओं का खेलों से जुड़ाव उन्हें नशे से दूर रखता है। खेलों के माध्यम से युवा अपनी फिटनेस बनाए रखते हैं और देश को लाभान्वित करते हैं। फाइनल मुकाबलों का रोमांच छात्रा वर्ग में पीलीबंगा (गोलूवाला) और रावतसर (धानधूसर) की टीमों के बीच फाइनल मुकाबला हुआ, जिसमें पीलीबंगा ने 12-3 अंकों से जीत दर्ज की। छात्र वर्ग में संगरिया (बोलावली) और पीलीबंगा (भागसर) के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें पीलीबंगा ने 17-15 अंकों से जीत हासिल की। सम्मान समारोह एवं पुरस्कार वितरण जिला कलेक्टर की पहल पर विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रैक सूट और टी-शर्ट वितरित किए गए। समारोह में हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल, जिला कलेक्टर काना राम, अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओ.पी. बिश्नोई, उपखंड अधिकारी मांगीलाल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी विक्रम शेखावत, जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह, और अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह, पूर्व सांसद सुमेधानंद, जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, द्रोणाचार्य अवार्डी आर.डी. सिंह, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल कड़ेला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस आयोजन ने युवाओं के बीच खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने और नशामुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।
- जिला कलेक्टर ने बैठक में दिए निर्देश हनुमानगढ़, 7 जनवरी। 76वें गणतंत्र दिवस को जिले में गरिमापूर्ण और समारोहपूर्वक मनाने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में जिला स्तरीय कार्यक्रम की पूर्व तैयारियों हेतु जिला कलेक्टर श्री काना राम ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया। जिला कलेक्टर ने बताया कि जिला स्तरीय समारोह जंक्शन स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, मार्च पास्ट, परेड, घुड़सवारी, झांकियों आदि का प्रदर्शन किया जाएगा। सभी जिला स्तरीय अधिकारी अपने दायित्वों का अच्छे से निर्वहन करें तथा पारितोषिक वितरण के लिए अच्छा कार्य करने वाले कार्मिकों और स्वयं सहायता समूहों के नाम भेजें। कलेक्टर ने 25 जनवरी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हनुमानगढ़ टाउन स्थित सेंट्रल पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने बताया कि 8:30 बजे तक सभी कार्यालयाध्यक्ष अपने कार्यालय पर झंडारोहण करेंगे तथा 9:15 बजे जिला स्तरीय कार्यक्रम राजीव गांधी स्टेडियम, जंक्शन में झंडारोहण होगा। राजस्थान पुलिस की महिला एवं पुरुष विंग, आरएसी, होमगार्ड, एनसीसी, स्काउट सहित विभिन्न विद्यालयों द्वारा मार्च पास्ट का आयोजन होगा। इसके उपरांत राज्यपाल के संदेश का पठन, घुड़सवारी, व्यायाम प्रदर्शन और विभिन्न विभागों द्वारा झांकियों का प्रदर्शन होगा। विद्यार्थियों द्वारा बैंड वादन और जिले के विभिन्न स्कूली छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। वीरांगनाओं का सम्मान एवं पारितोषिक वितरण जिला स्तरीय कार्यक्रम में वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा। विशिष्ट कार्य करने वाले गणमान्य व्यक्तियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम में चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, ट्रैफिक पुलिस की ओर से विभिन्न थीम पर 15 झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। पत्रकारों और प्रशासन के बीच मैत्री क्रिकेट मैच हर बार की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस पर मुख्य समारोह के आयोजन के बाद पत्रकारों और पुलिस-प्रशासन की टीम के बीच मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन होगा। बैठक में एडिशनल एसपी श्रीमती नीलिमा चौधरी, जिला परिषद सीईओ श्री ओपी बिश्नोई, एसडीएम श्री मांगीलाल, एसई डिस्कॉम श्री रजीराम सहारण, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, पीएमओ डॉ. शंकरलाल सोनी, डीटीओ श्री संजीव चौधरी, सीडीईओ श्री पन्नालाल कड़ेला, महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक श्री प्रवेश सोलंकी, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. हरीश गुप्ता, नगर परिषद आयुक्त श्री सुरेंद्र यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
हनुमानगढ़, 7 जनवरी। अहर्ता 1 जनवरी, 2025 के संदर्भ में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया। इस संदर्भ में निर्वाचन आयोग के नवीनतम दिशा-निर्देशों, निर्वाचन गतिविधियों की जानकारी, और सूचियों की प्रदायगी के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला कलेक्टर) श्री काना राम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और मीडियाकर्मियों की उपस्थिति रही। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री काना राम ने बताया कि जिले में निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी बीएलओ और निर्वाचन टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। इस अवधि में कुल 27,290 नए मतदाता जुड़े। अब जिले में कुल मतदाता संख्या 14,38,819 हो गई है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं का अनुपात कम था, विशेष रूप से नोहर और भादरा में, वहां महिला अनुपात में लगभग 6 अंकों का सुधार दर्ज हुआ है। वर्तमान में जेंडर रेशियो बढ़कर 923 हो गया है। इसी तरह, ईपी अनुपात में भी लगभग 13 अंकों का सुधार हुआ है। राज्य सरकार के बेंचमार्क के अनुसार, वोटर लिस्ट को दुरुस्त कर इसे पूर्ण किया गया है। महिला मतदाताओं का अनुपात बढ़ने के मुख्य कारण कलेक्टर ने बताया कि महिला मतदाताओं का अनुपात बढ़ने का मुख्य कारण बीएलओ को दिए गए स्पष्ट निर्देश थे। स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययनरत 18 वर्ष पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को वोटर बनने के लिए जागरूक किया गया। अन्य राज्यों से शादी कर जिले में आई महिलाओं के नाम भी मतदाता सूची में जोड़े गए। इसके लिए विवाह पंजीयन का डेटा भी उपयोग किया गया। बीएलओ ने डोर-टू-डोर जाकर लोगों को नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रक्रिया में अन्य विभागों का सहयोग भी सराहनीय रहा। एक सवाल के जवाब में जिला निर्वाचन अधिकारी श्री काना राम ने कहा कि बीएलओ कार्य के लिए सभी विभागों के कार्मिकों को समान रूप से शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
हनुमानगढ़। जिले में 1 जनवरी से शुरु हुए सड़क सुरक्षा माह के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने शनिवार 4 जनवरी को हनुमानगढ़ टाउन स्थित एमजीएम जिला अस्पताल के ट्रोमा सेंटर एवं खण्ड रावतसर के ब्रह्मसर पीएचसी में चिकित्साकर्मियों को अभियान की जानकारी दी। डॉ. नवनीत शर्मा ने चिकित्साकर्मियों को घायलों के इलाज में ट्राइऐज प्रोटोकॉल की जानकारी दी। यह अभियान 31 जनवरी तक जारी रहेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि उन्होंने शनिवार को एमजीएम जिला अस्पताल के ट्रोमा सेंटर एवं खण्ड रावतसर की पीएचसी ब्रह्मसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्साकर्मियों को जिले में 1 से 31 जनवरी तक आयोजित सड़क सुरक्षा माह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को इलाज ट्राइऐज प्रोटोकॉल के तहत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले उन मरीजों का उपचार किया जाए, जो अति गंभीर हैं और जिन्हें उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत हैं। ऐसे गंभीर घायल व्यक्तियों का गोल्डन ऑवर में उपचार होने पर उनके जल्द ठीक होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। गंभीर घायल व्यक्तियों के उपचार के बाद ही अन्य मरीजों का उपचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला परिवहन विभाग से मिली प्रचार-प्रसार सामग्री भी चिकित्सा संस्थानों में लगवाई जा रही है।
हनुमानगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त इकबाल खान एवं हनुमानगढ़ जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में जिले में त्यौहारी सीजन के लिए 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत अधिक से अधिक सैम्पल लेने की कार्यवाही की जा रही है ताकि शहरवासियों को उच्च क्वालिटी की खाद्य सामग्री मिले। इसी के तहत हनुमागनढ़ जंक्शन के एक खाद्य व्यवसायी से लिए गए मिठाई के दो सैम्पल की रिपोर्ट अनसेफ एवं सबस्टैण्डर्ड प्राप्त हुई है। अब खाद्य व्यवसायी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि दीपावली का त्यौहार नजदीक होने के कारण समस्त जिले के खाद्य व्यवसाइयों के संस्थानों की जांच कर खाद्य समाग्री के सैम्पल लिए जा रहे हैं। इसी के तहत गत 7 अक्टूबर 2024 को एफएसओ सुदेश कुमार गर्ग ने हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित मैसर्स ओम स्वीट्स से मिल्क केक (मावा मिठाई) व बेसन चक्की का सैम्पल लिया गया था, जिसे जांच के लिए बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भिजवाया गया था। डॉ. शर्मा ने बताया कि जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट के अनुसार मैसर्स ओम स्वीट्स से लिए गए मिल्क केक (मावा मिठाई) की रिपोर्ट अनसेफ प्राप्त हुई है जबकि बेसन चक्की का सैम्पल सब स्टैण्डर्ड प्राप्त हुआ है। डॉ. शर्मा ने बताया कि मैसर्स ओम स्वीट्स पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी, जिसके तहत मिल्क केक के लिए माननीय सीजेएम कोर्ट एवं बेसन चक्की के लिए माननीय एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनसेफ प्रकरण में सीजेएम न्यायालय द्वारा तीन माह की कैद एवं तीन लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त सब स्टैण्डर्ड प्रकरण में अधिकतम पांच लाख रुपए तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। डॉ. शर्मा ने बताया कि अक्टूबर माह में लिए गए सैम्पल की रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगवाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि सब स्टैण्डर्ड खाद्य पदार्थ एवं साफ-सफाई ना रखने वाले खाद्य व्यवसाइयों पर सख्त कार्यवाही की जा सके। आज टाउन-जंक्शन से लिए गए पांच सैम्पल सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि आज हनुमानगढ़ जंक्शन एवं टाउन में पांच सैम्पल संग्रहित किए गए। उन्होंने बताया कि मै. शर्मा जी आगरा चाट से सोया सॉस, मै. रमेश ट्रेडिंग कम्पनी (डेली सेव) से धनिया पाउडर, मै. हरिओम मावा पनीर हाउस से घी, मै. जनता स्वीट्स से काजू कतली एवं मै. ईशर जी स्वीट्स से मावा बर्फी का सैम्पल लिया गया, जिसे बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भिजवाया गया है। आज की कार्यवाही में एफएसओ सुदेश कुमार गर्ग, एफएसओ रफीक मोहम्मद, गार्ड योगेश, हीरावल्लभ, गुरुशरण सिंह एवं बिट्टू शामिल रहे। यहां दें जानकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से अपील की कि मिलावट करने वाले खाद्य विक्रेता एवं अवधिपार सामग्री बेचने वाले वाले लोगों की जानकारी चिकित्सा विभाग के नम्बर 01552-261190 अथवा राज्यस्तरीय व्हाट्स एप नंबर 9462819999 पर दें, ताकि जिले में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई हो सके। इस पर शिकायत मिलने पर विभागीय टीम खाद्य पदार्थ की जांच करेगी और सैंपल लेगी। इसके बाद रिपोर्ट आने पर न्यायालय की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि खाद्य व्यापारी शुद्ध, बिना मिलावटी और एक्सपायरी डेट आदि देखकर ही खाद्य पदार्थों का बेचान करें।
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में आयोजित मानस अभियान के तहत 21 अक्टूबर सोमवार को ब्लॉक नोहर की पीएचसी दीपलाना एवं पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी खोथांवाली में चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें डॉ. मनोज डूडी एवं डॉ. रिपुदमन ने चयनित रोगियों की काउंसलिंग की एवं उनका उपचार शुरु किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में जिले में मानस अभियान का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत हनुमानगढ़ को नशा मुक्त बनाने के अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा कर रहे लोगों की काउंसलिंग एवं उपचार कर उन्हें नशों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत जिले के चिकित्सा संस्थानों में नशामुक्ति चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज ब्लॉक नोहर की पीएचसी दीपलाना एवं पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी खोथांवाली में चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए। डॉ. शर्मा ने बताया कि शिविर में आज 17 रोगियों को बुलाया गया और काउंसलिंग कर उनसे विचार साझा किए गए। इससे पूर्व रोगियों के माता-पिता एवं अन्य परिजन से बात कर रोगियों की मनोस्थिति जानी गई थी। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि खोथांवाली में आयोजित शिविर में डॉ. रिपुदमन द्वारा 9 नशे के रोगियों का उपचार किया गया, जिसमें से 5 नशा छोडऩे के इच्छुक मरीजों की काउंसलिंग कर उपचार शुरु किया गया जबकि दीपलाना में डॉ. मनोज डूडी द्वारा 5 नशे के मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें दो मरीज नशा छोडऩे के इच्छुक हैं, जिनका भी उपचार शुरु कर दिया गया है। डॉ. शर्मा ने बताया कि इन सभी मरीजो की नियमित काउंसलिंग की जाएगी ताकि यह लोग दोबारा नशों की तरफ अग्रसर ना हों।
हनुमानगढ़, 22 अक्टूबर। जिले में पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन दृढ़ संकल्पित है। नियमों की अवहेलना करने के साथ प्रदूषण फैलाने वाले ईंट भट्टों पर सख्त कार्रवाईयां की जाएगी। इसके लिए राजस्व, खनन विभाग और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों की एक टीम का गठन किया है। यह टीम मौका निरीक्षण कर 15 दिन में विस्तृत रिपोर्ट जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इस सम्बंध में जिला कलेक्टर श्री काना राम ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति बैठक में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पैरामीटर्स पर ईंट भट्टों की जांच करें। इसमें कौताही नहीं बरतें। हमारे लिए आमजन का बेहतर स्वास्थ्य और प्रदूषण रहित वातावरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण में भट्टों पर चिमनी की हाइट, शहरी क्षेत्र में संचालन की स्थिति, नए नियमों के अनुरूप संचालन सहित विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जाए। श्री काना राम ने बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग घरों से निकलने वाले वेस्ट का नियमानुसार निस्तारण के लिए आमजन को जागरुक करें। नगर परिषद घरों से कचरा एकत्रित करने वाले वाहनों में एक बाॅक्स बायो मेडिकल वेस्ट के लिए भी लगाए। लोगों को उसी में वेस्ट डालने के लिए प्रेरित करें। जिला कलेक्टर ने पाॅलिथीन इस्तेमाल रोकथाम और कपड़ा व जूट कैरी बैग का उपयोग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडियों और अन्य बाजारों में पाॅलिथीन उपयोग पर कार्रवाई करें। व्यापार मंडलों, दुकानदारों से वार्ता कर समझाइश की जाए। उन्होंने मानसून में रोपे गए पौधों की देखरेख सुनिश्चित कराने, नष्ट हो चुके पौधों की जगह दूसरे लगाने के लिए उप वन संरक्षक को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के महाअभियान को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए मानसून के पौधों का सत्यापन कराते हुए सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। श्री काना राम ने कहा कि पराली जलाने से भी प्रदूषण हो सकता है। इसलिए कृषि पर्यवेक्षक खेतों में जाकर किसानों को जागरुक करें। फिर भी नहीं मानने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि औद्योगिक रासयनिक अपशिष्ट पदार्थों के प्रबंधन एवं निष्पादन के लिए स्वयं रीको क्षेत्र में जाकर बैठक करेंगे। उप वन संरक्षक श्री सुरेश कुमार आबुसरिया ने गत बैठक के निर्देशों पर अनुपालना रिपोर्ट से अवगत कराया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती