डॉ. बत्रा, मदान और तिन्ना ने जताया आभार, आई जी चावला और डॉ. चावला ने समाज की एकजुटता पर दिया जोर
हनुमानगढ़. मदन अरोड़ा.अरोड़वंश समाज के आदि प्रवर्तक श्री अरुट जी महाराज की जयंती पर शनिवार को निकाली गई विराट एवं भव्य शोभायात्रा ने समाज की एकता, आस्था और संगठन शक्ति का ऐसा अनुपम परिचय दिया, जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा.श्रद्धालुओं के जनसैलाब और उत्साह से सराबोर यह आयोजन अरोड़वंश समाज के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया. पहली बार इस अवसर पर दोपहर 12 बजे तक मेडिकल क़ो छोड़ समाज के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे.
सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, हाथों में धर्मध्वज, जयघोषों से गूंजता वातावरण और हर चेहरे पर समाज गौरव की चमक दिखाई दी. श्री अरुट जी महाराज की जयंती पर निकली यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अरोड़वंश समाज की एकता, श्रद्धा और सामूहिक शक्ति का विराट उत्सव बन गई.
हनुमानगढ़ ने शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखा, जिसने अरोड़वंश समाज की एकजुटता, सामाजिक चेतना और गौरवशाली विरासत को नई पहचान दी. हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने शोभायात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया.एक समाज, एक पहचान और एक संकल्प के भाव को साकार करती इस विराट शोभायात्रा ने भव्यता, अनुशासन और जनसहभागिता के नए आयाम स्थापित किए.
शोभायात्रा की शुरुआत जंक्शन स्थित अरोड़वंश धर्मशाला से हुई और विभिन्न मार्गों से होती हुई टाउन पहुंची. टाउन में भी शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अरोड़वंश धर्मशाला पहुंची, जहां इसका समापन हुआ. मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया.यात्रा के दौरान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सर्व समाज, प्रभात फेरी मंडल द्वारा भव्य स्वागत किया गया. शोभायात्रा में सैकड़ों कारें, दुपहिया वाहन और ट्रैक्टर शामिल रहे. वाहनों का विशाल काफिला शहर में आकर्षण का केंद्र रहा तथा लोग सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर इस ऐतिहासिक दृश्य को निहारते रहे.
इस अवसर पर जंक्शन एवं टाउन अरोड़वंश सभा की ओर से नाश्ते एवं लंगर की व्यवस्था की गई. शोभायात्रा से पूर्व दोनों धर्मशालाओं में श्री अरुट जी महाराज की पूजा-अर्चना कर उनके त्याग, परोपकार और साहस का स्मरण किया गया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया.
जंक्शन में सभा प्रधान खैरातीलाल मदान, डॉ. बी.के. चावला, डॉ. निशांत बत्रा, मोहन मुंजाल, विकास जुनेजा, राजेंद्र मुंजाल, वरिष्ठ पत्रकार बंटी थरेजा, सुमित सुखीजा, नितिन चुघ, नवीन मिढ़ा , सुनील बत्रा, चिमन लाल नागपाल, राकेश मेहंदीरत्ता, विपिन चिलाना,टाउन प्रधान रामलुभाया तिन्ना, नरेश छाबड़ाहरविंद्र नागपाल, भवनेश ग्रोवर,राजेंद्र मिढ़ा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे.
टाउन अरोड़वंश धर्मशाला में भी आयोजन की शुरुआत आदि प्रवर्तक श्री अरुट जी महाराज की पूजा-अर्चना से हुई. इस अवसर पर सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला, सर्जन डॉ. बी.के. चावला, जंक्शन प्रधान खैराती लाल मदान, टाउन प्रधान रामलुभाया तिन्ना, राजेंद्र मुंजाल, विकास जुनेजा, सुमित सुखीजा, ओम प्रकाश डोडा, जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र बठला, कपिल कालड़ा, नरेंद्र मिढा , वरिष्ठ पत्रकार मदन अरोड़ा, अनिल धूड़िया, सतीश कटारिया, सतीश छाबड़ा, प्रेम सेतिया, अजय सुखीजा, ओम प्रकाश जुनेजा, करतार सिंह गुम्बर, अनिल गुम्बर, इंद्रजीत चराया, रमेश छाबड़ा, विनोद छाबड़ा, कश्मीरी लाल छाबड़ा, कृष्ण मदान, नरेंद्र छाबड़ा, सुरेंद्र छाबड़ा, देवेंद्र पपनेजा, सुरेश जुनेजा, भवनेश ग्रोवर, मनोहर लाल कुक्कड़, अतुल ढिंगड़ा,प्यारे लाल काठपाल,रमेश गुम्बर, एडवोकेट नितिन छाबड़ा, रमेश मिढ़ा , नरेश छाबड़ा, ओम मिढ़ा , वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी डुमरा, मोंटू चुघ, भोली जुनेजा, संदीप नागपाल, कुलदीप नागपाल, इंद्रमोहन नारंग, एडवोकेट श्याम लाल नागपाल, मदन लाल सेतिया, विकास डोडा, विशाल छाबड़ा तथा युवा अरोड़वंश टीम के विकास विक्की डोडा, भूपेंद्र चुघ, दीपक धूड़िया, राजीव छोड़ा, टिंकू सेतिया, विपुल बिलंदी, नवदीप कथूरिया, दीपक कटारिया, रोहित भठेजा, नीरज मंगवाना, आशीष ग्रोवर, आयुष ग्रोवर, राजू जुनेजा, सोनू सिड़ाना, रोहित सुखीजा, आनंद धमीजा, नीरज अंगी सहित बड़ी संख्या में युवा एवं प्रबुद्धजन उपस्थित थे.
