आज की रात केवल तैयारी की नहीं, समाज की एकता और इतिहास रचने की रात है.
हनुमानगढ़. मदन अरोड़ा.आज की रात सचमुच क़ातिल रात है.न किसी को आराम की चिंता है, न थकान का अहसास . हर दिल में बस एक ही धुन है,30 मई यानी कल शनिवार को अरोड़वंश समाज के आदि प्रवर्तक महाराज श्री अरुट जी की जयंती पर निकलने वाली संयुक्त शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाना.
पहली बार हनुमानगढ़ टाउन और जंक्शन की संयुक्त शोभायात्रा निकल रही है और इसे लेकर समाज के युवा, बुजुर्ग और मातृशक्ति जिस उत्साह, समर्पण और एकजुटता के साथ मैदान में उतरे हैं, उसने पूरे क्षेत्र में एक नई ऊर्जा पैदा कर दी है.
चिलचिलाती धूप भी समाज बंधुओं के हौसलों को रोक नहीं पा रही.हर कोई अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर इस आयोजन को भव्य और चिरस्मरणीय बनाने में जुटा हुआ है. ऐसा लग रहा है मानो समाज में सेवा और समर्पण की होड़ लगी हुई हो.
डॉ. निशांत बत्रा अपने हॉस्पिटल का कार्य छोड़ दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं. उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है.डॉ. निशांत बत्रा, चिमनलाल नागपाल और उनकी युवा टीम, हनुमानगढ़ जंक्शन अरोड़वंश सभा के प्रधान खैराती लाल मदान, मोहन मुंजाल, नवीन मिढ़ा, विकास जुनेजा एवं उनकी टीम, टाउन सभा के रामलुभाया तिन्ना, सतीश छाबड़ा, अजय सुखीजा, कृष्ण मदान और उनकी टीम तथा युवा अरोड़वंश के विकास डोडा, भूपी चुघ, विपुल बिलंदी, राजीव छोडा, राकेश नागपाल और उनकी टीम दिन-रात मेहनत कर शोभायात्रा को भव्य एवं चिरस्मरणीय बनाने में जुटे हैं.
इसके अलावा नरेश छाबड़ा, राजेंद्र डोडा, संदीप छाबड़ा, हरविंद्र नागपाल, सुरेश धमीजा, सुमित सुखीजा, सुनील बत्रा, संजीव जुनेजा, जय किशन चावला, सागर नागपाल, कुलभूषण, गगन अरोड़ा, मनु चिलाना, विक्रम धूड़िया, दीपक गिल्होत्रा, सुशील चावला, राकेश सेतिया, पवन मिढ़ा, इंद्र मिढ़ा, गणेश गिल्होत्रा, राजीव सिडाना, सन्नी छाबड़ा, सुशील बाघला, अनिल गगनेजा, अशोक मिढ़ा, ओम प्रकाश अरोड़ा, डॉ. रतन कामरा,लेखराज नागपाल, लवली छाबड़ा, देव नागपाल, कमल गाबा सहित बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग इस आयोजन को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानकर सेवा में जुटे हुए हैं.
सबसे भावुक और प्रेरणादायक दृश्य यह है कि समाज के बुजुर्ग भी युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं.बुजुर्गों का कहना है,जब समाज के युवा इतना समर्पण दिखा रहे हैं तो हम भी पीछे नहीं रहेंगे.
मातृशक्ति भी पूरे उत्साह के साथ आगे आकर युवाओं का हौसला बढ़ा रही है.समाज की यह एकजुटता हर किसी के मन को छू रही है.
शहर में जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं. ठंडे जल की छबीलों की व्यवस्था की जा रही है. लंगर और नाश्ते की तैयारियां हो रही हैं. हर वर्ग का व्यक्ति तन-मन से सेवा में जुटा हुआ है.समाज के युवा जिस समर्पण और उत्साह के साथ घर-घर जाकर आमंत्रण पत्र बांट रहे हैं, वह अपने आप में प्रेरणादायक है. टाउन और जंक्शन के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब समाज एक लक्ष्य के लिए एकजुट होता है तो हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है.
ऐसे अनगिनत युवा, बुजुर्ग, मातृशक्ति और समाजबंधु हैं जो बिना किसी नाम और पहचान की इच्छा के केवल समाज की एकता और गौरव के लिए सेवा में लगे हुए हैं. जिन सभी नामों का उल्लेख संभव नहीं हो पाया, उनसे क्षमा सहित समाज उनकी भावना और सेवा को हृदय से नमन करता है.
इस बार अरोड़वंश समाज केवल शोभायात्रा नहीं निकालेगा, बल्कि एक नया इतिहास लिखेगा.यह शोभायात्रा समाज में समरसता, प्रेम, भाईचारे और एकजुटता का ऐसा संदेश देगी जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी.
आइए, हम सभी अपने मतभेद भुलाकर एकजुटता का परिचय दें और अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बनाएं.यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को समाज की शक्ति, संस्कार और संगठन का संदेश देने का है.