राजकंवर, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र महाप्रबंधक श्रीमती आकाशदीप सिद्धू, रीको क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अनूप श्रीवास्तव सहित सम्बधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में आयोजित मानस अभियान के तहत जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) में 21 अक्टूबर से 29 नवम्बर 2024 तक शिविर आयोजित जाएंगे। इस शिविर में पूर्व में चयनित नशा मुक्ति कैम्प में चयनित रोगियों की काउंसलिंग एवं का दवाइयों द्वारा उपचार किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में जिले में मानस अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले में गत माह में आयोतिज चिकित्सा शिविरों में नशे का सेवन करने वाले रोगियों की काउंसलिंग की जा रही है। इस शिविर में मरीज के परिजनों से भी बात कर उनकी भी काउंसलिंग की जाती है। इसी क्रम में अब 21 अक्टूबर से 29 नवम्बर 2024 तक जिले की सीएचसी एवं पीएचसी में नशे का सेवन करने वाले रोगियों के लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा र्है। शिविर में कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर डॉ. ओपी सोलंकी, डॉ. मनोज डूडी, डॉ. रिपुदमन, डॉ. भाल सिंह, डॉ. सुनील कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा रोगियों की विशेष मॉनिटरिंग कर काउंसलिंग एवं दवाइयों द्वारा उपचार किया जावेगा। यहां लगेंगे चिकित्सा शिविर डॉ. शर्मा ने बताया कि 21 अक्टूबर सोमवार को नोहर ब्लॉक की पीएचसी दीपलाना एवं पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी खोथांवाली, 26 अक्टूबर शनिवार को नोहर ब्लॉक की पीएचसी परलीका एवं पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी जाखड़ांवाली, 28 अक्टूबर सोमवार को नोहर ब्लॉक की पीएचसी जसाना एवं पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी डबलीबास मिडढारोही, 4 नवम्बर सोमवार को सीएचसी संगरिया, 5 नवम्बर को भादरा ब्लॉक की पीएचसी कलाना, नोहर ब्लॉक की पीएचसी मन्दरपुरा एवं पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी लिखमीसर, 8 नवम्बर शुक्रवार को सीएचसी रावतसर, 9 नवम्बर शनिवार को भादरा खण्ड की पीएचसी उत्तराधाबास, नोहर ब्लॉक की पीएचसी बिरकाली, पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी बड़ोपल, 11 नवम्बर सोमवार को भादरा ब्लॉक की पीएचसी गदरा, नोहर ब्लॉक की पीएचसी धानसिया एवं पीलीबंगा ब्लॉक की पीएचसी दौलतांवाली, 13 नवम्बर बुधवार को भादरा ब्लॉक की पीएचसी मलसीसर, नोहर ब्लॉक की पीएचसी टोपरियां एवं रावतसर ब्लॉक की पीएचसी केलनिया, 16 नवम्बर शनिवार को सीएचसी टिब्बी, 18 नवम्बर सोमवार को खण्ड भादरा की पीएचसी नेठराना, नोहर ब्लॉक की पीएचसी टिडियासर एवं रावतसर ब्लॉक की पीएचसी बरमसर, 22 नवम्बर शुक्रवार को सीएचसी पीलीबंगा, 23 नवम्बर शनिवार को भादरा खण्ड की पीएचसी घेऊ, नोहर खण्ड की पीएचसी थिराना, रावतसर खण्ड की पीएचसी गंधेली, 25 नवम्बर सोमवार को भादरा खण्ड की पीएचसी शेरपुरा, नोहर ब्लॉक की पीएचसी ललाना दिखनादा एवं रावतसर ब्लॉक की पीएचसी मोधूनगर तथा 29 नवम्बर शुक्रवार को भादरा ब्लॉक की पीएचसी अनूपशहर, नोहर ब्लॉक की पीएचसी खुइयां एवं रावतसर ब्लॉक की पीएचसी खोडां में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
हनुमानगढ़। विश्व आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर सोमवार 21 अक्टूबर को प्रात: 11.30 बजे जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन हनुमानगढ़ जंक्शन बस स्टैण्ड के नजदीक स्थित राजकीय शहरी डिस्पेंसरी पर आयोजित किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिला स्तरीय संगोष्ठी में आयोडीन के महत्व की जानकारी, आयोडीन की कमी से शरीर पर होने वाले विकारों, आयोडीन युक्त नमक ब्राण्ड, आयोडीन की मात्रा की जानकारी दी जाएगी। इसमें एसबीआई किट से आयोडीन जांचने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी जावेगी। इसके अलावा बिना आयोडीन वाले नमक के उत्पादन एवं विक्रय करने पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम में कानूनी कार्यवाही एवं सजा के प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
हनुमानगढ़। जिले में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल की टीम ने रविवार को रावतसर में खाद्य सामग्री के 6 सैंपल संग्रहित किए। त्यौहार नजदीक होने के कारण चल रहे अभियान के तहत जिले में अधिक सैम्पल लेने की कार्यवाही की जा रही है ताकि मिलावट करने वालों पर नकेल कसी जाएगी। अक्टूबर माह में जिले में अब तक 111 सैम्पल लिए जा चुके हैं। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राज्य स्तर से मिले निर्देशों एवं जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत रविवार को रावतसर में खाद्य सामग्री में होने वाली मिलावट की जांच के लिए खण्ड खाद्य सामग्री विक्रेताओं से 6 सैम्पल संग्रहित किए गए। उन्होंने बताया कि मै. कुबेर डेयरी से घी, मै. बाबा खेत्रपाल डेयरी से गाय का दूध, मै. ओम डेयरी से घी, मै. हीरा डेयरी से घी, मै. बिजारणियां मिल्क डेयरी से दही, मै. न्यू श्री जोधपुर स्वीट्स से कलाकंद (मावा मिठाई) के नमूने लेकर बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भिजवाया गया है। इसके अलावा खाद्य व्यवसाइयों को साफ-स्वच्छ मिठाइयां बनाने, ढक कर विक्रय करने एवं दुकानों में साफ-सफाई रखने के लिए भी पाबंद किया गया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण दल में एफएसओ रफीक मोहम्मद, गार्ड रामेश्वर वर्मा, गुरशरण सिंह एवं वाहन चालक बिट्टू उपस्थित रहे। डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में अक्टूबर माह में अब तक 111 सैम्पल लिए जा चुके हैं। यहां दें जानकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से अपील की कि मिलावट करने वाले खाद्य विक्रेता एवं अवधिपार सामग्री बेचने वाले वाले लोगों की जानकारी चिकित्सा विभाग के नम्बर 01552-261190 अथवा राज्यस्तरीय व्हाट्स एप नंबर 9462819999 पर दें, ताकि जिले में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई हो सके। इस पर शिकायत मिलने पर विभागीय टीम खाद्य पदार्थ की जांच करेगी और सैंपल लेगी। इसके बाद रिपोर्ट आने पर न्यायालय की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि खाद्य व्यापारी शुद्ध, बिना मिलावटी और एक्सपायरी डेट आदि देखकर ही खाद्य पदार्थों का बेचान करें।
हनुमानगढ़, 20 अक्टूबर। जिला चिकित्सालय में सुविधाओं को बढ़ाने तथा आरएमआरएस बैठक में जिला कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना करने के लिए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. शंकरलाल सोनी ने चिकित्सा अधिकारियों के साथ रविवार को जिला चिकित्सालय में बैठक की। बैठक में पीएमओ ने कहा कि संबंधित चिकित्सक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के मरीजों के केस में उपयुक्त पैकेज कोड, जांचे, ओटी नोट्स, फोटोग्राफ्स, बारकोड बिल, एक्स-रे एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कर चेक लिस्ट के साथ मिलान करें। बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अंतर्गत ऑर्थो के विशेष प्रोसीजर टीकेआर, टीएचआर एवं ऑर्थोस्कॉपी ऑपरेशन के लिए प्रत्येक दिन एक ऑपरेशन थियेटर, एक नर्सिंग स्टाफ, आवश्यकता अनुसार हेल्पर एवं सफाई कर्मी उपलब्ध रहेगा। प्रत्येक कार्यदिवस पर इलेक्टिव केस, इमरजेंसी ऑर्थो को अवकाश के दिन भी संपादित किया जाएगा, *ऑर्थो के विशेष प्रोसीजर करवाने वाले मरीजों की बनेगी प्राथमिकता सूची, क्रमानुसार होगा ऑपरेशन* मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में ऑर्थो के विशेष प्रोसीजर करवाने वाले मरीजों की प्राथमिकता सूची बनाई जाएगी। संबंधित ऑर्थो चिकित्सक मरीज की संपूर्ण जानकारी, जांच, प्रोसीजर इंप्लांट के प्रकार की सूचना के साथ ओपीडी स्लिप, मरीज के मोबाइल एवं जनाधार कार्ड की प्रति के साथ प्राथमिक सूची में दर्ज करवाएंगे।प्राथमिकता सूची अनुसार मरीज का ऑपरेशन किया जाएगा। मरीज की बारी आने पर 24 घंटे पूर्व चिकित्सालय में भर्ती करवाने के लिए सूचना दी जाएगी। किसी कारणवश मरीज के भर्ती नहीं होने पर मरीज को अगले सात दिन तक प्राथमिकता सूची में रखा जाएगा। चिकित्सालय में जोड़ प्रत्यारोपण में उपयोग हो रहे डिस्पोजेबल कीट एवं ब्लेड इत्यादि सामान की निशुल्क आपूर्ति के लिए एसके विकलांग केंद्र, श्रीगंगानगर के लंबित अनुमोदन प्रस्ताव को पारित किया गया। बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी सहित उप नियंत्रक डॉ. अशोक खाती, ऑर्थो विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह, सर्जन डॉ. विजय शर्मा, ऑर्थो कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. विकास चौधरी, निश्चेतन कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. भजनलाल, डॉ. तग्या रस्तोगी, डॉ. अंजली सिंह, डॉ. सुधीर कुमार सहारन, ऑर्थो सर्जन डॉ. गौरव नैन, डॉ. पवन कुमार नंदीवाल उपस्थित रहे।