एकजुट समाज ही सबसे बड़ी शक्ति : गिरीश चावला व डॉ. बी.के. चावला-
इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. बी.के. चावला ने समाज की एकता को सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए सभी समाजबंधुओं से संगठित रहने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी आर्थिक सम्पन्नता या संख्या में नहीं, बल्कि उसकी एकजुटता, आपसी विश्वास और सामूहिक चेतना में निहित होती है. जो समाज संगठित रहता है, वह न केवल स्वयं मजबूत बनता है, बल्कि उसकी शक्ति और प्रभाव का अहसास अन्य समाजों को भी कराता है.
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि दुनिया हमेशा उसी समाज को सम्मान देती है, जो अपने हितों, मूल्यों और संस्कारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़ा रहता है. बिखरा हुआ समाज अपनी पहचान और प्रभाव खो देता है, जबकि संगठित समाज हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है. एक ताकतवर समाज को ही दुनिया पूछती है, उसके विचारों को महत्व देती है और उसके सामर्थ्य को सलाम करती है.
दोनों वक्ताओं ने कहा कि आज श्री अरुट महाराज जी की जयंती पर निकली ऐतिहासिक एवं विराट शोभायात्रा ने यह संदेश दिया है कि अरोड़वंश समाज जब एक मंच, एक ध्वज और एक उद्देश्य के साथ खड़ा होता है तो उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है. यह एकजुटता केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक सुख-दुःख, सामाजिक सरोकार और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी बनी रहनी चाहिए.
धन्यवाद ज्ञापन-
अरोड़वंश समाज के आदि प्रवर्तक श्री अरुट महाराज जी की जयंती पर आयोजित भव्य, विराट एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा की अभूतपूर्व सफलता पर युवा अरोड़वंश टीम की ओर से डॉ. निशांत बत्रा ने समाज के सभी बुजुर्गों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बच्चों का हृदय से आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं थी, बल्कि अरोड़वंश समाज की एकता, संगठन शक्ति, सामाजिक चेतना और अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति सम्मान का जीवंत प्रदर्शन थी. जिस प्रकार समाज के प्रत्येक वर्ग ने बिना किसी भेदभाव के तन, मन और धन से सहयोग प्रदान किया, उसी का परिणाम है कि यह आयोजन भव्यता, अनुशासन और जनसहभागिता के नए प्रतिमान स्थापित कर सका.
डॉ. बत्रा ने विशेष रूप से उन युवाओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने कई दिनों तक दिन-रात मेहनत कर आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. साथ ही समाज के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन, मातृशक्ति के उत्साह एवं समाजबंधुओं के सहयोग को इस ऐतिहासिक सफलता का आधार बताया.
उन्होंने कहा कि आज की शोभायात्रा ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब अरोड़वंश समाज एक ध्वज, एक विचार और एक उद्देश्य के साथ खड़ा होता है, तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता. यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को समाज की एकता, संस्कार और संगठन की प्रेरणा देता रहेगा.
जंक्शन अरोड़वंश सभा के अध्यक्ष खैराती लाल मदान तथा टाउन अरोड़वंश सभा के प्रधान रामलुभाया तिन्ना ने भी समस्त समाज बंधुओं, सहयोगकर्ताओं, प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक शोभायात्रा पूरे अरोड़वंश समाज की सामूहिक मेहनत, समर्पण और एकजुटता का परिणाम है.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की यही एकता और भाईचारा भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा तथा अरोड़वंश समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा.
यह शोभायात्रा समाप्त नहीं हुई है, बल्कि अरोड़वंश समाज की एकता, गौरव और संगठन के एक नए युग का शुभारंभ कर गई है.