हनुमानगढ़, 19 अक्टूबर। इस वर्ष "फिट इण्डिया फ्रीडम रन 5.0" अभियान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य थीम पर आयोजित किया जाएगा। यह अभियान भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती पर एकता दौड़ या यूनिटी रन के साथ समापन होगा। ग्राम पंचायतों, नगर पालिकाओं, उपखंडों और जिला स्तर पर 31 अक्टूबर तक फिट इण्डिया फ्रीडम रन का आयोजन होगा। जिला कलेक्टर श्री काना राम के आदेश मुताबिक, 22 अक्टूबर को ग्राम पंचायत स्तर पर, 23 अक्टूबर को नगरपालिकाओं सहित पंचायत समिति मुख्यालय पर, 25 अक्टूबर को जिला स्तर पर फिट इण्डिया फ्रीडम रन 5.0 के तहत दौड़ का आयोजन होगा। जिला स्तरीय कार्यक्रम 25 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे जंक्शन स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में प्रारंभ होगा। जिला स्तरीय दौड़ का आयोजन राजीव गांधी स्टेडियम से परशुराम चौक होते हुए लाल चौक तक तथा लाल चौक से वापिस परशुराम चौक, कोर्ट, जिला परिषद कार्यालय के सामने से राजीव गांधी स्टेडियम तक किया जाएगा। दौड़ समाप्ति पर नशा मुक्ति की शपथ और स्वस्थ जीवन यापन को लेकर प्रतिज्ञा दिलवाई जाएगी। अभियान की सफलता का आंकलन कुल प्रतिभागियों की सख्या, दौड़ में तय की गई दूरी और डाउनलोड किए जाने वाले प्रमाण पत्रों की संख्या से किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन जिलों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। सफल आयोजन के लिए जिला स्तर पर जिला परिषद एसीईओ और ब्लॉक पर एसडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इंडिया फ्रीडम रन में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों, खिलाडियों, समस्त राजकीय कर्मचारियों, महिलाओं, छात्र-छात्राओं, गांव और शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, एनजीओ, ट्रस्ट, स्वच्छता व स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं, स्थानीय क्लबों, खेल एवं फिटनेस क्लबों, योग केंद्रों, व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों, प्रबुद्धजनों एवं बैंकर्स को आमंत्रित किया जाएगा।
हनुमानगढ़, 19 अक्टूबर। जिला कलेक्टर श्री काना राम की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट में अहम समीक्षा बैठक हुई। तीन घंटे चली बैठक में गिरदावरी एवं क्राॅप कटिंग, राजकीय कार्यालयों में रंग-रोगन, सड़क मरम्मत, नशा मुक्त मानस अभियान, जल जीवन मिशन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, डीएपी खाद की उपलब्धता एवं वितरण, पीएम किसान के आवेदनों की प्रगति पर समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने कृषि अधिकारियों, तहसीलदार, पटवारी, गिरदावर को फसल कटाई प्रयोग का नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लम्बित ई-केवाईईसी शीघ्र पूर्ण कराने के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। इसलिए सम्मान निधि योजना के प्रति किसानों को जागरुक कर ई-केवाईईसी कराए। उन्होंने नकली खाद-बीज को लेकर कार्यवाही करने और किसानों को जानकारी देने के लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए। श्री काना राम ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियां निभाए। कार्यक्रमों के जरिए कार्मिकों और विभागीय लाभार्थियों को जागरुक करें। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करें, ताकि हर घर जल पहुंच सके। इन कार्यों में तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता दें। मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आमजन को जागरुक करने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में विकास की गति बढ़ाकर आमजन को लाभान्वित करना ही हमारा ध्येय होना चाहिए। इसलिए पूर्ण मनोयोग से नियमानुसार कार्यों की गति बढ़ाए। समीक्षा बैठक में सीईओ जिला परिषद श्री ओ.पी बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री उम्मेदी लाल मीना, नोहर एडीएम श्रीमती संजू पारीक, एसडीएम हनुमानगढ़ श्री मांगी लाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। वीसी से उपखंड अधिकारी और ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी जुड़े।
हनुमानगढ़, 19 अक्टूबर। राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग की समान पात्रता परीक्षा (सीनियर सैकंडरी स्तर) 22 से 24 अक्टूबर तक होगी। जिले के 41 परीक्षा केन्द्रों पर 3 दिन (प्रतिदिन 2-2) 6 पारियों में कुल 78048 परीक्षार्थी बैठेंगे। प्रति पारी 13008 परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रतिदिन प्रथम पारी में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय में 3 बजे से 6 बजे तक परीक्षा ली जाएगी। जिला प्रशासन ने सफल परीक्षा संचालन के लिए तैयारियों पूर्ण कर ली है। — परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क यात्रा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने अपनी बसों में परीक्षार्थियों के आवागमन के लिए निःशुल्क बस व्यवस्था की है। परीक्षा दिनों में जिले के भादरा और नोहर से सुबह 4.30 बजे से 4-4 बस, रावतसर से सुबह 5.30 बजे 3 बस, पल्लू से सुबह 4.30 बजे 2 बस, सूरतगढ़ से सुबह 5 बजे 3 बस, पीलीबंगा से सुबह 5.30 बजे 4 बसें रवाना होंगी। निगम के मुख्य प्रबंधक श्री अंकित शर्मा ने बताया कि द्वितीय पारी के लिए भी बसों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। निःशुल्क बस व्यवस्था परीक्षा दिनांक के एक दिन पूर्व और दिन के बाद के लिए ही रहेगी। — ज्यादा किराया लेने पर होगी कार्यवाही परीक्षार्थियों से ज्यादा किराया वसूलने पर आॅटो, ई-रिक्शा, निजी बस संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर श्री काना राम ने जिला परिवहन अधिकारी को निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को केंद्रों तक सुगमता से पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार से कौताही नहीं बरतें। — नियंत्रण कक्ष स्थापित परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन के लिए जिला कलेक्ट्रेट में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। कक्ष में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानकसर संगरिया के प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार को प्रभारी (9875195502) नियुक्त किया गया है। कक्ष के सम्पर्क नंबर 01552-260299 है। यह कक्ष 20 और 21 अक्टूबर को सुबह 9.30 बजे से शाम 6 बजे तक और परीक्षा दिन 22 से 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से परीक्षा समाप्त होने के बाद समस्त सामग्री बोर्ड कार्यालय के लिए प्रस्थान करने तक कार्यरत रहेगा। — जिला कलेक्टर ने की अपील जिला कलेक्टर श्री काना राम ने परीक्षार्थियों से बस की छत पर बैठकर यात्रा नहीं करने के लिए अपील की है। उन्होंने कहा कि दृर्घटनाओं को रोकना सभी की जिम्मेदारी हैं। उन्होंने परीक्षार्थियों से आयोग के प्रवेश पत्र पर अंकित दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उनकी पालना के लिए भी अपील की है। उन्होंने कहा कि ड्रेस कोड का विशेष ध्यान रखें। परीक्षा केंद्र पर दिशा-निर्देश अनुसार प्रथम पारी में 8 बजे तक और द्वितीय पारी में 2 बजे तक प्रवेश दिया जाएगा।
हनुमानगढ़। जिले में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल की टीम ने शनिवार को खाद्य सामग्री के 6 सैंपल संग्रहित किए। त्यौहार नजदीक होने के कारण चल रहे अभियान के तहत जिले में अधिक सैम्पल लेने की कार्यवाही की जा रही है ताकि मिलावट करने वालों पर नकेल कसी जाएगी। अक्टूबर माह में जिले में अब तक 105 सैम्पल लिए जा चुके हैं। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राज्य स्तर से मिले निर्देशों एवं जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत शनिवार को खाद्य सामग्री में होने वाली मिलावट की जांच के लिए खण्ड खाद्य सामग्री विक्रेताओं से 6सैम्पल संग्रहित किए गए। उन्होंने बताया कि मै. जय भारत दुग्ध केन्द्र किशनपुरा से गाय का दूध, मै. विष्णु किरयाना स्टोर किशनपुरा से वनस्पति, मै. रामदेव मिष्ठान भण्डार हनुमानगढ़ से मावा, मै. पंजाब सुपर स्टोर हनुमानगढ़ से चिली सॉस, मै. डिम्पल ट्रेडिंग कम्पनी हनुमानगढ़ से रिफाइण्ड तेल एवं मै. कामधेनु जोधपुर स्वीट्स हनुमानगढ़ से रसगुल्ला का सैम्पल लेकर बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भिजवाया गया है। इसके अलावा खाद्य व्यवसाइयों को साफ-स्वच्छ मिठाइयां बनाने एवं दुकानों में साफ-सफाई रखने के लिए भी पाबंद किया गया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण दल में एफएसओ सुदेश कुमार गर्ग, सहायक कर्मचारी हीरावल्लभ, गार्ड रामेश्वर वर्मा उपस्थित रहे। डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में अक्टूबर माह में अब तक 105 सैम्पल लिए जा चुके हैं। यहां दें जानकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने आमजन से अपील की कि मिलावट करने वाले खाद्य विक्रेता एवं अवधिपार सामग्री बेचने वाले वाले लोगों की जानकारी चिकित्सा विभाग के नम्बर 01552-261190 अथवा राज्यस्तरीय व्हाट्स एप नंबर 9462819999 पर दें, ताकि जिले में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वारÓ अभियान के तहत प्रभावी कार्रवाई हो सके। इस पर शिकायत मिलने पर विभागीय टीम खाद्य पदार्थ की जांच करेगी और सैंपल लेगी। इसके बाद रिपोर्ट आने पर न्यायालय की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि खाद्य व्यापारी शुद्ध, बिना मिलावटी और एक्सपायरी डेट आदि देखकर ही खाद्य पदार्थों का बेचान करें।
हनुमानगढ़, 01 जून। प्रचण्ड गर्मी तथा हीटवेव में कोचिंग जाकर पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। अब जिले में कोचिंग कक्षाएं ऑनलाइन मोड पर ही संचालित की जाएगी। जिला कलेक्टर श्री काना राम ने प्रमुख शासन सचिव शिक्षा जयपुर के निर्देश पर शनिवार को इस सम्बंध में एक आदेश जारी किया है। जिला कलेक्टर ने जिले के समस्त कोचिंग संचालकों को निर्देशित किया है कि वे आगामी आदेशों तक कोचिंग कक्षाओं का संचालन यथासंभव ऑनलाइन मोड से ही करना सुनिश्चित करेंगे। अपरिहार्य स्थिति में यदि कुछ कक्षाएं ऑफलाइन मोड पर संचालित करना अतिआवश्यक हो तो भी सुबह 11 बजे से 2 बजे के मध्य ऑफलाइन मोड में कक्षाएं संचालित नहीं की करें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। उल्लेखनीय है कि हीट वेव और प्रचंड गर्मी में बाहर जाने पर परिजनों को भी बच्चों के बीमार होने की चिंता लगी रहती थी। अब उनकी चिंता भी दूर होगी। बच्चे घर पर रहकर पढ़ाई कर सकेंगे।
भादरा। भादरा के श्रीश्याम सीनियर सैकण्डरी स्कूल में अध्ययनरत एवं हाथीपुराबास निवासी श्री मनोज शर्मा-श्रीमती नीलम शर्मा की सुपुत्री मनस्वी ने दसवीं कक्षा में 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने विद्यालय एवं परिजनों का नाम रोशन किया है। इससे पूर्व भी मनस्वी विद्यालय में अव्वल रही है। मनस्वी डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती है।
हनुमानगढ़। सम्भागीय आयुक्त श्रीमती वंदना सिंघवी एवं जिला कलक्टर श्री कानाराम के निर्देशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के समस्त कार्यालयों में पौधारोपण किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के तहत कार्मिकों को पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी सार-सम्भाल एवं नियमित रूप से उन्हें पानी देने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसी के तहत चिकित्सा संस्थानों के कार्यालयों में भी पौधों के गमले रखवाए जा रहे है ताकि आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के तहत जिले के समस्त चिकित्सा संस्थानों में पौधारोपण किया जा रहा है। चिकित्सा संस्थानों में चिकित्साकर्मियों द्वारा पौधे लगाकर उसकी सार-सम्भाल की जा रही है। स्वास्थ्य भवन (सीएमएचओ) कार्यालय में भी आज गमले रखे गए। गमले में चिकित्साकर्मी द्वारा अपने नाम की पर्ची लगाकर उसकी सार-सम्भाल एवं नियमित पानी देने का प्रण लिया जा रहा है। इसके अलावा पक्षियों के लिए परिण्डे भी लगाए जा रहे हैं एवं उनमें नियमित पानी भी दिया जा रहा है। अस्पताल में आने वालों के लिए एवं कैम्प स्थल पर टैंट लगाकर गर्मी से राहत देने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा दोपहर में काम करने वाले श्रमिकों, रेहड़ी संचालकों, नरेगा श्रमिकों आदि को भी ओआरएस के पैकेट एवं गर्मी से बचाव की जानकारी दी जा रही है। चिकित्सा संस्थानों में आने वालों के लिए जल सेवा बढ़ती गर्मी को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों में मरीजों एवं उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए अलग-अलग स्थानों पर मटके रखकर ठण्डे पानी की जल सेवा भी की जा रही है। चिकित्सा संस्थानों में एक ही जगह वाटर कूलर लगा होता है, जहां भीड़ होने की वजह से सभी लोगों को ठण्डा पानी नहीं मिल पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा संस्थान में अलग-अलग स्थानों में मिट्टी के मटके एवं कैम्पर रखकर जल सेवा की जा रही है। चिकित्साकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि पर्ची काउंटर या अन्य किसी स्थान जहां भीड़ ज्यादा हो, वहां सहायक कर्मचारी द्वारा बोतल अथवा गिलास से स्वयं जाकर लोगों को पानी पिलाया जाए।
हनुमानगढ़, 29 मई। जिला प्रभारी सचिव एवं वाणिज्यिक कर विभाग आयुक्त डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने जिला कलेक्टर श्री काना राम के साथ बुधवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। प्रभारी सचिव ने चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड से समय- समय पर कल्चर एवं सेंसिटिविटी सैम्पल लेने के निर्देश दिए। इस दौरान जंक्शन में राजीव चौक के नजदीक आमजन के पीने के लिए लगाए गए ठंडे पानी के कैम्पर से स्वयं पानी पीकर देखा तथा संतुष्टि जाहिर की। डॉ. सुरपुर ने चिकित्सालय के विभिन्न वार्ड यथा सर्जरी, आईसीयू, सामान्य, एसएनसीयू, प्रसुति, शिशु रोग, एमटीसी का भ्रमण कर चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। वार्ड में भर्ती रोगियों एवं उनके परिजनों से चिकित्सालय की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। वार्ड में भर्ती श्रीमती सुनीता रानी प्रसुता से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली तथा उनको परिवार नियोजन अपनाने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त जनरल वार्ड में भर्ती श्री सोहन लाल, श्री वीर सिंह से भी बातचीत की तथा हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। प्रभारी सचिव डॉ. सुरपुर ने चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग में लू-तापघात एवं सामान्य व्यवस्था का निरीक्षण किया।चिकित्सालय में आने वाले रोगी और उनके परिजनों हेतु ठण्डे पानी की व्यवस्था (प्याऊ) को भी जांचा। निरीक्षण दौरान सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, पीएमओ डॉ. मुकेश कुमार, मेडिकल ज्यूरिष्ठ डॉ. शंकरलाल सोनी, नर्सिंग अधीक्षक श्री जगन अरोड़ा, नर्सिंग अधिकारी श्री प्रदीप शर्मा, नर्सिंग अधिकारी श्री वेदपाल मौजूद रहे।
हनुमानगढ़, 29 मई। बीकानेर संभाग के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री ओपी बिश्नोई मंगलवार को जिले के रावतसर ब्लॉक में दौरे पर रहे। इस अवसर पर उन्होंने एसडीएम श्री संजय अग्रवाल के साथ धन्नासर में आपणी योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण में हैण्ड वर्क्स के फिल्टर प्रोसेस के सुचारू रूप से कार्यशील नहीं मिलने पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने आपणी योजना के अधिशाषी अभियंता को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। गौरतलब है कि चौधरी कुम्भाराम लिफ्ट नहर, हैड वर्क्स धन्नासर में भण्डारण का मुख्य स्त्रोत है। हैड वर्कस से रावतसर, सरदारशहर, रतनगढ़, सुजानगढ़, लक्ष्मणगढ़ एवं फतेहपुर तहसील क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। धन्नासर से 74 गांवों में पेयजल सप्लाई किया जाता है। जिसमें रावतसर के 70, नोहर के 02 एवं सरदारशहर के 02 गांवों को पेयजल मिलता है। निरीक्षण दौरान पल्लू तहसीलदार सुश्री दिव्या चावला, पीएचईडी (आपणी योजना) नोहर अधिशाषी अभियंता श्री विजय कुमार वर्मा, आपणी योजना धन्नासर प्रोजेक्ट एईएन श्री राकेश विश्नोई मौजूद रहे। पल्लू में रात्रि चौपाल, परिवादों को त्वरित निस्तारण के निर्देश अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पल्लू में आयोजित रात्रि चौपाल कर जनसुनवाई की। जनसुनवाई में परिवादियों ने घनियासर में पानी की पाइपलाइन डालने, मोटेर में पानी की सुचारू सप्लाई, शेखचूलिया में 11 केवी जीएसएस बनाने, सीएचसी पल्लू में ईसीजी मशीन ऑपरेटर उपलब्ध करवाने जैसे परिवाद दिए। श्री बिश्नोई ने जनसुनवाई में उपस्थित सभी अधिकारियों को सभी परिवादों को त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। सीएचसी इंचार्ज से मांगा स्पष्टीकरण, अनुपस्थित दो कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने मंगलवार रात को पल्लू के डिस्कॉम कार्यालय, सीएसची पल्लू एवं 132 केवी जीएसएस राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम दूधली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान 132 केवी जीएसएस में एक कर्मचारी, सीएचसी में एक नर्सिंग कर्मी के अनुपस्थित मिलने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। निरीक्षण दौरान सीएचसी में हीटवेव के मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक तैयारी नहीं मिलने पर सीएचसी इंचार्ज को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
हनुमानगढ़, 29 मई। जिला प्रभारी सचिव डाॅ. रविकुमार सुरपुर ने कहा कि मौसमी बीमारियों, लू-ताप से बचाव में जिला प्रशासन, जलदाय, विद्युत और चिकित्सा ही नहीं, बल्कि सभी विभागों की अहम जिम्मेदारी है। हम जिस तरह घरेलू कार्य की जरूरतों को समयबद्ध पूरा करना इंश्योर करते है, उसी तरह आमजन हितार्थ कार्यों को भी प्रतिबद्धता से पूरा चाहिए। कार्यों में सक्रियता दिखाएं, तभी हमारा जिला और हमारे विभाग प्रगति करेंगे। आमजन संतुष्ट होगा और उनका सर्वोंगीण विकास होगा। जिला प्रभारी सचिव व वाणिज्यिक कर विभाग आयुक्त डाॅ. सुरपुर ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट में सभी विभागीय अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्मिक अपने प्रत्येक कार्य का फाॅलोअप जरूर करें। विभागीय अभियानों को कुछ समय नहीं, बल्कि निरंतर चलाएं। आमजन को मुहिम में शामिल करें। — जल आपूर्ति अंतिम छोर तक करें सुनिश्चित डाॅ. सुरपुर ने कहा कि दूषित जल गंभीर विषय है। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए अलग-अलग स्थानों से सैम्पल लें। जांच की सम्पूर्ण व्यवस्था जिले में ही कराने की व्यवस्था करें। अवैध कनेक्शन पर सख्त कार्रवाई कर अंतिम छोर तक सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित करें। जिला कलेक्टर, एडीएम, उपखंड अधिकारी, पीएचईडी अधिकारी अपने क्षेत्रों में पानी आपूर्ति की व्यवस्था नियमित देखें। सभी कार्यालयों में आगुन्तकों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था रहें। प्याऊ/छबील लगवाए। जलापूर्ति देखने के लिए ग्रामीण स्तर पर सरपंच, वार्ड पंच व जनप्रतिनिधियों से आग्रह कर उनकी सक्रियता बढ़ाए। चिकित्सालय, विद्यालयों और गौषालाओं में पानी की कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने इस बार डेंगू और मलेरिया के मरीज नहीं मिलने पर बचाव के सामूहिक प्रयासों के लिए सराहना की। साथ ही, कहा कि आगे ये नहीं पनपे, इसकी सुनिश्चिता करें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अपने सूखा दिवस कार्यक्रम में राजकीय कार्मिकों के साथ आमजन को शामिल करे। उन्होंने कार्यालयों में पानी टंकियों की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। — अच्छे काम में सहयोग करते है आमजन और मीडिया जिला प्रभारी सचिव ने कहा कि पौधारोपण को वृहद स्तर पर करें। अच्छे काम में आमजन और मीडिया संस्थान भी आगे बढ़कर सहयोग करते है, उन्हें भी जोड़िए। विद्यालय, महाविद्यालय, खेतों और बड़े स्थानों पर पौधों लगाकर टैगिंग भी कराए। उन्होंने परिंडा बांधने और पशुओं के लिए टंकियां रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर फायर ड्रिल कराने के निर्देश दिए। — मिलावट पर जुर्माना और सजा कराएं डाॅ. सुरपुर ने कहा कि मिलावट खाद्य सामग्री विक्रेताओं और मेडिकल दुकानों पर दवाईयों में अनियमितता बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। जुर्माना लगाने से कहीं ज्यादा सजा का प्रावधान करें। उनकी नाम सहित सूचना सार्वजनिक करें, ताकि आमजन जागरूक रहे। शादी समारोह या बड़े समारोह और बस व रेलवे स्टेशन पर भी खाद्य सामग्री की जांच करें। — पीटीआई को मिलेगी पोक्सो एक्ट की जानकारी प्रभारी सचिव ने कहा कि शिक्षा विभाग के शारीरिक शिक्षकों, खेल प्रशिक्षकों और अन्य शिक्षकों को पोक्सो एक्ट की जानकारी दी जाए। उन्होंने विशेषज्ञों के जरिए ‘गुड टच, बैड टच‘ और एक्ट कार्यशाला कराने के निर्देश दिए। बच्चों और अभिभावकों को भी जागरूक करें। — नशा रोकने के लिए सामुदायिक सहयोग जरूरी डाॅ. सुरपुर ने कहा कि जिला को नशा मुक्त करना चैलेंज है, लेकिन सामुदायिक सहयोग से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक आमजन से अपील करें। मनोचिकित्सक मानवीय व्यवहार समझते हुए प्रवृति रोकने के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जाए। उनके लिए खेल, संगीत, कला जैसी गतिविधियां आयोजित करें। पुलिस नशा व्यापारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें। बैठक में जिला कलेक्टर श्री काना राम ने प्रभारी सचिव को विश्वास दिलाया कि उनके बताए सुझावों पर सभी अधिकारी आगे बढ़ेंगे। जून में नशा मुक्त जिले के लिए विस्तृत कार्यक्रम चलेगा। सभी अधिकारी नियमित रूप से पानी, बिजली, चिकित्सा कार्यालयों और जनता के बीच जाकर निरीक्षण कर रहे है। ई-फाइल में भी सभी विभागों ने प्रगति की है। सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त षिकायतों का संवेदनषीलता से समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विकास सांगवान, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री सुनीता चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री उम्मेदी लाल मीना, उपखंड अधिकारी डाॅ. दिव्या सहित सभी विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
हनुमानगढ़, 29 मई। बीकानेर संभाग के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री ओपी बिश्नोई मंगलवार को जिले के रावतसर ब्लॉक में दौरे पर रहे। इस अवसर पर उन्होंने एसडीएम श्री संजय अग्रवाल के साथ धन्नासर में आपणी योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण में हैण्ड वर्क्स के फिल्टर प्रोसेस के सुचारू रूप से कार्यशील नहीं मिलने पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने आपणी योजना के अधिशाषी अभियंता को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। गौरतलब है कि चौधरी कुम्भाराम लिफ्ट नहर, हैड वर्क्स धन्नासर में भण्डारण का मुख्य स्त्रोत है। हैड वर्कस से रावतसर, सरदारशहर, रतनगढ़, सुजानगढ़, लक्ष्मणगढ़ एवं फतेहपुर तहसील क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। धन्नासर से 74 गांवों में पेयजल सप्लाई किया जाता है। जिसमें रावतसर के 70, नोहर के 02 एवं सरदारशहर के 02 गांवों को पेयजल मिलता है। निरीक्षण दौरान पल्लू तहसीलदार सुश्री दिव्या चावला, पीएचईडी (आपणी योजना) नोहर अधिशाषी अभियंता श्री विजय कुमार वर्मा, आपणी योजना धन्नासर प्रोजेक्ट एईएन श्री राकेश विश्नोई मौजूद रहे। पल्लू में रात्रि चौपाल, परिवादों को त्वरित निस्तारण के निर्देश अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पल्लू में आयोजित रात्रि चौपाल कर जनसुनवाई की। जनसुनवाई में परिवादियों ने घनियासर में पानी की पाइपलाइन डालने, मोटेर में पानी की सुचारू सप्लाई, शेखचूलिया में 11 केवी जीएसएस बनाने, सीएचसी पल्लू में ईसीजी मशीन ऑपरेटर उपलब्ध करवाने जैसे परिवाद दिए। श्री बिश्नोई ने जनसुनवाई में उपस्थित सभी अधिकारियों को सभी परिवादों को त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। सीएचसी इंचार्ज से मांगा स्पष्टीकरण, अनुपस्थित दो कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने मंगलवार रात को पल्लू के डिस्कॉम कार्यालय, सीएसची पल्लू एवं 132 केवी जीएसएस राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम दूधली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान 132 केवी जीएसएस में एक कर्मचारी, सीएचसी में एक नर्सिंग कर्मी के अनुपस्थित मिलने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। निरीक्षण दौरान सीएचसी में हीटवेव के मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक तैयारी नहीं मिलने पर सीएचसी इंचार्ज को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
हनुमानगढ़। गर्मी का मौसम अपने चरम पर है। लू-तापघात के चलते जिला प्रशासन ने आमजन को अहतियात बरतने के साथ ही घर से बाहर निकलने के लिए पाबंद किया हुआ है। इसके बावजूद नरेगा स्थल, मण्डी समिति एवं निर्माण कार्यों में श्रमिकों को रोजाना काम पर जाना है। इस मौसम में लोगों को डीहाइड्रेशन सहित कई तरह के रोगों से दो-चार होना पड़ता है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा आमजन को ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ओआरएस) के पैकेट का वितरण किया गया। आमजन को ओआरएस का घोल बनाकर पीने के तरीके के बारे में भी बताया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि लू एवं तापघात के चलते आमजन असहनीय गर्मी से परेशान हो रहा है। ऐसे मौसम में आमजन का बाहर निकलना भी दुभर हो रहा है। जिला प्रशासन ने भी अतिआवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद नरेगा स्थल, मण्डी समिति एवं निर्माण कार्यों में श्रमिक कार्य कर रहे हैं। ऐसे में आज चिकित्साकर्मियों द्वारा श्रमिकों को ओआरएस के पैकेट वितरित किए गए। श्रमिकों को जानकारी दी गई कि गर्मी के मौसम में ओआरएस काफी लाभदायक साबित होता है। उन्होंने जानकारी दी गई कि गर्मी में काम करने की वजह से लोगों को पसीना ज्यादा निकलता हैं और लोग पानी भी कम पी रहे हैं, जिसके चलते डीहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर कम होने की शिकायत मिल रही है। उन्होंने बताया कि एक लीटर पानी में ओआरएस का पूरा पैकेट घोल कर तैयार करें एवं आवश्यकतानुसार रोगी को पिलाते रहें। यह घोल पीने से उन्हें काफी राहत मिलेगी। डीहाईड्रेशन से बचने के लिए पानी का सेवन अधिक से अधिक करें, मसालेदार खाने से परहेज करें, फाइबर डाइट का सेवन करें, फल में संतरे का ज्यादा प्रयोग करें और जरूरत पडऩे पर चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। यह सावधानी रखें कि ओआरएस का घोल बनाने के 5-6 घंटे के बाद इसका उपयोग ना करें।
हनुमानगढ़, 27 मई। जिला कलेक्टर श्री काना राम ने सोमवार को विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया। टाउन स्थित जलदाय कार्यालय में वाटर सप्लाई जांची। उन्होंने घरों में जाकर पानी की गुणवत्ता की जांच की। उसके बाद वृद्धाश्रम में वरिष्ठ लोगों को बातचीत कर उनकी परिवेदनाएं सुनी। उन्होंने राजकीय चिकित्सालय में मरीजों और परिजनों के लिए ठंडे पानी, वार्डों में कूलर, पंखें की समुचित व्यवस्था और स्वच्छता के लिए चिकित्सालय प्रबंधन को निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि तेज गर्मी से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करें। उन्होंने राजकीय कन्या महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का भी निरीक्षण कर कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री उम्मेदी लाल मीना ने आयुष उप स्वास्थ्य केंद्र ज्वालासिंह वाला, सतीपुरा, जेवीवीएनएल सतीपुरा, सीएचसी संगरिया, पीएचईडी मानकसर, लीलावाली, नाथवाना का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। वहीं, नोहर तहसीलदार श्रीमती भार्गवी सान्दू ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी दीपलाना एवं सीएचसी रामगढ़ परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने वाटर स्टोरेज टैंक की सफाई, वार्डों में सफाई और दवाईयों की उपलब्धता जांची।
हनुमानगढ़, 27 मई। बिजली, पानी और मौसमी बीमारियों की रोकथाम, हीटवेव से बचाव तथा आगामी मानसून में पौधरोपण को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिला कलेक्टर श्री काना राम ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों में पौधारोपण की जगह को चिन्हित कर उसी अनुसार पौधों की डिमांड भेजे। साथ ही, प्रत्येक कार्यालय में आमजन के लिए टेंट सहित ठंडे पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने जिले के सभी अस्पतालों, बस स्टैंड, बाजार, मंडी यार्ड तथा सभी सरकारी दफ्तरों में आगुंतकों तथा आमजन के पीने के लिए ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्थाए करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल की व्यवस्था के स्थान पर टेंट या बैनर लगाए ताकि आमजन को आसानी से दिखाई दे सके। साथ ही, अस्तपालों में मरीजों की बढ़ती संख्या तथा आगामी दिनों में सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने को लेकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा श्रमिकों के लिए छाया पानी की व्यवस्थाएं दुरूस्त हो। जिला कलेक्टर ने पीएचईडी अधिकारियों को सुचारू पानी सप्लाई और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता उपनिदेशक श्री सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि पेंशन सत्यापन में आधार सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट तथा फेस रिकॉग्निशन में आ रही दिक्कतों का समाधान किया गया है, ऐसे पेंशनधारक स्वीकृतकर्ता ऑफिसर(एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत होकर भी सत्यापन करवा सकते है। श्री काना राम ने कहा कि पौधारोपण का कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम ना बनाकर रहे, इसके लिए आमजन, सिविल सोसाइटी, संस्थाएं तथा अपने कार्यालय के कर्मचारियों को भी पौधारोपण में शामिल करें। पौधे के परिपक्व होने तक इसका संपूर्ण दायित्व ले। आगामी मानसून के समय आउटडोर पौधारोपण के साथ-साथ, कार्यालयों के अंदर भी गमलों में पौधारोपण करें। जिला कलेक्टर ने कहा कि कार्यालय में काम नहीं आने वाली फाइलों के बस्तों को बांधकर रिकॉर्ड रूम में सूचीबद्ध कर जमा करें। ई-फाइल से ही सभी फाइलें निस्तारित करें। संपर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का संतुष्टि लेवल बढ़ाने का प्रयास करें। बैठक में जिला परिषद सीईओ सुश्री सुनीता चौधरी, विद्युत विभाग एसई श्री रजीराम सहारण, कृषि विपणन के संयुक्त निदेशक श्री देवीलाल कालवा, पीएचईडी एक्सईएन श्री जितेंद्र झांब, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सुनील विधार्थी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हनुमानगढ़, 27 मई। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारतीय खाद्य निगम सहित अन्य संघों ने प्रदेश की सर्वाधिक गेहूं खरीद की है। यहां 26 मई तक खरीद एजेंसियों (भारतीय खाद्य निगम, तिलम संघ, नैफेड, एनसीसीएफ) ने 56.48 लाख क्विंटल गेहूं खरीद की है। जिसमें भारतीय खाद्य निगम ने 43.97 लाख क्विंटल, तिलम संघ ने 0.57 लाख, नैफेड ने 0.287 लाख, एनसीसीएफ ने 0.39 लाख क्विंटल गेंहू की खरीद की है। इसमें जिले के 90 प्रतिशत किसानों को उनकी मेहनत का 1328.42 करोड़ रुपए का भुगतान भी समयबद्ध किया जा चुका है। इस खरीद और भुगतान से अन्नदाताओं के चेहरे खुशी से खिले उठे है। प्रदेश में 10 मार्च से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हुई। इसके लिए 46 हजार 582 कृषकों का पंजीयन हुआ, जिसमें से 26 मई तक 35 हजार से अधिक कृषकों से खरीद की जा चुकी है। जिले में भारतीय खाद्य निगम ने सर्वाधिक 1055.32 करोड़ रुपए का भुगतान निर्धारित समय सीमा में किया है। समयबद्ध भुगतान से किसानों में खुशी खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूं खरीद और भुगतान की सरल और सराहनीय प्रक्रिया अपनाई जा रही हैै। किसानों को 48 घंटे में भुगतान करने का नियम है, जबकि अधिकांश को 24 घंटे में ही भुगतान किया गया। इस समयबद्ध प्रक्रिया से किसान वर्ग खुश है। उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर श्री काना राम द्वारा नियमित बैठक और निरीक्षण कर कृषि विपणन विभाग और खरीद एजेंसियों को उठाव और भुगतान में कौताही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। हनुमानगढ़ के किसान बताते हैं कि वो पहले दिन धान मंडी में गेहूं लेकर आते है। उसी दिन खरीद कर ली जाती है और अगले दिन ही भुगतान बैंक खाते में प्राप्त हो जाता है। वहीं, निगम प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि भुगतान में शेष 10 प्रतिशत किसानों के बैंक खातों, आधार संख्या व अन्य आवश्यक दस्तावेजों में कमी होने के कारण समय लगा है। उन्हें शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा।
हनुमानगढ़, 27 मई। जिला कलेक्टर श्री काना राम ने कहा कि हमारे लिए लोगों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि है। सड़क दुर्घटना में मौत विचलित करने वाली होती है। इससे पूरा परिवार बिखर जाता है और जिस दुःख और पीड़ा से वह गुजरता है उसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। इसलिए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का संकल्प लेकर हमें प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की 10वीं बैठक हुई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करें और लक्ष्य बनाकर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास करें। पूर्ण सजगता और जवाबदेही से कार्य करें। — लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जिले में सड़क सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित कराएं। उल्लंघन और लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें, जिससे दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि ओवरलोड, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट एक भी वाहन नहीं चलना चाहिए। नगर परिषद आवारा पशुओं को गौशाला में छोड़े। अवांछित झाड़ियों और पेड़ पौधे की छटाई-कटाई कराएं। जिले में अनाधिकृत कट तुरंत बंद कराएं। सड़कों पर अवशेष कन्ट्रक्शन मैटेरियल को हटाकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करें। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को हिदायत दी कि किसी भी दुर्घटना में आपकी लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। — ओवरलोड नहीं चलें बाल वाहिनियां जिला कलेक्टर ने विद्यालयों में नया सत्र शुरू होने से पूर्व ही बाल वाहिनियां और उनके वाहन चालकों के स्वास्थ्य की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में एक भी बाल वाहिनी ओवरलोड और ओवरस्पीड से नहीं चलें। सभी वाहिनियों पर चालक का नाम, सम्पर्क नंबर अंकित होने चाहिए। — भले मददगारों को करें सम्मानित जिला कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर जीवन बचाने वाले भले मददगारों को सम्मानित किया जाए। उन्हें प्रमाण पत्र और प्रोत्साहन राशि भेंट करें, ताकि अधिकाधिक आमजन इस अमूल्य मदद में जुड़ सके। — सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाएं जिला कलेक्टर ने कहा कि वाहन की तेज रफ्तार से दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में पुलिस और जिला परिवहन कार्यालय सहित अन्य संबंधित विभाग सड़क सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चलाएं। स्वयंसेवी संगठनों, आमजन और विशेषज्ञों के सहयोग से गतिविधियां कराएं। विद्यालयों में बच्चों को जागरूक करें, ताकि वे अपने परिजनों को जानकारी दे सकें। — जिला कलेक्टर की अपील जिला कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि आपका जीवन बहुमूल्य है। इसलिए वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा सम्बंधित नियमों की शत—प्रतिशत पालना करें। सड़क दुर्घटनाओं में अकाल मृत्यु के शिकार दुपहिया वाहन चालक अधिक होते हैं। यदि हेलमेट पहनें तो दुर्घटना के असर को काफी कम किया जा सकता है। पशुओं को सड़क किनारे चारे नहीं डाले। — आॅटोमेटेड ट्रैक पर होगा टेस्ट जिला परिवहन अधिकारी श्री संजीव चौधरी ने बताया कि आॅटोमेेटेड ड्राईविंग ट्रैक पर कैमरे इंस्टाॅल हो गए है। अभी टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। जून में वाहन चालकों का ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक पर ही लिया जाएगा। बैठक में समिति सदस्य सचिव श्री शीशपाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती नीलम चौधरी सहित समिति के सदस्य और सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
हनुमानगढ़। भारतीय जनता पार्टी, ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष पवन बागोरिया के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जंक्शन भगत सिंह चौक पर शनिवार को पुतला दहन किया। भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष पवन बागोरिया ने बताया कि कोलकाता उच्च न्यायालय ने संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत गलत ढंग से पिछड़ा वर्ग के कोटे में अल्पसंख्यक वर्ग के मुसलमानों को ममता बनर्जी द्वारा दिए गए आरक्षण को रद्द कर दिया है। न्यायालय के इस फैसले को ममता बनर्जी ने मानने से इनकार कर दिया है, जो न्यायालय की अवमानना है। इसके विरोध में देशभर में भाजपा ओबीसी मोर्चा ने ममता बनर्जी का पुतला दहन कर विरोध प्रकट किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष देवेन्द्र पारीक ने कहा कि इंडी गठबंधन लगातार पिछड़ों के हक पर जहां-जहां इनकी सरकार है। पिछड़ा वर्ग के लोगों के संवैधानिक अधिकार पर लगातार कुठाराघात कर रहा है। वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मुसलमानों के 77 जातियों को ओबीसी सर्टिफिकेट दिया था। इनकी वोट बैंक की राजनीति तुष्टिकरण की हद पार कर गई। हाईकोर्ट के फैसले को भी नहीं मानने की बात कर रही है। जिला महामंत्री कुलवंत वर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओबीसी आरक्षण पर डाका डाला है। 118 पिछड़ी जातियों का आरक्षण मुसलमानों को दे दिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले 10 साल के ऐसे ओबीसी प्रमाण पत्रों को रद्द करने का आदेश दिया है, जो ऐतिहासिक फैसला है। पर, ममता बनर्जी कह रही हैं कि वे इसे नहीं मानेंगी। वर्मा ने सवाल उठाया कि क्या कोई मुख्यमंत्री ऐसा हो सकता है, जो हाईकोर्ट के आदेश को न मानने की घोषणा करे। यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा और संविधान का घोर उल्लंघन है। इस मौके पर जिला मीडिया प्रभारी महेश शर्मा, शुभेन्द्र सिंह शैरी दंदीवाल, भाजपा जंक्शन मंडल अध्यक्ष प्रकाश तंवर, मंडल महामंत्री गजेंद्र सिंह राठौड़, राजन अरोड़ा, महेश लखेसर, राम कक्कड़, दमयंती, पार्षद सागर गुर्जर, पुरुषोत्तम सोनी, गंगाराम महाजनी, अजय लखोटिया, जिला महामंत्री मनोज डेलु,टिब्बी मण्डल अध्यक्ष उतम सिह राठौड़, दयवंती वर्मा, राजेन्द्र खिचड़ ,सुरेश मुण्ड उपसरपंच शेरेकां सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

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